सुप्रीम कोर्ट में पेशी के बाद हदिया को मिली आजादी, पूरी करेगी पढ़ाई

सुप्रीम कोर्ट में पेशी के बाद हदिया को मिली आजादी, पूरी करेगी पढ़ाई

नई दिल्ली। अखिला अशोकन से हदिया बनी लव जिहाद की कथित पीड़िता की सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में हुई पेशी के बाद अदालत ने उसे आजाद कर दिया है। अदालत ने हदिया के बयान को ध्यान में रखते हुए उसे पिता की कस्टडी से आजाद करते हुए मेडिकल कालेज के हॉस्टल में रहने की छूट दी है, जहां से वह अपनी होम्योपैथ डॉक्टर की पढ़ाई कर रही है। हालांकि इस दौरान अदालत ने हदिया के पिता के पक्ष को भी ध्यान में रखा और उसे अपने पति के साथ रहने की अनुमति नहीं दी है।

मिली जानकारी के मुताबिक अदालत के सामने पेश हुई हदिया ने अदालत को बताया कि वह आजादी चाहती है और अपने पति के साथ रहना चाहती है। उसके पिता ने पिछले 11 महीनों से उसे कैद कर रखा है। उसने बिना किसी दबाव के मुस्लिम धर्म अपनाया है और वह इस्लाम को पूरी तरह से स्वीकार कर चुकी है। अदालत ने हदिया के बयान को ध्यान में रखते हुए उसे तमिलनाडु के उस मेडिकल कालेज के हॉस्टल में रहने की आजादी दे दी जहां से वह अपनी डॉक्टरी की पढ़ाई कर रही थी।

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इस बीच अदालत ने हदिया से पूछा कि क्या वह चाहती है कि राज्य सरकार उसकी पढ़ाई में किसी तरह की मदद करे, तो इसका जवाब देते हुए हदिया ने कहा कि उसका पति आर्थिक रूप से सक्षम है। वह उसकी पढ़ाई का खर्चा उठा सकता है। उसे इसके लिए किसी राज्य सरकार या अपने ​माता पिता पर निर्भर होने की जरूरत नहीं है।

आपको बता दें कि केरल निवासी अखिला अशोकन ने मेडिकल की शिक्षा के दौरान अपनी कुछ मुस्लिम सहेलियों के प्रभाव में आकर इस्लाम अपना लिया था। ​इस बात की जानकारी हदिया के पिता अशोकन को होने के बाद पूरे परिवार ने उसे हिन्दू धर्म अपनाने का दबाव बनाया था, लेकिन हदिया बनी अखिला ने अपने परिवार के खिलाफ जाते हुए एक मुस्लिम युवक से शादी कर ली थी। हदिया के इस्लमा कुबूल करने और मुस्लिम युवक से विवाह करने के बाद केरल हाईकोर्ट पहुंचे उसके पिता ने हदिया के पति पर लव जिहाद के आरोप लगाए थे। अशोकन का आरोप था कि हदिया का उसकी मुस्लिम दोस्तों के माध्यम से माइंडवॉश कर लव जिहाद का शिकार बनाया गया और उसे सीरिया में इस्लामिक इस्टेट में ले जाने की तैयारी थी। केरल हाईकोर्ट ने अशोकन की याचिका पर सुनवाई करने के बाद हदिया की कस्टडी उसे देते हुए उसके इस्लामिक विवाह को गैर कानूनी करार दे दिया था। हाईकोर्ट के इसी फैसले के खिलाफ हदिया के पति ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर अपने विवाह को सही ठहराने और हदिया की कस्टडी लेने का दावा ठोंका है।

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