आधार लिंकिंग पर ममता को फटकार, सुप्रीम कोर्ट ने कहा संसद में बने कानून का राज्य सरकारें न करे विरोध

आधार लिंकिंग पर ममता को फटकार, सुप्रीम कोर्ट ने कहा संसद में बने कानून का राज्य सरकारें न करे विरोध

नई दिल्ली। मोबाइल नंबर को आधार नंबर से जोड़ने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट गयीं ममता बनर्जी को अदालत से तगड़ी फटकार लगी है। अदालत ने ममता बनर्जी के रुख पर अपत्ति जताते हुए कहा है कि ऐसा करने के लिए संसद से कानून पास हुआ है और राज्य सरकार कैसे किसी कानून के खिलाफ जा सकती है। अगर ऐसा होता है तो आने वाले समय में केन्द्र सरकार भी राज्य सरकारों के कानून के खिलाफ जाएंगी।

हालांकि अदालत ने ममता बनर्जी को सलाह देते हुए कहा कि अगर निजी स्तर पर ऐसा करने से कोई परेशानी है तो वह अदालत के समक्ष याचिका दाखिल कर सकतीं हैं, लेकिन राज्य सरकार की ओर से याचिका दाखिल किए जाने को उचित नहीं ठहराया जा सकता। इसी के साथ अदालत ने बंगाल सरकार के वकील को याचिका में बदलाव करने को कहा है। वहीं दूसरी ओर केन्द्र सरकार और टेलीकॉम कंपनियों को भी नोटिस किया गया है।

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क्या है पूरा मामला —

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मोबाइल नंबर को आधार नंबर से लिंक करवाए जाने पर आपत्ति जताते हुए अपनी पार्टी की मीटिंग में कहा था कि ऐसा करने से केन्द्र सरकार को पूरी जानकारी होगी कि कौन कब क्या कर रहा है। हम अपने घर में क्या खा रहे हैं और पति पत्नी के बीच क्या बातचीत चल रही है। यह निजिता का हनन होगा। इसके लिए उन्होंने अन्य लोगों से भी सामने आकर अपनी निजिता के लिए लड़ने की अपील की थी।

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अपने विचार व्यक्त करते हुए ममता बनर्जी ने केन्द्र सरकार को चुनौतीपूर्ण लहजे में जवाब देते हुए कहा था कि वह अपने नंबर को आधार से लिंक नहीं करेंगी चाहें तो उनका नंबर बन्द ही क्यों न कर दिया जाए।

क्या है आधार मोबाइल लिंकिंग —

केन्द्र सरकार ने एक नया कानून बनाकर हर मोबाइल को आधार से जोड़ने का कानून बनाया है। इस कानून को बनाने के पीछे का उद्देश्य फर्जी तरीके से मोबाइल सिम खरीदने वालों पर नकेल कसने का था। अब तक मोबाइल सेवा प्रदाता कंपनियां अपने ग्राहकों की वेरीफिकेशन स्वयं करवातीं थी, लेकिन सरकार ने इस प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने के लिए बायोमैट्रिक पहचान वाले आधार नंबर को मोबाइल नंबर से लिंक करना अनिवार्य कर दिया है। नए कानून के तहत ग्राहक को नया मोबाइल कनेक्शन तभी मिल सकता है जब वह अपने अपना आधार कार्ड पेशकर बायोमैट्रिक वैरीफिकेशन में पास होगा। यह प्रक्रिया आपने सबसे पहले रिलायंस जियो के सिम लेते समय देखी होगी। वर्तमान समय में सभी कंपनियां नए कनेक्शन देते समय ग्राहक का आधार कार्ड और बॉयोमैट्रिक वैरिफिकेशन करती हैं। इस प्रक्रिया से टेलीकॉम कंपनियों के साथ साथ ग्राहकों के लिए नया कनेक्शन लेना आसा हुआ है। अब ग्राहकों को नया नबंर शुरू करवाने के लिए दो से तीन दिनों का इंतजार नहीं करना पड़ता है।

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इसी कानून के तहत सरकार ने देश में यह कानून बनने के पहले से मौजूद मोबाइल नंबरों को भी इस प्रक्रिया का हिस्सा बनाने के लिए डिपार्टमेंट आॅफ टेलीकॉम ने 23 मार्च को आदेश जारी कर ग्राहकों के आधार वैरीफिकेशन को ​अनिवार्य कर दिया है। जो ग्राहक अपने आधार नंबर को मोबाइल नंबर से लिंक नहीं करवाएंगे उनका मोबाइल एक समय सीमा के बाद बंद कर दिया जाएगा।

नई दिल्ली। मोबाइल नंबर को आधार नंबर से जोड़ने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट गयीं ममता बनर्जी को अदालत से तगड़ी फटकार लगी है। अदालत ने ममता बनर्जी के रुख पर अपत्ति जताते हुए कहा है कि ऐसा करने के लिए संसद से कानून पास हुआ है और राज्य सरकार कैसे किसी कानून के खिलाफ जा सकती है। अगर ऐसा होता है तो आने वाले समय में केन्द्र सरकार भी राज्य सरकारों के कानून के खिलाफ जाएंगी। हालांकि अदालत ने ममता…
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