विश्व जनसंख्या दिवस: लॉकडाउन में परिवार नियोजन पर ऐसे दिया जा रहा था जोर …

world_population_day

लखनऊ: लाकडाउन के दौरान परिवार नियोजन के सभी साधनों में लोगों ने कंडोम को प्राथमिकता के साथ चुना है। वायरस कोविड 19 के बढ़ते संक्रमण के कारण जहां लोग घरों, कोरेंटाइन सेंटर्स व शेल्टर होम्स में रहने को मजबूर थे। वहीं स्वास्थ्य विभाग ने अनचाहे गर्भ और उससे सम्बंधित समस्याओं/परिस्थितियों से परिवारों को बचाने के लिए सिर्फ दो माह में ही 20 लाख से अधिक लोगों को कंडोम वितरित कर दिये। जो कि अन्य साधनों के मुक़ाबले काफी अधिक था।

Such Emphasis Was Being Given On Family Planning In Lockdown :

वहीं प्रदेश की आबादी संतुलित रहे,इसके लिए स्वास्थ्य विभाग की दो रणनीतियों का असर साफ दिखा। एक तो प्रदेश के लोगों को वायरस कोविड 19 के संक्रमण से कैसे बचाया जाये? इसके लिए यथासंभव सभी प्रयास किए गए। दूसरा जनसंख्या वृद्दि का ग्राफ कहीं तेजी से न बढ़ जाये। इसके लिए परिवार नियोजन के साधनों को लोगों तक पहुंचाया जाए।

इसके लिए बकायदा स्वास्थ्य विभाग का एक अंग एक अभियान के रूप कार्य कर रहा था। आशा, एएनएम समेत सभी फ्रंट लाइन स्वास्थ्य कार्यकर्ता घर-घर,कोरेंटाइन सेंटर्स और शेल्टर होम्स मेंपरिवार नियोजन के साधन पहुंचा रहे थे। प्रदेश के हेल्थ मैनेजमेंट इन्फोर्मेशन सिस्टम (एचएमआईएस) के आंकड़ों के अनुसार लाकडाउन माह अप्रैल और मई सिर्फ दो माह में ही 23 लाख से अधिक लोगों तक सरकार की परिवार नियोजन सुविधा पहुंचाई गई।

सरकार की तरफ से चल रही योजनाए

अप्रैल में 5 लाख 598 लोगों सरकार की तरफ से चल रहे परिवार नियोजन के साधनों को अपनाया। इसमें पुरुष नसबंदी 13 , महिला नसबंदी 2952, इंटरवल आई.यू.सी.डी.4529, प्रसव पश्चात आई.यू.सी.डी.11197, आई.यू.सी.डी. (गर्भपात के बाद)  178, गर्भ निरोधक इंजेक्शन अन्तरा 1441, माला एन 41515, कंडोम 430501 और साप्ताहिक गर्भ निरोधक गोली छाया 8372 है। इसी तरह मई में 18 लाख आठ हजार 752 लोगों सरकारी परिवार नियोजन के साधनों को अपनाया। इसमें पुरुष नसबंदी 3, महिला नसबंदी 1110, इंटरवल आई.यू.सी.डी. 17270, प्रसव पश्चात आई.यू.सी.डी.17063, आई.यू.सी.डी. (गर्भपात के बाद) 112, गर्भ निरोधक इंजेक्शन अन्तरा 4055, माला एन 190621, कंडोम 15,34,580 और साप्ताहिक गर्भ निरोधक गोली छाया 43938 है।

हीरलाल, अपर महाप्रबन्धक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन ने कहा कि जनसंख्या वृद्धि कुल पांच प्रक्रिया पर निर्भर करती है। ये हैं प्रजनन क्षमता, मृत्यु दर, विवाह, प्रवास और सामाजिक गतिशीलता। परिवार नियोजन अपनाने से ही खुशहाली आएगी। हालांकि इस दिशा में सफलता मिली है। लेकिन लोगों से और सहयोग की आपेक्षा की जाती है।

लखनऊ: लाकडाउन के दौरान परिवार नियोजन के सभी साधनों में लोगों ने कंडोम को प्राथमिकता के साथ चुना है। वायरस कोविड 19 के बढ़ते संक्रमण के कारण जहां लोग घरों, कोरेंटाइन सेंटर्स व शेल्टर होम्स में रहने को मजबूर थे। वहीं स्वास्थ्य विभाग ने अनचाहे गर्भ और उससे सम्बंधित समस्याओं/परिस्थितियों से परिवारों को बचाने के लिए सिर्फ दो माह में ही 20 लाख से अधिक लोगों को कंडोम वितरित कर दिये। जो कि अन्य साधनों के मुक़ाबले काफी अधिक था। वहीं प्रदेश की आबादी संतुलित रहे,इसके लिए स्वास्थ्य विभाग की दो रणनीतियों का असर साफ दिखा। एक तो प्रदेश के लोगों को वायरस कोविड 19 के संक्रमण से कैसे बचाया जाये? इसके लिए यथासंभव सभी प्रयास किए गए। दूसरा जनसंख्या वृद्दि का ग्राफ कहीं तेजी से न बढ़ जाये। इसके लिए परिवार नियोजन के साधनों को लोगों तक पहुंचाया जाए। इसके लिए बकायदा स्वास्थ्य विभाग का एक अंग एक अभियान के रूप कार्य कर रहा था। आशा, एएनएम समेत सभी फ्रंट लाइन स्वास्थ्य कार्यकर्ता घर-घर,कोरेंटाइन सेंटर्स और शेल्टर होम्स मेंपरिवार नियोजन के साधन पहुंचा रहे थे। प्रदेश के हेल्थ मैनेजमेंट इन्फोर्मेशन सिस्टम (एचएमआईएस) के आंकड़ों के अनुसार लाकडाउन माह अप्रैल और मई सिर्फ दो माह में ही 23 लाख से अधिक लोगों तक सरकार की परिवार नियोजन सुविधा पहुंचाई गई।

सरकार की तरफ से चल रही योजनाए

अप्रैल में 5 लाख 598 लोगों सरकार की तरफ से चल रहे परिवार नियोजन के साधनों को अपनाया। इसमें पुरुष नसबंदी 13 , महिला नसबंदी 2952, इंटरवल आई.यू.सी.डी.4529, प्रसव पश्चात आई.यू.सी.डी.11197, आई.यू.सी.डी. (गर्भपात के बाद)  178, गर्भ निरोधक इंजेक्शन अन्तरा 1441, माला एन 41515, कंडोम 430501 और साप्ताहिक गर्भ निरोधक गोली छाया 8372 है। इसी तरह मई में 18 लाख आठ हजार 752 लोगों सरकारी परिवार नियोजन के साधनों को अपनाया। इसमें पुरुष नसबंदी 3, महिला नसबंदी 1110, इंटरवल आई.यू.सी.डी. 17270, प्रसव पश्चात आई.यू.सी.डी.17063, आई.यू.सी.डी. (गर्भपात के बाद) 112, गर्भ निरोधक इंजेक्शन अन्तरा 4055, माला एन 190621, कंडोम 15,34,580 और साप्ताहिक गर्भ निरोधक गोली छाया 43938 है। हीरलाल, अपर महाप्रबन्धक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन ने कहा कि जनसंख्या वृद्धि कुल पांच प्रक्रिया पर निर्भर करती है। ये हैं प्रजनन क्षमता, मृत्यु दर, विवाह, प्रवास और सामाजिक गतिशीलता। परिवार नियोजन अपनाने से ही खुशहाली आएगी। हालांकि इस दिशा में सफलता मिली है। लेकिन लोगों से और सहयोग की आपेक्षा की जाती है।