हाईवे पर शराब दुकानों को लेकर सुप्रीम कोर्ट सख्त, कहा घर ही क्यों नहीं पहुंचा देते

नई दिल्ली। राजमार्गों से शराब की दुकानें हटाने का विरोध कर रहे शराब कारोबारियों की दलीलों पर सुप्रीम कोर्ट ने तंज कसते हुए कहा कि इसको घर ही क्यों नहीं पहुंच देते? कोर्ट ने राजमार्गों पर बढ़ती शराब की दुकानों पर पंजाब सरकार को भी फटकार लगाई। कोर्ट ने इस मामले में सभी पक्षों की दलीलें सुनकर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया।



बुधवार को सुनवाई के दौरान जम्मू-कश्मीर के शराब व्यापारियों के वकील ने कहा कि पहाड़ी क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति का तर्क दिया। उन्होंने कहा कि दुकानें हटाए जाने के बाद उन्हें ठीक वैकल्पिक जगह नहीं मिल पाएगी। पहाड़ी इलाके में दुकानें लोगों की पहुंच से दूर हो जाएंगी। लोगों को बहुत दूर चलना पड़ेगा। इन दलीलों से नाराज मुख्य न्यायाधीश टीएस ठाकुर की पीठ ने व्यंग्य किया कि फिर वे शराब की होम डिलीवरी क्यों नहीं शुरू कर देते?




पंजाब सरकार ने शराब की दुकानों की तरफदारी करते हुए इनके हटने से होने वाले करीब 1,000 करोड़ के नुकसान की बात कही। इस पर पीठ ने फटकारते हुए कहा कि लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है। लेकिन वह हर साल हाईवे पर शराब की दुकानें बढ़ाती जा रही है।

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