पूर्व ISRO वैज्ञानिक नारायणन को सुप्रीम कोर्ट से राहत, मिलेगा 50 लाख रुपये मुआवजा

पूर्व ISRO वैज्ञानिक नारायणन को सुप्रीम कोर्ट से राहत, मिलेगा 50 लाख रुपये मुआवजा
पूर्व ISRO वैज्ञानिक नारायणन को सुप्रीम कोर्ट से राहत, मिलेगा 50 लाख रुपये मुआवजा

Supreme Court Awards 50 Lakhs To Ex Isro Scientist Nambi Narayanan

नई दिल्ली। जासूसी कांड के आरोप से दोषमुक्त हुए इसरो के पूर्व वैज्ञानिक नंबी नारायण को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। शुक्रवार को कोर्ट ने उत्पीड़न का शिकार हुए इसरो वैज्ञानिक को 50 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया। सुप्रीम कोर्ट ने आगे कहा कि इस केस में वैज्ञानिक एस. नंबी नारायणन को 24 साल पहले केरल पुलिस द्वारा बेवजह गिरफ्तार किया गया था।

सुप्रीम कोर्ट ने केरल के पुलिस अधिकारियों की भूमिका की जांच करने का भी आदेश दिया है। चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता में जस्टिस एएम खानविलकर और डीवाई चंद्रचूड की बेंच ने 76 वर्षीय नारायणन को बड़ी राहत दी। नारायणन ने केरल हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। दरअसल, हाई कोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि पूर्व डीजीपी और दो रिटायर्ड एसपी केके जोशुआ और एस विजयन के खिलाफ कार्रवाई करने की कोई जरूरत नहीं है, जबकि वैज्ञानिक की गलत गिरफ्तारी के लिए सीबीआई द्वारा ये जिम्मेदार ठहराए गए थे।

नारायणन 1994 से कानूनी लड़ाई लड़ रहे थे। नारायणन का आरोप था कि उन्हें जासूसी के झूठे केस में फंसाया गया। इसरो जासूसी कांड सन 1994 का मामला है। वैज्ञानिक नंबी नारायणन और डी शशिकुमारन को जासूसी के आरोप में 1994 में गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने दावा किया था कि नारायणन और शशिकुमारन ने कुछ गुप्त दस्तावेज पाकिस्तान को दे दिए। इन दस्तावेजों में क्रायोजेनिक इंजन का ज़िक्र था।

आरोप लगने के 20 दिनों अंदर ही इस केस को सीबीआई को सौंप दिया गया। जांच के बाद सीबीआई ने कहा की ये आरोप झूठे हैं। सीबीआई ने ये भी कहा कि केरल पुलिस और खुफिया ब्यूरो ने मामले में गैर पेशेवर तरीके से काम किया। लेकिन मई 1996 में राज्य की तत्कालीन सरकार ने फिर से जांच के आदेश दे दिए. बाद में 1998 में सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले को रद्द कर दिया।

इसके बाद नारायणन राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) पहुंचे और उन्होंने 1 करोड़ रुपये के मुआवजे की मांग की। NHRC ने 2012 में 10 लाख रुपये के मुआवजे देने का अंतरिम आदेश दिया। नारायणन इस फैसले से भी संतुष्ट नहीं हुए। 2015 में नारायणन केरल पुलिस अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक और अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग के लिए सुप्रीम कोर्ट पहुंचे।

नई दिल्ली। जासूसी कांड के आरोप से दोषमुक्त हुए इसरो के पूर्व वैज्ञानिक नंबी नारायण को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। शुक्रवार को कोर्ट ने उत्पीड़न का शिकार हुए इसरो वैज्ञानिक को 50 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया। सुप्रीम कोर्ट ने आगे कहा कि इस केस में वैज्ञानिक एस. नंबी नारायणन को 24 साल पहले केरल पुलिस द्वारा बेवजह गिरफ्तार किया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने केरल के पुलिस अधिकारियों की भूमिका की जांच करने…