अजीब घटना: यहां गधों को भी हुई जेल, जमानत के बाद हुई रिहाई

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हमें रोजाना कुछ ऐसी घटनाएं सुनने को मिलती रहती है कि उन पर विश्वास करना थोड़ा कठिन होता है। लेकिन क्या अपने कभी गधों और घोड़ों को जेल से छूटते हुए देखा है? यह घटना उत्तर प्रदेश के जालौन में घटी है। इस घटना के बारे में जिसने भी सुना उसे यकीन नहीं हुआ, लेकिन यह सच है।

Strange Incidents Here Also The Assassination Of The Assassins The Release Of Bail After Bail :

गधों को हुआ कारावास:
यहां कारागार परिसर में लगाए गए पेड़ पौधों को चरने के जुर्म में दो घोड़ों और दो गधों को गिरफ्तार कर तीन दिन तक जेल में बंद रखा गया। जिला जेल के अधीक्षक ने कारागार परिसर में साज-सज्जा के लिये लगाये गये पेड़-पौधो को चरने को लेकर दो घोड़ों और दो गधों को तीन दिन तक जेल में बंद रखा।

मालिक ने करवाई रिहाई:
उनके मालिक के आने पर सोमवार शाम उन्हें छोड़ दिया गया। इस संबंध में जेल अधीक्षक तुलसी राम शर्मा ने दावा किया, ‘‘जेल के सौंदर्यीकरण के लिये कई तरह के पेड़-पौधे परिसर में लगाये गये हैं। लेकिन इन घोड़ों और गधों ने उन्हें नुकसान पहुंचाया, तो मैंने इन्हें जेल में बंद कर दिया।’’

हमें रोजाना कुछ ऐसी घटनाएं सुनने को मिलती रहती है कि उन पर विश्वास करना थोड़ा कठिन होता है। लेकिन क्या अपने कभी गधों और घोड़ों को जेल से छूटते हुए देखा है? यह घटना उत्तर प्रदेश के जालौन में घटी है। इस घटना के बारे में जिसने भी सुना उसे यकीन नहीं हुआ, लेकिन यह सच है।गधों को हुआ कारावास: यहां कारागार परिसर में लगाए गए पेड़ पौधों को चरने के जुर्म में दो घोड़ों और दो गधों को गिरफ्तार कर तीन दिन तक जेल में बंद रखा गया। जिला जेल के अधीक्षक ने कारागार परिसर में साज-सज्जा के लिये लगाये गये पेड़-पौधो को चरने को लेकर दो घोड़ों और दो गधों को तीन दिन तक जेल में बंद रखा।मालिक ने करवाई रिहाई: उनके मालिक के आने पर सोमवार शाम उन्हें छोड़ दिया गया। इस संबंध में जेल अधीक्षक तुलसी राम शर्मा ने दावा किया, ‘‘जेल के सौंदर्यीकरण के लिये कई तरह के पेड़-पौधे परिसर में लगाये गये हैं। लेकिन इन घोड़ों और गधों ने उन्हें नुकसान पहुंचाया, तो मैंने इन्हें जेल में बंद कर दिया।’’