महिला सुरक्षा मे नाकाम हैं राज्य सरकारे, UP सरकार ने निर्भया फंड का 3.30 % ही किया इस्तेमाल

State Governments fail in women safety
महिला सुरक्षा मे नाकाम हैं राज्य सरकारे, UP सरकार ने निर्भया फंड का 3.30 % ही किया इस्तेमाल

नई दिल्ली। जहां एक तरफ देश में महिलाओं के खिलाफ अपराध बढ़ते जा रहे हैं वहीं ज्यादातर राज्य सरकारें ऐसे मामलों में उदासीन नजर आ रही हैं। हाल ही में हैदराबाद में एक महिला डॉक्टर के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया और उसके बाद उसे जिंदा जला दिया गया। इस मामले को लेकर पूरे देश में सड़क से लेकर संसद तक आक्रोश है। वहींं महिला सिक्योरिटी के नाम पर राज्यो को दिये गये निर्भया फंड के मामले में एक बड़ी खबर सामने आयी है। बताया गया कि 11 राज्यों ने फंड का एक भी रूपया खर्च नही किया है जो बहुत ही शर्मनाक है।

State Governments Fail In Women Safety Up Government Used Only 3 30 Of Nirbhaya Fund :

आपको बता दें कि दिल्ली में 2012 में हुए निर्भया गैंगरेप कांड के बाद सरकार ने महिलाओं की सुरक्षा के लिए समर्पित एक विशेष फंड की घोषणा की थी और इस फंड का नाम निर्भया के नाम से रखा गया था। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय से जुड़ी योजनाओं के लिये 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को महिला हेल्पलाइन, वन स्टाप सेंटर स्कीम समेत कई योजनाओं के लिये धन आवंटित किया गया था। लेकिन लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान सरकार की तरफ से पेश किये गये आंकड़ो के मुताबिक महिला सुरक्षा के लिए स्थापित निर्भया फंड में से कुछ राज्यों ने जहां नाममात्र की धनराशि खर्च की तो वहीं 11 ऐसे राज्य रहे जिन्होने एक भी रूपया नही खर्च किया।

उत्तर प्रदेश में 119 करोड़ रूपये आवंटित हुए लेकिन यूपी ने 3.30 प्रतिशत ही खर्च किये यानी सिर्फ 3.93 करोड़ रूपये। इसी तरह दिल्ली ने 4.96 प्रतिशत के तहत 390.90 करोड़ रुपए में से सिर्फ 19.41 करोड़ रुपए खर्च किए। कर्नाटक ने 7.10 प्रतिशत, 191.72 करोड़ रुपए में से सिर्फ 13.62 करोड़ रुपए, तेलंगाना ने 103 करोड़ रुपए में से सिर्फ 4.06 प्रतिशत यानी केवल 4.19 करोड़ रुपए खर्च किए। वहीं मध्य प्रदेश ने 14.80 प्रतिशत, तमिलनाडु ने 3.14 प्रतिशत, गुजरात ने 1.6 प्रतिशत, बिहार ने 31.08 प्रतिशत खर्च किये हैं।

बात महिला हेल्पलाईन की करें तो दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, कर्नाटक, झारखंड, राजस्थान, पश्चिम बंगाल, दादरा नगर हवेली और गोवा में एक भी पैसा नही खर्च किया गया। वहीं वन स्टाप स्कीम के तहत भी बिहार, दिल्ली, कर्नाटक, लक्षद्वीप, पुडुचेरी, पश्चिम बंगाल ने पैसा नही खर्च किया। बात अगर महिला पुलिस स्वयंसेवक योजना की करें तो इसमे अंडमान निकोबार, झारखंड, कर्नाटक, मध्यप्रदेश, मिजोरम, नगालैंड, त्रिपुरा और उत्तराखंड ने कोई राशि खर्च नहीं की।

आपको बता दें कि न्याय विभाग ने निर्भया कोष के तहत परियोजनाओं को आगे बढ़ाने के लिये 11 राज्यों, झारखंड, कर्नाटक, केरल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, मणिपुर, नगालैंड, ओडिशा, राजस्थान, त्रिपुरा तथा उत्तराखंड को धन आवंटित किया था। लेकिन इन राज्यों में इस फंड का एक भी रूपया नही खर्चा किया गया।

 

नई दिल्ली। जहां एक तरफ देश में महिलाओं के खिलाफ अपराध बढ़ते जा रहे हैं वहीं ज्यादातर राज्य सरकारें ऐसे मामलों में उदासीन नजर आ रही हैं। हाल ही में हैदराबाद में एक महिला डॉक्टर के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया और उसके बाद उसे जिंदा जला दिया गया। इस मामले को लेकर पूरे देश में सड़क से लेकर संसद तक आक्रोश है। वहींं महिला सिक्योरिटी के नाम पर राज्यो को दिये गये निर्भया फंड के मामले में एक बड़ी खबर सामने आयी है। बताया गया कि 11 राज्यों ने फंड का एक भी रूपया खर्च नही किया है जो बहुत ही शर्मनाक है। आपको बता दें कि दिल्ली में 2012 में हुए निर्भया गैंगरेप कांड के बाद सरकार ने महिलाओं की सुरक्षा के लिए समर्पित एक विशेष फंड की घोषणा की थी और इस फंड का नाम निर्भया के नाम से रखा गया था। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय से जुड़ी योजनाओं के लिये 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को महिला हेल्पलाइन, वन स्टाप सेंटर स्कीम समेत कई योजनाओं के लिये धन आवंटित किया गया था। लेकिन लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान सरकार की तरफ से पेश किये गये आंकड़ो के मुताबिक महिला सुरक्षा के लिए स्थापित निर्भया फंड में से कुछ राज्यों ने जहां नाममात्र की धनराशि खर्च की तो वहीं 11 ऐसे राज्य रहे जिन्होने एक भी रूपया नही खर्च किया। उत्तर प्रदेश में 119 करोड़ रूपये आवंटित हुए लेकिन यूपी ने 3.30 प्रतिशत ही खर्च किये यानी सिर्फ 3.93 करोड़ रूपये। इसी तरह दिल्ली ने 4.96 प्रतिशत के तहत 390.90 करोड़ रुपए में से सिर्फ 19.41 करोड़ रुपए खर्च किए। कर्नाटक ने 7.10 प्रतिशत, 191.72 करोड़ रुपए में से सिर्फ 13.62 करोड़ रुपए, तेलंगाना ने 103 करोड़ रुपए में से सिर्फ 4.06 प्रतिशत यानी केवल 4.19 करोड़ रुपए खर्च किए। वहीं मध्य प्रदेश ने 14.80 प्रतिशत, तमिलनाडु ने 3.14 प्रतिशत, गुजरात ने 1.6 प्रतिशत, बिहार ने 31.08 प्रतिशत खर्च किये हैं। बात महिला हेल्पलाईन की करें तो दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, कर्नाटक, झारखंड, राजस्थान, पश्चिम बंगाल, दादरा नगर हवेली और गोवा में एक भी पैसा नही खर्च किया गया। वहीं वन स्टाप स्कीम के तहत भी बिहार, दिल्ली, कर्नाटक, लक्षद्वीप, पुडुचेरी, पश्चिम बंगाल ने पैसा नही खर्च किया। बात अगर महिला पुलिस स्वयंसेवक योजना की करें तो इसमे अंडमान निकोबार, झारखंड, कर्नाटक, मध्यप्रदेश, मिजोरम, नगालैंड, त्रिपुरा और उत्तराखंड ने कोई राशि खर्च नहीं की। आपको बता दें कि न्याय विभाग ने निर्भया कोष के तहत परियोजनाओं को आगे बढ़ाने के लिये 11 राज्यों, झारखंड, कर्नाटक, केरल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, मणिपुर, नगालैंड, ओडिशा, राजस्थान, त्रिपुरा तथा उत्तराखंड को धन आवंटित किया था। लेकिन इन राज्यों में इस फंड का एक भी रूपया नही खर्चा किया गया।