महज 50 हजार के लिये चोरी हुई थी SP की सरकारी गाड़ी, एक आरोपी व गाड़ी के कुछ पार्ट बरामद

लखनऊ। यूपी में बेलगाम अपराधियों के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि उनके अन्दर अब खाकी का भी खौफ ख़त्म हो चुका है। एक ऐसा ही कारनामा बदमाशों ने अंजाम देकर लखनऊ पुलिस को खुली चुनौती दे डाली। बीते 4/5 नवम्बर की रात को बदमाशों ने एसपी हरदोई राजीव मल्होत्रा की नीली बत्ती लगी गाडी को लेकर रफूचक्कर हो गए, दिलचस्प बात यह रही कि उनकी गाडी हजरतगंज इलाके स्थित शालीमार अपार्टमेंट से गायब हुई। खबर फैलते ही पुलिस के हाथ पैर फूल गए, डीजीपी जावीद अहमद खुद इस मामले की मोनिटरिंग कर रहे थे।

लखनऊ पुलिस ने मंगलवार को यह खुलासा बिहार से एक अंतरराष्ट्रीय वाहन चोर को गिरफ्तार करने के बाद किया है। हालांकि लखनऊ पुलिस ने एक आरोपी और चोरी हुई गाड़ी के कुछ पार्ट बरामद करने की बात तो जरूर कही है लेकिन आधे-अधूरे इस खुलासे में न तो पूरे गाड़ी के पार्ट बरामद हो सके और न ही अपराधी। महज़ 50 हजार रूपये के लिए एसपी हरदोई राजीव मल्होत्रा की सरकारी टाटा सूमो गाड़ी चोरी की गई थी।




पुलिस अधिकारी की सरकारी गाड़ी चोरी होने का सनसनीखेज मामला लखनऊ के पॉश कोतवाली हजरतगंज इलाके का है। 4 / 5 नवम्बर की रात शालीमार इम्पीरियल अपार्टमेंट की पार्किंग से एसपी हरदोई की नीली बत्ती लगी टाटा सूमो गोल्ड सरकारी गाड़ी यूपी-30 जी-0219 चोरी कर ली गई थी। चोरी की घटना तब हुई थी जब एसपी हरदोई राजीव मल्होत्रा बिना अपने अधिकारियों को सूचना दिए बिना लखनऊ आवास आये हुए थे। इस मामले में लखनऊ की हजरतगंज कोतवाली में गाड़ी चोरी होने का मुकदमा दर्ज कराया गया था।

मुकदमा दर्ज होने के कई दिन तक पुलिस के हाथ चोरो तक नहीं पहुच पाए थे। हालांकि इस बीच गाडी लखनऊ से बाराबंकी,फैज़ाबाद,बस्ती,गोरखपुर और कुशीनगर होते हुए नेपाल पहुंच गई और पुलिस की सारी कवायद धरी की धरी रह गई। इस बीच फ़ज़ीहत होते देख मामले के खुलासे के लिए लखनऊ की क्राइम ब्रांच के साथ ही जनपद हरदोई पुलिस को भी जाँच में लगा दिया गया। कई दिन की कड़ी मेहनत और मशक्कत के बाद जनपद हरदोई और लखनऊ पुलिस की संयुक्त टीम ने लखनऊ में मड़ियांव के रहने वाले रामकिशोर नाम के शख्स को बिहार से गिरफ्तार कर मामले का खुलासा करने का दावा कर दिया।




नेपाल बॉर्डर पर गाडी हुई बरामद–

एसएसपी लखनऊ मंजिल सैनी की माने तो आरोपी ने ही पुलिस अधिकारी की गाड़ी चोरी की वारदात को अंजाम दिया था। यहाँ से गाडी को यूपी के विभिन्न जनपदों से होते हुए बिहार के पूर्वी चंपारण नेपाल बार्डर पर दो लोगों की मदद से गाड़ी को आरोपी ने ठिकाने लगवा दिया। पुलिस के मुताबिक गाड़ी के बदले में गिरफ्तार शख्स को 50 हजार रूपये देने की बात कही गई थी लेकिन शुरुआत में उसे 25 हजार रूपये ही दिए गए थे।

एसएसपी ने इस खुलासे को लखनऊ की क्राइम ब्रांच, सर्विलांस और जनपद हरदोई पुलिस की संयुक्त टीम की कड़ी मेहनत बताया है। एसएसपी ने बताया कि गाडी का किसी आपराधिक वारदात में इस्तेमाल के इरादे से नहीं बल्कि चोरी की नियत से ही उठाई गई थी। इस मामले में आरोपी की गिरफ़्तारी के साथ ही पुलिस का वायरलेस सेट और गाडी के कई पार्ट्स भी बरामद होने की बात कही गई, साथ ही दो आरोपियों की गिरफ़्तारी शेष रहने के साथ ही मामले की अग्रिम जांच करने की बात कही गई है।