कार्डिएक अरेस्ट से गयी श्रीदेवी की जान, जानिए इसके लक्षण और कैसे कर सकते हैं बचाव?

मुंबई में कल होगा श्रीदेवी का अंतिम संस्कार
मुंबई में कल होगा श्रीदेवी का अंतिम संस्कार, शव को भारत लाने की अनुमति मिली

मुंबई। बॉलीवुड की सदाबहार एक्ट्रेस श्रीदेवी को अचानक कार्डिएक अरेस्ट होने से शनिवार देर रात उनकी मौत हो गई। बता दें कि श्रीदेवी को न ही कोई दिल की बीमारी थी और न ही वो किसी तनाव में थी। वो दुबई में अपने एक रिश्तेदार की शादी में शामिल होने गई थी, लेकिन शादी समारोह के दौरान ही उन्हें कार्डिएक अरेस्ट आ गया और अचानक उनकी मौत हो गई। इस हादसे के बाद से लोगों के मन में एक ही सवाल उठ रहा है कि आखिर यह कार्डिएक अरेस्ट अथवा हार्ट अटैक दो चीजें अगल-अलग कैसे हैं और क्या कार्डियाक अरेस्ट से बचाव संभव है?

Sridevi Passed Away Due Cardiac Arrest Cardiac Arrest Symptoms Causes :

लक्षण
अगर किसी ठीकठाक व्यक्ति का बीपी अचानक डाउन हो जाए। शरीर पीला पड़ने लगे और वह लड़खड़ाकर जमीन पर गिर जाए। इसी के साथ उसकी धड़कन अनियमित हो जाए और पल्स बंद हो जाए तो यह कार्डिएक अरेस्ट का लक्षण हो सकता है। कभी-कभी सांस फूलना, उल्टी या चेस्ट पेन जैसे लक्षण भी दिखाई देते हैं।

अगर आपके सामने किसी व्यक्ति को कार्डिएक अरेस्ट हो जाए तो सीपीआर (Cardio-Pulmonary Resuscitation) देकर उसके सर्वाइवल रेट को बढ़ाया जा सकता है।

ऐसे दें सीपीआर

मरीज को आराम से जमीन पर हवा वाली जगह पर लिटा दें। उसकी चिन को थोड़ा सा ऊपर करें सिर को इस तरह से ऊपर कर दें ताकि जीभ अंदर न गिरे।
अब मरीज की चेस्ट के बीच में जोर-जोर से पुश करें या मुक्का मारें। इस प्रक्रिया का कार्डिएक थंप कहते हैं। इसके बाद सीपीआर शुरू करें।

ऐसे शुरू करें सीपीआर

मरीज के पास बैठकर अपना दायां हाथ मरीज के सीने पर रखें, दूसरा हाथ इसी के ऊपर रखें और उंगलियों को आपस में फंसा लें। हथेलियों से 10 मिनट के लिए सीने के बीच वाले हिस्से को जोर से दबाएं। एक मिनट में 80 से 100 की रफ्तार से दबाएं। इस प्रक्रिया में आपका जोर से और तेज-तेज दबाना जरूरी है। इतना तेज दबाएं कि हर बार सीना करीब डेढ़ इंच नीचे जाए। इसी बीच किसी से डॉक्टर को बुलवा लें लेकिन जब तक डॉक्टर न आ जाएं रुकें नहीं। नब्ज देखने के लिए भी न रुकें।

मुंबई। बॉलीवुड की सदाबहार एक्ट्रेस श्रीदेवी को अचानक कार्डिएक अरेस्ट होने से शनिवार देर रात उनकी मौत हो गई। बता दें कि श्रीदेवी को न ही कोई दिल की बीमारी थी और न ही वो किसी तनाव में थी। वो दुबई में अपने एक रिश्तेदार की शादी में शामिल होने गई थी, लेकिन शादी समारोह के दौरान ही उन्हें कार्डिएक अरेस्ट आ गया और अचानक उनकी मौत हो गई। इस हादसे के बाद से लोगों के मन में एक ही सवाल उठ रहा है कि आखिर यह कार्डिएक अरेस्ट अथवा हार्ट अटैक दो चीजें अगल-अलग कैसे हैं और क्या कार्डियाक अरेस्ट से बचाव संभव है?लक्षण अगर किसी ठीकठाक व्यक्ति का बीपी अचानक डाउन हो जाए। शरीर पीला पड़ने लगे और वह लड़खड़ाकर जमीन पर गिर जाए। इसी के साथ उसकी धड़कन अनियमित हो जाए और पल्स बंद हो जाए तो यह कार्डिएक अरेस्ट का लक्षण हो सकता है। कभी-कभी सांस फूलना, उल्टी या चेस्ट पेन जैसे लक्षण भी दिखाई देते हैं।अगर आपके सामने किसी व्यक्ति को कार्डिएक अरेस्ट हो जाए तो सीपीआर (Cardio-Pulmonary Resuscitation) देकर उसके सर्वाइवल रेट को बढ़ाया जा सकता है।ऐसे दें सीपीआरमरीज को आराम से जमीन पर हवा वाली जगह पर लिटा दें। उसकी चिन को थोड़ा सा ऊपर करें सिर को इस तरह से ऊपर कर दें ताकि जीभ अंदर न गिरे। अब मरीज की चेस्ट के बीच में जोर-जोर से पुश करें या मुक्का मारें। इस प्रक्रिया का कार्डिएक थंप कहते हैं। इसके बाद सीपीआर शुरू करें। ऐसे शुरू करें सीपीआरमरीज के पास बैठकर अपना दायां हाथ मरीज के सीने पर रखें, दूसरा हाथ इसी के ऊपर रखें और उंगलियों को आपस में फंसा लें। हथेलियों से 10 मिनट के लिए सीने के बीच वाले हिस्से को जोर से दबाएं। एक मिनट में 80 से 100 की रफ्तार से दबाएं। इस प्रक्रिया में आपका जोर से और तेज-तेज दबाना जरूरी है। इतना तेज दबाएं कि हर बार सीना करीब डेढ़ इंच नीचे जाए। इसी बीच किसी से डॉक्टर को बुलवा लें लेकिन जब तक डॉक्टर न आ जाएं रुकें नहीं। नब्ज देखने के लिए भी न रुकें।