1. हिन्दी समाचार
  2. ऐसा है उत्तर कोरिया के तानाशाह किम का अस्पताल, किले से कम नहीं है इमारत

ऐसा है उत्तर कोरिया के तानाशाह किम का अस्पताल, किले से कम नहीं है इमारत

Such Is The Hospital Of North Koreas Dictator Kim The Building Is Not Less Than The Fort

By बलराम सिंह 
Updated Date

नई दिल्ली। उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग-उन इस समय गंभीर रूप से बीमार हैं। कई दिनों से उनकी हालत बेहद नाजुक बताई जा रही है। तानाशाह किम का इलाज उस अस्पताल में हो रहा है जो खास उनके परिवार के लिए बनाया गया है। हयांग सैन अस्पताल को लंबे समय से हृदय संबंधी बीमारियों से निपटने के लिए विशेष सुविधा के रूप में रखा गया है।

पढ़ें :- भारत की ऑस्ट्रेलिया पर ऐतिहासिक जीत, कंगारूओं को उन्हीं की धरती पर हराया

बताया जा रहा है कि यह अस्पताल 1994 में बनाया गया था। उत्तर कोरिया के तानाशाह के दादा, किम इल-सुंग की मृत्यु हयांग सैन में हो गई थी। किम का मानना ​​है कि क्षेत्र के एक अस्पताल होने से उन्हें बचाया जा सकता था। यह भी कहा जाता है कि राजधानी प्योंगयांग से दूर ये अस्पताल बनाने का एक और कारण है। किम और उनके परिवार को किसी भी तरह की निगरानी से दूर रखा जा सके।

तानाशाह किम की सर्जरी करने वाले डॉक्टर हृदय संबंधी बीमारियों के विशेषज्ञ हैं और यहां तक ​​कि विदेशों में प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके हैं। किम के डॉक्टरों को भी कड़ी सुरक्षा में रखा जाता है और वे गार्ड के साथ घूमते हैं। अस्पताल में चिकित्सा उपकरण जर्मनी और जापान से आयात किए जाते हैं। अपने दिवंगत दादा और राज्य संस्थापक किम इल-सुंग के 108 वें जन्मदिन के अवसर पर पिछले बुधवार को किम के कुमसुसन पैलेस में न पहुंचने पर ही अटकलें शुरू हो गईं थीं।

तानाशाह किम जोंग की तबीयत बीते कुछ महीनों में ज्यादा खराब हुई है। इसकी वजह है कि बहुत ज्‍यादा स्‍मोकिंग, मोटापे की बीमारी और ज्यादा काम। नॉर्थ कोरिया के मीडिया में अब तक किम जोंग की तबीयत को लेकर अब तक कुछ भी प्रकाशित नहीं हुआ है। इसकी वजह है कि वहां मीडिया पूरी तरह से सरकार के नियंत्रण में है। यही वजह है कि यहां से सूचना का इतनी जल्दी आना मुश्किल है।

बताया जा रहा है कि किम जोंग उन को आखिरी बार सार्वजनिक तौर पर 11 अप्रैल को देखा गया था। जिसमें उन्होंने एक बैठक की अध्यक्षता की थी और कोरोना वायरस को लेकर सख्त जांच के आदेश दिए थे। इतना ही नहीं, वह 14 अप्रैल को मिसाइल के परीक्षण के कार्यक्रम से भी नदारद थे। बता दें कि अपने पिता और दिवंगत नेता किम जोंग-इल की 2011 के आखिर में मृत्यु हो जाने के बाद किम जोंग उन ने उत्तर कोरिया की सत्ता पर काबिज हुए थे।

पढ़ें :- सरकारी नौकरी: यहां निकली ऑफिसर के पदों पर भर्ती, मिल रहा 1 लाख से ज्यादा वेतन...

Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करे...