30 रु. के खर्च में 60 km चलेगी बाइक

गोरखपुर| यूपी के गोरखपुर मे आईटीएम गीडा मकैनिकल इंजीनियरिंग के 5 स्टूडेंट्स ने एक ऐसी बाइक तैयार की है जोकि इकोफ्रैंडली है। ये बाइक पेट्रोल के मुक़ाबले 10 गुना कम कार्बन उगलेगी और जेब पर भी आधा खर्च आएगा। आपको जानकर हैरानी होगी कि ये फ्यूल कोई भी घर बैठे तैयार कर सकता है। बाइक को तैयार करने में इन पाँच स्टूडेंट्स ने मेहनत की है- अनीश सिंह, निरंजन गुप्ता, पुनीत कुमार सिंह, गंगा सागर मिश्र और निकेत गिरी। जिनमे से अनीश ने बातचीत के दौरान बताया कि कॉलेज प्रोजेक्ट के वक़्त ये बाइक तैयार की गयी हैं। अनीश का कहना है कि वो मोदी के मेक इन इंडिया से इंस्पायर्ड हैं। उन्होने कहा कि एसिटिलीन फ्यूल का यूज करके देश में पहली बार बाइक बनाई गई है। अगर बड़ी कंपनियों और मोदी-योगी गवर्नमेंट का साथ मिलेगा तो हम इसे और मॉडिफाइ करके बेहतर बना सकते हैं।



Students Invents Ecofriendly Bike In Gorakhpur :

ऐसे तैयार हुयी बाइक

पांचो स्टूडेंट्स ने बताया कि हमने पुराने मॉडल की पेट्रोल से चलने वाली एक पुरानी राजदूत कबाड़ी वाले से खरीदी। 7500 रुपए खर्च करके इसे पेट्रोल से चलने लायक बनाया। एक छोटे सिलेंडर के आकर का फ्यूल कलेक्शन सिलिंडर बनाया। जिसके बाद बाइक के होरिजोंटल टू स्ट्रोक इंजन में थोड़ा बदकाव किया। इसमे RPM (Revolutions per minute) 1400 से घटाकर 1150 किया। इससे इंजम कम गर्म रहेगा। बाइक के कारबोरेटर में थोड़ा चेंज करके उसे एक नोजल (कनेक्टर) के सहारे जोड़ दिया, ताकि इंजन को एसिटिलीन मिल सके।




ऐसे बनाई एसिटिलीन गैस

स्टूडेंट्स के प्रोजेक्ट गाइड विनीत कुमार राय ने बताया कि सबसे पहले एक लीटर एसिटिलीन बनाने के लिए कैल्शियम कार्बाइड 300 ग्राम और 700 एमएल वॉटर लिया। इसके बाद दोनों को गर्म करके ये फ्यूल बनाया। इस एक लीटर एसिटिलीन को बनने में 30 से 35 रुपए का खर्च आया। सहयोगी अभिषेक त्रिपाठी ने बताया कि इस प्रोजेक्ट को इस स्टेज पर लाने के लिए 5 महीने लग गए।

गोरखपुर| यूपी के गोरखपुर मे आईटीएम गीडा मकैनिकल इंजीनियरिंग के 5 स्टूडेंट्स ने एक ऐसी बाइक तैयार की है जोकि इकोफ्रैंडली है। ये बाइक पेट्रोल के मुक़ाबले 10 गुना कम कार्बन उगलेगी और जेब पर भी आधा खर्च आएगा। आपको जानकर हैरानी होगी कि ये फ्यूल कोई भी घर बैठे तैयार कर सकता है। बाइक को तैयार करने में इन पाँच स्टूडेंट्स ने मेहनत की है- अनीश सिंह, निरंजन गुप्ता, पुनीत कुमार सिंह, गंगा सागर मिश्र और निकेत गिरी। जिनमे से अनीश ने बातचीत के दौरान बताया कि कॉलेज प्रोजेक्ट के वक़्त ये बाइक तैयार की गयी हैं। अनीश का कहना है कि वो मोदी के मेक इन इंडिया से इंस्पायर्ड हैं। उन्होने कहा कि एसिटिलीन फ्यूल का यूज करके देश में पहली बार बाइक बनाई गई है। अगर बड़ी कंपनियों और मोदी-योगी गवर्नमेंट का साथ मिलेगा तो हम इसे और मॉडिफाइ करके बेहतर बना सकते हैं। ऐसे तैयार हुयी बाइकपांचो स्टूडेंट्स ने बताया कि हमने पुराने मॉडल की पेट्रोल से चलने वाली एक पुरानी राजदूत कबाड़ी वाले से खरीदी। 7500 रुपए खर्च करके इसे पेट्रोल से चलने लायक बनाया। एक छोटे सिलेंडर के आकर का फ्यूल कलेक्शन सिलिंडर बनाया। जिसके बाद बाइक के होरिजोंटल टू स्ट्रोक इंजन में थोड़ा बदकाव किया। इसमे RPM (Revolutions per minute) 1400 से घटाकर 1150 किया। इससे इंजम कम गर्म रहेगा। बाइक के कारबोरेटर में थोड़ा चेंज करके उसे एक नोजल (कनेक्टर) के सहारे जोड़ दिया, ताकि इंजन को एसिटिलीन मिल सके। ऐसे बनाई एसिटिलीन गैसस्टूडेंट्स के प्रोजेक्ट गाइड विनीत कुमार राय ने बताया कि सबसे पहले एक लीटर एसिटिलीन बनाने के लिए कैल्शियम कार्बाइड 300 ग्राम और 700 एमएल वॉटर लिया। इसके बाद दोनों को गर्म करके ये फ्यूल बनाया। इस एक लीटर एसिटिलीन को बनने में 30 से 35 रुपए का खर्च आया। सहयोगी अभिषेक त्रिपाठी ने बताया कि इस प्रोजेक्ट को इस स्टेज पर लाने के लिए 5 महीने लग गए।