शहाबुद्दीन को 45 मामलों में जमानत, आप क्या सो रहे थे!

Supreme Court Aggressive On Shahabuddin Bail Case

नई दिल्ली: बाहुबलि शहाबुद्दीन को पटना हाई कोर्ट से मिली जमानत पर सुप्रीम कोर्ट ने बिहार सरकार से तीखे सवाल किए। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि 45 मुकदमों में जमानत हो गई और आप सोते रहे। राज्य सरकार उस समय जागी जब पूर्व सांसद को जेल से रिहा किया गया। राजद के सहयोग से चल रही नीतीश कुमार सरकार पर तंज कसते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हम आपकी परेशानी समझते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि राज्य सरकार ने पटना हाई कोर्ट के समक्ष सभी तय नहीं रखे। इसी वजह से उसे जमानत मिली। जस्टिस पिनाकी चंद्र घोष और अमिताभ रॉय की बेंच ने कहा कि क्यों आपने उसकी रिहाई के बाद अदालत का दरवाजा खटखटाया। क्या उसके जमानत पाने तक आप सोए हुए थे। यह एक विचित्र मामला है। लेकिन सवाल है कि यह अनोखापन किसके इशारे पर किया गया है और कौन इसके पीछे है।




अदालत ने कहा कि आपने 45 मामलों में शहाबुद्दीन को जमानत दिए जाने को चुनौती क्यों नहीं दी। क्यों उसके जेल से बाहर आने के बाद ही आपको यह महसूस हुआ। अगर सब कुछ निष्पक्ष था, तो क्यों यह मामला हमारे पास आया। बेंच ने यह टिप्पणी तब की जब बिहार सरकार की ओर से उपस्थित वरिष्ठ अधिवक्ता दिनेश द्विवेदी ने शहाबुद्दीन की जमानत रद्द करने की मांग की और कहा कि राजद नेता को रिहा करने का हाई कोर्ट का आदेश अनुचित था। हाई कोर्ट ने मामले में प्रासंगिक सामग्रियों की अनदेखी की। उन्होंने कहा कि हाई कोर्ट उन्हें जमानत नहीं दे सकता था जब तक कि कोई विशेष कारण या कोई चिकित्सीय जरूरत नहीं हो। वरिष्ठ अधिवक्ता ने माना कि मामले में राज्य सरकार की तरफ से विसंगतियां हुईं। इस पर अदालत ने कहा कि हम आपकी कठिनाई समझ सकते हैं और सिर्फ यही कह सकते हैं कि हम सब कुछ समझते हैं। द्विवेदी ने कहा कि मैं विसंगतियों की बात मानता हूं। मैं राज्य सरकार के कृत्यों को किसी तरह से उचित नहीं ठहरा रहा हूं। हम उस समय पंगु थे।




लेकिन मेरी दलील है कि मामले में प्रासंगिक सामग्री की अनदेखी की गई है। अदालत ने तब उनसे पूछा कि आप क्यों पंगु होंगे। आप राज्य हैं। आपके वकील का यह कर्तव्य है कि वह हाई कोर्ट को मामले के सही तयों के बारे में बताए। आपका यह कर्तव्य था कि हाई कोर्ट को सूचित करें कि शहाबुद्दीन ने सत्र अदालत में पुनरीक्षण याचिका दायर की है। आपने उस वक्त हाई कोर्ट को क्यों नहीं बताया। अदालत ने कहा कि उसके खिलाफ कितने मामले लंबित हैं। वह चार बार सांसद और दो बार विधायक रह चुका है। हम सिर्फ यह सोच रहे हैं कि आम आदमी की सोच क्या है। उसके खिलाफ इतने सारे मामले हैं और इतने सारे जमानत के आदेश हैं।

नई दिल्ली: बाहुबलि शहाबुद्दीन को पटना हाई कोर्ट से मिली जमानत पर सुप्रीम कोर्ट ने बिहार सरकार से तीखे सवाल किए। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि 45 मुकदमों में जमानत हो गई और आप सोते रहे। राज्य सरकार उस समय जागी जब पूर्व सांसद को जेल से रिहा किया गया। राजद के सहयोग से चल रही नीतीश कुमार सरकार पर तंज कसते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हम आपकी परेशानी समझते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि राज्य सरकार…