लापरवाही: दो माह बीतने के बाद भी प्राइमरी स्कूलों में नही बंटी किताबे,प्रमुख सचिव ने बीएसए को लगाई फटकार

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लापरवाही: दो माह बीतने के बाद भी प्राइमरी स्कूलों में नही बंटी किताबे,प्रमुख सचिव ने बीएसए को लगाई फटकार

लखनऊ। सरकार द्वारा चलाए जा रहे सर्वशिक्षा अभियान और सब पढ़े- सब बढ़े पर उसी के अधिकारी पलीता लगाने पर तुले हुए है। इसकी बानगी राजधानी लखनऊ के मोहनलालगंज विकासखण्ड में देखने को मिली। जहां ज्यादातर प्राथमिक व उच्च प्राथमित विद्यालयों में बच्चों को अभी तक किताबे नही दी गई है। जो कही न कही शिक्षा विभाग के अधिकारियों की लापरवाही को उजागर कर रहा है। जिसका खामियाजा नौनिहार भुगत रहे है। आलम ये है कि बच्चे पुरानी किताबों से पढ़ने को मजबूर है।

Student Of Primary And Upper Primary School Not Found Booke After Two Month Of New Sesion :

इस खुलासा तब हुआ जब गुरुवार को प्रमुख सचिव सिंचाई एवं जल संसाधन टी. वेंकटेश मोहनलालगंज ब्लाक के दौरे पर पहुंचे। सबसे पहले उन्होने खंड विकास कार्यालय का निरीक्षण किया और वहां ग्रिड रूम सौर उर्जा प्लांट का उद्घाटन किया। इसके बाद वो ब्लाक में स्थित कई विद्यालयों का निरीक्षण करने पहुंचे। उनके साथ डीएम कौशल राज शर्मा और सीडीओ मनीष बंसल भी मौजूद थे। इस दौरान उन्होने गौरा प्राइमरी स्कूल के बच्चों के पास पुरानी किताबे देखकर पूछा बच्चों से पूछा तो पता चला कि अभी तक उन्हे नई पुस्तके मुहैया नहीं कराई गई।

ये देख उनका पारा चढ़ गया और उन्होने बीएसए को फटकार लगाते हुए जल्द ही किताबे मुहैया कराकर रिपोर्ट भेजने को कहा। वहीं उन्होने गौरा के उच्च प्राथमिक विद्यालय के बच्चों से किताब पढ़ने को कहा ​तो बच्चों ने हिंदी की किताब तो पढ़ ली, लेकिन अंग्रेजी में बच्चे अटक गए। ये देख उन्होने बीएसए डा. अमरकांत सिंह को बच्चों की पढ़ाई पर ध्यान देने का निर्देश दिया।

प्रमुख सचिव ने स्कूल में बंटने वाले मिड’डे मील की गुणवत्ता भी परखी। इस दौरान रसोईयों द्वारा मानदेय न मिलने की शिकायत मिलने पर जिलाधिकारी कौशलराज शर्मा को समस्या का जल्द से जल्द निराकरण करने का आदेश दिया। उन्होने कहा कि सम्बंधित विभाग के अधिकारियों को जल्द से जल्द इस समस्या का समाधान निकालने की जिम्मेदारी सुनिश्चित की जाए।

लखनऊ। सरकार द्वारा चलाए जा रहे सर्वशिक्षा अभियान और सब पढ़े- सब बढ़े पर उसी के अधिकारी पलीता लगाने पर तुले हुए है। इसकी बानगी राजधानी लखनऊ के मोहनलालगंज विकासखण्ड में देखने को मिली। जहां ज्यादातर प्राथमिक व उच्च प्राथमित विद्यालयों में बच्चों को अभी तक किताबे नही दी गई है। जो कही न कही शिक्षा विभाग के अधिकारियों की लापरवाही को उजागर कर रहा है। जिसका खामियाजा नौनिहार भुगत रहे है। आलम ये है कि बच्चे पुरानी किताबों से पढ़ने को मजबूर है।इस खुलासा तब हुआ जब गुरुवार को प्रमुख सचिव सिंचाई एवं जल संसाधन टी. वेंकटेश मोहनलालगंज ब्लाक के दौरे पर पहुंचे। सबसे पहले उन्होने खंड विकास कार्यालय का निरीक्षण किया और वहां ग्रिड रूम सौर उर्जा प्लांट का उद्घाटन किया। इसके बाद वो ब्लाक में स्थित कई विद्यालयों का निरीक्षण करने पहुंचे। उनके साथ डीएम कौशल राज शर्मा और सीडीओ मनीष बंसल भी मौजूद थे। इस दौरान उन्होने गौरा प्राइमरी स्कूल के बच्चों के पास पुरानी किताबे देखकर पूछा बच्चों से पूछा तो पता चला कि अभी तक उन्हे नई पुस्तके मुहैया नहीं कराई गई।ये देख उनका पारा चढ़ गया और उन्होने बीएसए को फटकार लगाते हुए जल्द ही किताबे मुहैया कराकर रिपोर्ट भेजने को कहा। वहीं उन्होने गौरा के उच्च प्राथमिक विद्यालय के बच्चों से किताब पढ़ने को कहा ​तो बच्चों ने हिंदी की किताब तो पढ़ ली, लेकिन अंग्रेजी में बच्चे अटक गए। ये देख उन्होने बीएसए डा. अमरकांत सिंह को बच्चों की पढ़ाई पर ध्यान देने का निर्देश दिया।प्रमुख सचिव ने स्कूल में बंटने वाले मिड'डे मील की गुणवत्ता भी परखी। इस दौरान रसोईयों द्वारा मानदेय न मिलने की शिकायत मिलने पर जिलाधिकारी कौशलराज शर्मा को समस्या का जल्द से जल्द निराकरण करने का आदेश दिया। उन्होने कहा कि सम्बंधित विभाग के अधिकारियों को जल्द से जल्द इस समस्या का समाधान निकालने की जिम्मेदारी सुनिश्चित की जाए।