जिला प्रशासन पर जमकर बरसे अधिवक्ता

सुल्तानपुर: उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले में लगभग तेरह दिन पूर्व अधिवक्ता विजय प्रताप सिंह को न्यायलय आते समय बदमाशो द्वारा गोली मार दी गई थी। जिसको जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने के जी एम यू रेफर कर दिया था। पर इलाज के दौरान अधिवक्ता विजय प्रताप सिंह ने दम तोड़ दिया था। तेरह दिन बीत जाने के बाद भी सुल्तानपुर पुलिस इस हत्या का कारण तक नहीं पता लगा पाई,बल्कि उल्टा अधिवक्ताओं पर ही सुल्तानपुर पुलिस ने मुकदमा पंजीकृत कर दिया था।




अधिवताओं का कहना है कि सुल्तानपुर पुलिस अधीक्षक पवन कुमार ने खुद अपनी जुबानी कहा था….. कि मुझको तो एक हप्ते पहले ही पता चल गया था कि अधिवक्ता विजय प्रताप सिंह के साथ ऐसी घटना हो सकती है। जिससे उग्र हुए अधिवक्ताओ ने इस हत्या में जिले के पुलिस अधीक्षक पवन कुमार पर हत्या में संलिप्त होने का आरोप मढ़ दिया था।

उग्र हुए अधिवक्ताओं ने आज जिला कलेक्ट्रेट परिसर में महापंचायत का आयोजन किया जिसमे जिले से लेकर उत्तर प्रदेश बार काउंसलिंग के पदाधिकारियो सहित लगभग सत्रह सौ अधिवक्ताओं ने अपनी मौजूदगी दर्ज कराते हुए जिला प्रशासन को जमकर धिक्कारा और प्रदेश सरकार से जिले के एस.डी.एम सदर, पुलिस अधीक्षक,सी.ओ.सिटी को निलंबित कर अधिवक्ता विजय के परिवारीजनों को पैंतालिश लाख रुपये की आर्थिक मदद कर, अधिवक्ता हत्या कांड की सी.बी. आई.जाँच कराकर दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की मांग की है ।

सुल्तानपुर से बृजेश श्रीवास्तव की रिपोर्ट