राजस्थान चुनाव : राजनैतिक पंडित लगा रहे कयास, बीजेपी को मिल सकती है शिकस्त

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राजस्थान चुनाव : राजनैतिक पंडित लगा रहे कयास, बीजेपी को मिल सकती है शिकस्त

जयपुर। राजस्थान और तेलंगाना में आज विधानसभा चुनावों के लिए वोटिंग की जा रही है। अब ऐसे में सभी ​की निगाहें एक्जिट पोल पर टिकी हुई है। इस बीच राजनैतिक पंडितों ने भी अपने—अपने कयास लगाने शुरु कर दिए है। जानकारों का कहना है कि बीते 25 सालों से राजस्थान का जो इतिहास रहा है, वो इस बार भी दोहराया जाएगा। दरअसल राजस्थान में बीजेपी और कांग्रेस पांच-पांच साल तक सरकार चलाती है। बीते पांच वर्षों से वहां बीजेपी सरकार थी, जिसके बाद अब कांग्रेस की सरकार बनने की प्रबल संभावनाएं जताई जा रही है।

Story On Rajasthan And Telangana Election :

बीते एक माह से राजस्थान में मची चुनावी हलचल के बीच पहले तो कयास लगाए जा रहे थे, यहां इस बार के चुनावों में बीजेपी को लोग मैच से बाहर मान रहे थे। हालाकि इसकी भनक पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को मिली तो वहां पीएम मोदी से लेकर भाजपा अध्यक्ष अमित शात ने एक के एक दर्जनों रैलियां की, जिससे लहर में थोड़ा बदलाव आ गया और बीजेपी दोबारा लड़ाई में शामिल हो गई। हालाकि राजनैतिक विश्लेशकों का अभी भी यहीं मानना है कि बीजेपी के शूरमाओं द्वारा बहाए गए पसीने से भले ही पार्टी लड़ाई में वापस आ गई हो, नाव कांग्रेस की ही पार लगेगी।

राजनैतिक पंडितों द्वारा ऐसे कयास लगाने का मुख्य वजह राजस्थान की जनता द्वारा लगातार बीजेपी पर उठाई जा रही लगातार उंगलियां और ग्राउंड लेवल पर किया गया सर्वे है। राजस्थान की जनता बीजेपी को विकास के मुद्दे पर लगातार फेल बता रही है।

हालांकि जनता का अंतिम फैसला 11 दिसंबर को ही सामने आएगा क्योंकि इसी दिन मतगणना होनी है। लोकसभा चुनाव से पहले सेमीफाइनल माने जा रहे पांच राज्यों के इन चुनावों के लिए बीजेपी और कांग्रेस ने पूरी ताकत झोंक दी थी। बता दें कि मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और मिजोरम में पहले ही वोटिंग हो चुकी है।

आज राजस्थान में 199 सीटों के लिए वोटिंग चल रही है। अलवर जिले की रामगढ़ सीट से बीएसपी उम्मीदवार के निधन की वजह से वहां वोटिंग नहींं कराई जा रही है। वहीं तेलंगाना में 119 सीटों के लिए भी आज तमदान चला रहा है। यहां नक्सल प्रभावित क्षेत्रों की 13 सीटों पर शाम 4 बजे जबकि अन्य सीटों पर शाम 5 बजे तक वोटिंग कराई जाएगी।

जयपुर। राजस्थान और तेलंगाना में आज विधानसभा चुनावों के लिए वोटिंग की जा रही है। अब ऐसे में सभी ​की निगाहें एक्जिट पोल पर टिकी हुई है। इस बीच राजनैतिक पंडितों ने भी अपने—अपने कयास लगाने शुरु कर दिए है। जानकारों का कहना है कि बीते 25 सालों से राजस्थान का जो इतिहास रहा है, वो इस बार भी दोहराया जाएगा। दरअसल राजस्थान में बीजेपी और कांग्रेस पांच-पांच साल तक सरकार चलाती है। बीते पांच वर्षों से वहां बीजेपी सरकार थी, जिसके बाद अब कांग्रेस की सरकार बनने की प्रबल संभावनाएं जताई जा रही है।बीते एक माह से राजस्थान में मची चुनावी हलचल के बीच पहले तो कयास लगाए जा रहे थे, यहां इस बार के चुनावों में बीजेपी को लोग मैच से बाहर मान रहे थे। हालाकि इसकी भनक पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को मिली तो वहां पीएम मोदी से लेकर भाजपा अध्यक्ष अमित शात ने एक के एक दर्जनों रैलियां की, जिससे लहर में थोड़ा बदलाव आ गया और बीजेपी दोबारा लड़ाई में शामिल हो गई। हालाकि राजनैतिक विश्लेशकों का अभी भी यहीं मानना है कि बीजेपी के शूरमाओं द्वारा बहाए गए पसीने से भले ही पार्टी लड़ाई में वापस आ गई हो, नाव कांग्रेस की ही पार लगेगी।राजनैतिक पंडितों द्वारा ऐसे कयास लगाने का मुख्य वजह राजस्थान की जनता द्वारा लगातार बीजेपी पर उठाई जा रही लगातार उंगलियां और ग्राउंड लेवल पर किया गया सर्वे है। राजस्थान की जनता बीजेपी को विकास के मुद्दे पर लगातार फेल बता रही है।हालांकि जनता का अंतिम फैसला 11 दिसंबर को ही सामने आएगा क्योंकि इसी दिन मतगणना होनी है। लोकसभा चुनाव से पहले सेमीफाइनल माने जा रहे पांच राज्यों के इन चुनावों के लिए बीजेपी और कांग्रेस ने पूरी ताकत झोंक दी थी। बता दें कि मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और मिजोरम में पहले ही वोटिंग हो चुकी है।आज राजस्थान में 199 सीटों के लिए वोटिंग चल रही है। अलवर जिले की रामगढ़ सीट से बीएसपी उम्मीदवार के निधन की वजह से वहां वोटिंग नहींं कराई जा रही है। वहीं तेलंगाना में 119 सीटों के लिए भी आज तमदान चला रहा है। यहां नक्सल प्रभावित क्षेत्रों की 13 सीटों पर शाम 4 बजे जबकि अन्य सीटों पर शाम 5 बजे तक वोटिंग कराई जाएगी।