साध्वी प्रज्ञा की बढ़ेंगी मुश्किलें, सुनील जोशी हत्याकाण्ड की हो सकती है दोबारा जांच, सरकार के मंत्री ने दिये संकेत

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साध्वी प्रज्ञा की बढ़ेंगी मुश्किलें, सुनील जोशी हत्याकाण्ड की हो सकती है दोबारा जांच, सरकार के मंत्री ने दिये संकेत

भोपाल। भारतीय जनता पार्टी की भोपाल सीट की प्रत्याशी साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर की मुश्किलें बढ़ने जा रही हैं। सुनील जोशी हत्याकाण्ड की दोबारा जांच शुरू होगी। इस हत्याकाण्ड में साध्वी प्रज्ञा की भूमिका की जांच की जायेगी। यह जानकारी मध्यप्रदेश जनसंपर्क एवं विधि मंत्री पीसी शर्मा ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कही। वहीं सरकार के इस फैसले के बाद सियासी हड़कंप मचा हुआ है।

Sunil Joshi Murder Case Will Be Re Examined Sadhvi Pragyas Will Be Difficult :

उन्होंने कहा कि मैं प्रज्ञा को साध्वी कभी नहीं कहूंगा क्योंकि उन्होंने महत्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे और शहीद हेमंत करकरे को देशद्रोही कहा है। इन बयानों से लगता है कि उस हत्याकांड में उनका हाथ था। बता दें कि 29 दिसंबर 2007 को मध्यप्रदेश के देवास में सुनील जोशी की हत्या हुई थी। प्रज्ञा सहित सभी आठ आरोपियों को एक फरवरी 2017 को एनआईए की अदालत ने बरी कर दिया था।

वहीं अब इस हत्याकाण्ड की दोबारा जांच की जायेगी। इस फैसले के बाद साध्वी प्रज्ञा की मुश्किल खड़ी हो सकती है। बता दें कि लोकसभा चुनाव के दौरान साध्वी प्रज्ञा काफी विवादों में रहीं हैं। विवादित बयानों के कारण चुनाव आयोग ने इन पर कार्रवाई भी की थी। हालांकि अब 23 मई को स्थिति साफ होगी कि भोपाल लोकसभा सीट से किसके सिर पर ताज सजेगा।

भोपाल। भारतीय जनता पार्टी की भोपाल सीट की प्रत्याशी साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर की मुश्किलें बढ़ने जा रही हैं। सुनील जोशी हत्याकाण्ड की दोबारा जांच शुरू होगी। इस हत्याकाण्ड में साध्वी प्रज्ञा की भूमिका की जांच की जायेगी। यह जानकारी मध्यप्रदेश जनसंपर्क एवं विधि मंत्री पीसी शर्मा ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कही। वहीं सरकार के इस फैसले के बाद सियासी हड़कंप मचा हुआ है। उन्होंने कहा कि मैं प्रज्ञा को साध्वी कभी नहीं कहूंगा क्योंकि उन्होंने महत्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे और शहीद हेमंत करकरे को देशद्रोही कहा है। इन बयानों से लगता है कि उस हत्याकांड में उनका हाथ था। बता दें कि 29 दिसंबर 2007 को मध्यप्रदेश के देवास में सुनील जोशी की हत्या हुई थी। प्रज्ञा सहित सभी आठ आरोपियों को एक फरवरी 2017 को एनआईए की अदालत ने बरी कर दिया था। वहीं अब इस हत्याकाण्ड की दोबारा जांच की जायेगी। इस फैसले के बाद साध्वी प्रज्ञा की मुश्किल खड़ी हो सकती है। बता दें कि लोकसभा चुनाव के दौरान साध्वी प्रज्ञा काफी विवादों में रहीं हैं। विवादित बयानों के कारण चुनाव आयोग ने इन पर कार्रवाई भी की थी। हालांकि अब 23 मई को स्थिति साफ होगी कि भोपाल लोकसभा सीट से किसके सिर पर ताज सजेगा।