घोटालेबाज यादव सिंह को मिली बेल, ईडी नहीं दाखिल कर सका आरोप पत्र

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लखनऊ। हजारों करोड़ के घोटाला के आरोपी नोएडा अथॉरिटी के पूर्व चीफ इंजीनीयर यादव सिंह को बेल मिल गयी है। इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय को 60 दिनों में आरोप पत्र दाखिल करना था, जो नहीं किया गया। बीती एक मई को यादव सिंह ने जमानत याचिका दाखिल की थी लेकिन प्रवर्तन निदेशालय ने आरोप पत्र दाखिल नहीं किया। प्रवर्तन निदेशालय की हीलाहवाली के चलते हजारों करोड़ के आरोपी यादव सिंह को बेल मिल गयी।

Supreme Court Granted Conditional Interim Bail To Yadav Singh :

बताते चलें कि कानूनन 60 दिनों के अंदर आरोप पत्र दाखिल न होने पर जमानत मिल जाती है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के पूर्व मुख्य अभियंता यादव सिंह करीब एक हजार करोड़ रुपये के टेंडर घोटाले में डासना जेल में बंद थे। सीबीआई की अदालत में उनके मुकदमे की सुनवाई चल रही है।

घोटाले में सीबीआई जांच होने के बाद प्रवर्तन निदेशालय ने भी कार्रवाई शुरु कर दी थी। बताया जा रहा है कि बसपा शासनकाल में नोएडा के दोनों प्राधिकरण में तैनाती के दौरान यादव सिंह पर आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप है।

घोटाले के खुलासे के बाद ईडी ने उनकी संपत्ति भी सीज कर दी थी। इसी मामले में लखनऊ की प्रवर्तन निदेशालय कोर्ट से यादव सिंह को तलब किया गया था।

लखनऊ। हजारों करोड़ के घोटाला के आरोपी नोएडा अथॉरिटी के पूर्व चीफ इंजीनीयर यादव सिंह को बेल मिल गयी है। इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय को 60 दिनों में आरोप पत्र दाखिल करना था, जो नहीं किया गया। बीती एक मई को यादव सिंह ने जमानत याचिका दाखिल की थी लेकिन प्रवर्तन निदेशालय ने आरोप पत्र दाखिल नहीं किया। प्रवर्तन निदेशालय की हीलाहवाली के चलते हजारों करोड़ के आरोपी यादव सिंह को बेल मिल गयी।बताते चलें कि कानूनन 60 दिनों के अंदर आरोप पत्र दाखिल न होने पर जमानत मिल जाती है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के पूर्व मुख्य अभियंता यादव सिंह करीब एक हजार करोड़ रुपये के टेंडर घोटाले में डासना जेल में बंद थे। सीबीआई की अदालत में उनके मुकदमे की सुनवाई चल रही है।घोटाले में सीबीआई जांच होने के बाद प्रवर्तन निदेशालय ने भी कार्रवाई शुरु कर दी थी। बताया जा रहा है कि बसपा शासनकाल में नोएडा के दोनों प्राधिकरण में तैनाती के दौरान यादव सिंह पर आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप है।घोटाले के खुलासे के बाद ईडी ने उनकी संपत्ति भी सीज कर दी थी। इसी मामले में लखनऊ की प्रवर्तन निदेशालय कोर्ट से यादव सिंह को तलब किया गया था।