आम्रपाली बिल्डर्स को SC का झटका, कई संपत्तियों को अटैच करने का आदेश

आम्रपाली बिल्डर्स को SC का झटका, कई संपत्तियों को अटैच करने का आदेश
आम्रपाली बिल्डर्स को SC का झटका, कई संपत्तियों को अटैच करने का आदेश

नई दिल्ली। आम्रपाली समूह को सुप्रीम कोर्ट ने तगड़ा झटका दिया है सर्वोच्च अदालत ने बुधवार को अपने अतंरिम आदेश में आम्रपाली ग्रुप के फाइव स्टार होटल, एफएमसीजी कंपनी, कॉर्पोरेट ऑफिस और मॉल्स को अटैच करने का आदेश दिया है।

Supreme Court Order To Seize Many Properties Of Amrapali Group :

आपको बता दें कि आम्रपाली के सैकडों हाउसिंग प्रॉजेक्ट्स लटके हुए हैं और हजारों ग्राहकों के पैसे इस प्रॉजेक्ट में फंसे हुए हैं। सितंबर महीने में कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा था कि हजारों लोगों को अब तक फ्लैट मुहैया नहीं कराया जाना गंभीर धोखाधड़ी है।

इससे पहले, होम बायर्स से जुटाए पैसे का क्या किया, इसकी सही-सही जानकारी नहीं देने पर जेल में डालने की सुप्रीम कोर्ट की धमकी के बाद आम्रपाली ग्रुप के सीएमडी ने मान लिया कि 2,996 करोड़ रुपये दूसरी कंपनी का बिजनस बढ़ाने में लगा दिए गए।

इसी वजह से हाउजिंग प्रॉजेक्ट्स पूरा करने के लिए जरूरी रकम का अभाव हो गया और ये प्रॉजेक्ट्स लटक गए। कंपनी ने कहा कि 2,996 करोड़ रुपये के डायवर्जन का आंकड़ा मार्च 2015 तक का ही है क्योंकि उसके बाद से बैलेंसशीट अपडेट ही नहीं की गई है।

बता दें कि आम्रपाली के सैकड़ों हाउसिंग प्रोजेक्ट्स हैं, जिनमें नोएडा एवं ग्रेटर नोएडा के वो 170 टावर शामिल हैं जिनमें 46 हजार होम बायर्स ने निवेश कर रखा है। इन प्रोजेक्ट्स के लिए कंपनी ने विभिन्न वित्तीय संस्थानों एवं प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) के जरिए भी 4,040 करोड़ रुपये जुटाए। 2015 तक की बैलेंस शीट और कुछ कच्चे-पक्के आंकड़ों का हवाला देते हुए आम्रपाली ग्रुप ने दावा किया कि उसने इन हाउसिंग प्रॉजेक्ट्स में 10 हजार 300 करोड़ रुपये निवेश किए।

नई दिल्ली। आम्रपाली समूह को सुप्रीम कोर्ट ने तगड़ा झटका दिया है सर्वोच्च अदालत ने बुधवार को अपने अतंरिम आदेश में आम्रपाली ग्रुप के फाइव स्टार होटल, एफएमसीजी कंपनी, कॉर्पोरेट ऑफिस और मॉल्स को अटैच करने का आदेश दिया है।आपको बता दें कि आम्रपाली के सैकडों हाउसिंग प्रॉजेक्ट्स लटके हुए हैं और हजारों ग्राहकों के पैसे इस प्रॉजेक्ट में फंसे हुए हैं। सितंबर महीने में कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा था कि हजारों लोगों को अब तक फ्लैट मुहैया नहीं कराया जाना गंभीर धोखाधड़ी है।इससे पहले, होम बायर्स से जुटाए पैसे का क्या किया, इसकी सही-सही जानकारी नहीं देने पर जेल में डालने की सुप्रीम कोर्ट की धमकी के बाद आम्रपाली ग्रुप के सीएमडी ने मान लिया कि 2,996 करोड़ रुपये दूसरी कंपनी का बिजनस बढ़ाने में लगा दिए गए।इसी वजह से हाउजिंग प्रॉजेक्ट्स पूरा करने के लिए जरूरी रकम का अभाव हो गया और ये प्रॉजेक्ट्स लटक गए। कंपनी ने कहा कि 2,996 करोड़ रुपये के डायवर्जन का आंकड़ा मार्च 2015 तक का ही है क्योंकि उसके बाद से बैलेंसशीट अपडेट ही नहीं की गई है।बता दें कि आम्रपाली के सैकड़ों हाउसिंग प्रोजेक्ट्स हैं, जिनमें नोएडा एवं ग्रेटर नोएडा के वो 170 टावर शामिल हैं जिनमें 46 हजार होम बायर्स ने निवेश कर रखा है। इन प्रोजेक्ट्स के लिए कंपनी ने विभिन्न वित्तीय संस्थानों एवं प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) के जरिए भी 4,040 करोड़ रुपये जुटाए। 2015 तक की बैलेंस शीट और कुछ कच्चे-पक्के आंकड़ों का हवाला देते हुए आम्रपाली ग्रुप ने दावा किया कि उसने इन हाउसिंग प्रॉजेक्ट्स में 10 हजार 300 करोड़ रुपये निवेश किए।