वाराणसी हादसा: पुल टूटने की अफवाह से मची भगदड़, मरने वालों संख्या 19 से 23

वाराणसी। उत्तर प्रदेश के वाराणसी में शनिवार को राजघाट के पुल पर मची भगदड़ में हुई मौतों के पीछे पुल के टूटने की अफवाह फैलाई गयी थी। बता दें कि भारी संख्या में लोग डुमरिया स्थित जय गुरुदेव के आश्रम में समागम में शामिल होने के लिए पहुंचे थे। पुल टूटने की अफवाह फैलने पर लोग इधर-उधर भागने लगे, इस भगदड़ में कई लोग बुरी तरह कुचल गए, जिसमें 23 लोगों की मौत हो गयी, जबकि कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये देने का ऐलान किया है और घायलों का मुफ्त इलाज करने की बात भी कही है।




वहीं जय गुरु देव संस्थान के मीडिया प्रभारी राज बहादुर का कहना है कि जब लोग पुल पर पहुंचे तो यह अफवाह फैलाई गई कि पुल टूट रहा है, जिसके बाद यह भगदड़ मच गयी। राज बहादुर ने पुलिस प्रशासन पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए कहा कि कार्यक्रम को लेकर कोई व्यवस्था नहीं की गई थी जबकि इसकी सूचना पहले ही दे दी गई थी।

मौके पर एडीजी लॉं एंड ऑर्डर दलजीत सिंह चौधरी को भेजा गया है। वही आईजी जोन वाराणसी एसके भगत ने जयगुरुदेव संस्था पर आरोप लगते हुए कहा कि तीन हजार लोगों की अनुमति लेकर लाखों की भीड़ जुटाई गई। उन्होंने कहा कि भीड़ ज्यादा होने की वजह से हादसा हुआ है।




PM मोदी ने जताया शोक–

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शोक जताते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। पीएम ने घायलों के लिए प्रार्थना भी की है। पीएम ने संबंधित अधिकारियों से भी बात की है और हरसंभव मदद का भरोसा दिया है। वहीं गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने भी शोक जताते हुए जानकारी दी कि उन्होंने वाराणसी के कमिश्नर से बात कर हालात की जानकारी ली और प्रभावित लोगों को हरसंभव मदद करने का आश्वासन दिया।

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