योगी जी के राज में ऐसे होती हैं हत्याएं, शिकायत पर अब कौन करेगा सुनवाई

    vyapari

    लखनऊ। निलंबित एसपी मणिलाल पाटीदार पर उगाही का आरोप लगाने वाले क्रशर कारोबारी इंद्रकांत त्रिपाठी की रविवार शाम करीब सात बजे रीजेंसी अस्पताल कानपुर में मौत हो गई। उनके आरोप लगाने के बाद मुख्यमंत्री ने संज्ञान लेकर एसपी को निलंबित कर दिया था, वहीं दूसरे दिन निलंबित एसपी समेत पुलिस कर्मियों पर मुकदमा दर्ज किया गया था। अभी शनिवार की रात एडीजी ने महोबा पहुंचकर इंद्रकांत के घरवालों से मुलाकात करके न्याय और सुरक्षा का भरोसा दिया था।

    Such Murders Take Place Under The Rule Of Yogi Ji Now Who Will Hear The Complaint :

    महोबा में एसपी के खिलाफ दिए बयान का वीडियो वायरल होने के अगले दिन क्रशर कारोबारी इंद्रकांत अपनी कार में घायल अवस्था में मिले थे। उनके गले में गोली लगी थी, उन्हें कानपुर के रीजेंसी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वह वेंटीलेटर पर थे और फेफड़ों में इंफेक्शन बढऩे की वजह से दिन पर दिन बिगड़ती जा रही थी। शुक्रवार रात कुछ समय के लिए स्वास्थ्य बेहद खराब हो गया था लेकिन डॉक्टरों ने किसी तरह हालात संभाल लिये थे। रविवार सुबह से उनकी हालत बिगड़ती जा रही थी और देर शाम उनकी मौत हो गई। इंद्रकांत ने वीडियो वायरल करने से पहले मुख्यमंत्री को भी पत्र लिखकर तत्कालीन एसपी के उत्पीड़न से अवगत कराया था।

    डॉक्टरों की मानें तो इंद्रकांत के वोकल कार्ड के लेरिंग्स यानी ठोड़ी पर लगी गोली गले के पीछे सर्वाइकल स्पाइनल कॉर्ड को छूती हुई निकल गई थी, जिसकी वजह उन्हें पैरालाइसिस का अटैक पड़ गया था और पूरा शरीर पहले से शिथिल पड़ा हुआ था। बाद में उनके फेफड़े संक्रमित होने पर वेंटीलेटर पर रखा गया था।

    क्रशर कारोबारी इंद्रकांत त्रिपाठी ने तत्कालीन एसपी मणिलाल पाटीदार के खिलाफ उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए वीडियो वायरल किया था। उन्होंने वीडियो में एसपी पर उत्पीड़न करने और झूठे मामले में फंसाने का आरोप लगाया था। उन्होंने प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, समेत अन्य उच्च अधिकारियों से लिखित शिकायती पत्र भी भेजा था। इसके बाद दूसरे दिन वह अपनी कार के अंदर गोली लगने से लहूलुहान हालत में पड़े मिले थे। प्रकरण संज्ञान में आते ही मुख्यमंत्री ने तत्काल प्रभाव से एसपी मणिलाल पाटीदार को निलंबित करने का आदेश दिया था। साथ ही प्रकरण में जांच के आदेश दिए थे।

    इंद्रकांत ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर पूरी जानकारी दी थी। उन्होंने दो कंपनियों का नाम लेते हुए एसपी को प्रतिमाह पांच-पांच लाख रुपये दिये जाने की जानकारी दी थी और एसपी पर धमकाकर रुपये वसूलने का आरोप लगाया था। इस वसूली में कबरई थाना प्रभारी के मध्यस्थ होने का आरोप लगाया था। पत्र में स्पष्ट रूप से बताया था कि उसने रुपये देने से मना किया तो एसपी ने बुलवाया था और डांटते हुए रुपये की व्यवस्था करने के लिए कहते हुए फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी दी थी।

    लखनऊ। निलंबित एसपी मणिलाल पाटीदार पर उगाही का आरोप लगाने वाले क्रशर कारोबारी इंद्रकांत त्रिपाठी की रविवार शाम करीब सात बजे रीजेंसी अस्पताल कानपुर में मौत हो गई। उनके आरोप लगाने के बाद मुख्यमंत्री ने संज्ञान लेकर एसपी को निलंबित कर दिया था, वहीं दूसरे दिन निलंबित एसपी समेत पुलिस कर्मियों पर मुकदमा दर्ज किया गया था। अभी शनिवार की रात एडीजी ने महोबा पहुंचकर इंद्रकांत के घरवालों से मुलाकात करके न्याय और सुरक्षा का भरोसा दिया था। महोबा में एसपी के खिलाफ दिए बयान का वीडियो वायरल होने के अगले दिन क्रशर कारोबारी इंद्रकांत अपनी कार में घायल अवस्था में मिले थे। उनके गले में गोली लगी थी, उन्हें कानपुर के रीजेंसी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वह वेंटीलेटर पर थे और फेफड़ों में इंफेक्शन बढऩे की वजह से दिन पर दिन बिगड़ती जा रही थी। शुक्रवार रात कुछ समय के लिए स्वास्थ्य बेहद खराब हो गया था लेकिन डॉक्टरों ने किसी तरह हालात संभाल लिये थे। रविवार सुबह से उनकी हालत बिगड़ती जा रही थी और देर शाम उनकी मौत हो गई। इंद्रकांत ने वीडियो वायरल करने से पहले मुख्यमंत्री को भी पत्र लिखकर तत्कालीन एसपी के उत्पीड़न से अवगत कराया था। डॉक्टरों की मानें तो इंद्रकांत के वोकल कार्ड के लेरिंग्स यानी ठोड़ी पर लगी गोली गले के पीछे सर्वाइकल स्पाइनल कॉर्ड को छूती हुई निकल गई थी, जिसकी वजह उन्हें पैरालाइसिस का अटैक पड़ गया था और पूरा शरीर पहले से शिथिल पड़ा हुआ था। बाद में उनके फेफड़े संक्रमित होने पर वेंटीलेटर पर रखा गया था। क्रशर कारोबारी इंद्रकांत त्रिपाठी ने तत्कालीन एसपी मणिलाल पाटीदार के खिलाफ उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए वीडियो वायरल किया था। उन्होंने वीडियो में एसपी पर उत्पीड़न करने और झूठे मामले में फंसाने का आरोप लगाया था। उन्होंने प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, समेत अन्य उच्च अधिकारियों से लिखित शिकायती पत्र भी भेजा था। इसके बाद दूसरे दिन वह अपनी कार के अंदर गोली लगने से लहूलुहान हालत में पड़े मिले थे। प्रकरण संज्ञान में आते ही मुख्यमंत्री ने तत्काल प्रभाव से एसपी मणिलाल पाटीदार को निलंबित करने का आदेश दिया था। साथ ही प्रकरण में जांच के आदेश दिए थे। इंद्रकांत ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर पूरी जानकारी दी थी। उन्होंने दो कंपनियों का नाम लेते हुए एसपी को प्रतिमाह पांच-पांच लाख रुपये दिये जाने की जानकारी दी थी और एसपी पर धमकाकर रुपये वसूलने का आरोप लगाया था। इस वसूली में कबरई थाना प्रभारी के मध्यस्थ होने का आरोप लगाया था। पत्र में स्पष्ट रूप से बताया था कि उसने रुपये देने से मना किया तो एसपी ने बुलवाया था और डांटते हुए रुपये की व्यवस्था करने के लिए कहते हुए फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी दी थी।