22 साल पुराने केस में सनी देओल और करिश्मा कपूर को बड़ी राहत, कोर्ट ने किया बरी

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22 साल पुराने केस में सनी देओल और करिश्मा कपूर को बड़ी राहत, कोर्ट ने किया बरी

जयपुर। जयपुर की एडीजे-17 कोर्ट ने अभिनेता सनी देेओल और अभिनेत्री करिश्मा कपूर के खिलाफ 22 साल पुराने चेन पुलिंग मामले में लगे आरोपों को खारिज कर दिया है। जज पवन कुमार ने अपने फैसले में कहा कि रेलवे मजिस्ट्रेट ने सनी और करिश्मा को उन्हीं धारों के तहत आरोपी बनाया गया है, जिन्हें कि 2010 में सेशन कोर्ट खारिज कर चुका था। दोनों के खिलाफ सबूतों का अभाव है, इसलिए उन्हें आरोपों से बरी किया जाता है।  

Sunny Deol Karisma Kapoor Gets Relief In 22 Years Old Case Allegation :

इस मामले में रेलवे कोर्ट ने सितंबर महीने में आरोप तय किए थे। आरोप रेलवे एक्ट की धारा 141, 145,146 और 147 के तहत तय किए गए थे। इसके खिलाफ दोनों ने रिवीजन दायर की थी जिस पर फैसला सुनाते हुए एडिशनल डिस्ट्रिक्ट जज ने मामले को डिस्चार्ज कर दिया। इस मामले में अधिवक्ता एके जैन ने दोनों अभिनेताओं की पैरवी की थी।

फिल्म ‘बजरंग’ की शूटिंग के दौरान का था मामला

आपको बता दें कि चेन-पुलिंग की यह कथित घटना 1997 में फिल्म ‘बजरंग’ की शूटिंग के दौरान हुई थी। इसमें देओल और कपूर पर ट्रेन 2413-ए अपलिंक एक्सप्रेस की चेन बिना वजह खींचने का आरोप लगाया गया था। इस कारण ट्रेन 25 मिनट लेट हो गयी थी।

फिल्म के निर्देशक ने केस होने पर जताई थी हैरानगी

इस बारे में और पूछने पर टीनू वर्मा ने आगे कहा, “हम राजस्थान के सावडा गांव के पास शूट कर रहे थे। मगर हम ट्रेन में नहीं, बल्कि ट्रेन के बाहर शूटिंग कर रहे थे। ऐसे में हममें से किसी के ट्रेन खींचने का सवाल कहा उठता है? ट्रेन की चेन डिब्बे में बैठे किसी शख्स ने खींची होगी। आप तो जानते ही हैं कि शूटिंग के लिए लोग कितने उतावले होते हैं।”

टीनू ने इस मामले की गहराई में जाने की बजाय अंत में इतना ही कहा, “ये मामला तो काफी पहले ही रफा-दफा हो गया था, ऐसे में 20 साल बाद केस की सुनवाई की बात हैरत में डालनेवाली है।”

जयपुर। जयपुर की एडीजे-17 कोर्ट ने अभिनेता सनी देेओल और अभिनेत्री करिश्मा कपूर के खिलाफ 22 साल पुराने चेन पुलिंग मामले में लगे आरोपों को खारिज कर दिया है। जज पवन कुमार ने अपने फैसले में कहा कि रेलवे मजिस्ट्रेट ने सनी और करिश्मा को उन्हीं धारों के तहत आरोपी बनाया गया है, जिन्हें कि 2010 में सेशन कोर्ट खारिज कर चुका था। दोनों के खिलाफ सबूतों का अभाव है, इसलिए उन्हें आरोपों से बरी किया जाता है।   इस मामले में रेलवे कोर्ट ने सितंबर महीने में आरोप तय किए थे। आरोप रेलवे एक्ट की धारा 141, 145,146 और 147 के तहत तय किए गए थे। इसके खिलाफ दोनों ने रिवीजन दायर की थी जिस पर फैसला सुनाते हुए एडिशनल डिस्ट्रिक्ट जज ने मामले को डिस्चार्ज कर दिया। इस मामले में अधिवक्ता एके जैन ने दोनों अभिनेताओं की पैरवी की थी। फिल्म 'बजरंग' की शूटिंग के दौरान का था मामला आपको बता दें कि चेन-पुलिंग की यह कथित घटना 1997 में फिल्म 'बजरंग' की शूटिंग के दौरान हुई थी। इसमें देओल और कपूर पर ट्रेन 2413-ए अपलिंक एक्सप्रेस की चेन बिना वजह खींचने का आरोप लगाया गया था। इस कारण ट्रेन 25 मिनट लेट हो गयी थी। फिल्म के निर्देशक ने केस होने पर जताई थी हैरानगी इस बारे में और पूछने पर टीनू वर्मा ने आगे कहा, "हम राजस्थान के सावडा गांव के पास शूट कर रहे थे। मगर हम ट्रेन में नहीं, बल्कि ट्रेन के बाहर शूटिंग कर रहे थे। ऐसे में हममें से किसी के ट्रेन खींचने का सवाल कहा उठता है? ट्रेन की चेन डिब्बे में बैठे किसी शख्स ने खींची होगी। आप तो जानते ही हैं कि शूटिंग के लिए लोग कितने उतावले होते हैं।" टीनू ने इस मामले की गहराई में जाने की बजाय अंत में इतना ही कहा, "ये मामला तो काफी पहले ही रफा-दफा हो गया था, ऐसे में 20 साल बाद केस की सुनवाई की बात हैरत में डालनेवाली है।"