आम्रपाली ग्रुप को SC का झटका, बैंक खाते जब्त करने का दिया आदेश

आम्रपाली ग्रुप को SC का झटका, बैंक खाते जब्त करने का दिया आदेश
आम्रपाली ग्रुप को SC का झटका, बैंक खाते जब्त करने का दिया आदेश

नई दिल्ली। देश की सर्वोच्च अदालत ने आम्रपाली ग्रुप के सभी बैंक खाते और चल संपत्ति को जब्त करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा कि आम्रपाली ग्रुप कोर्ट को भ्रमित कर ‘डर्टी गेम’ खेल रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने कोर्ट ने शहरी आवास मंत्रालय के सचिव और एनबीसीसी कंपनी के चेयरमैन को गुरुवार को पेश होने का आदेश दिया है। यह याचिका सुप्रीम कोर्ट में उन लोगों ने दाखिल की थी जिन्होंने ग्रुप में अपने लिए फ्लैट बुक किया था।

Supreme Court Orders Freezes Amrapali Group Accounts And Properties Of 40 Companies :

गुरुवार को फिर होगी सुनवाई

आदेश को अमल में लाने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने आम्रपाली ग्रुप के चैयरमैन अनिल शर्मा को आदेश दिया कि वो ग्रुप के सभी डायरेक्टर्स के पैन कार्ड और बैंक डिटेल गुरुवार तक उपलब्ध कराएं। इस मामले की गुरुवार को फिर सुनवाई होगी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आम्रपाली ग्रुप ने गुमराह किया है। और आदेशों का पालन नहीं किया। कोर्ट ने आम्रपाली ग्रुप के सभी 40 कंपनियों के खातों को देखने वाले चार्टेड एकाउंटेंट की लिस्ट भी मांगी है।

कोर्ट ने कहा आम्रपाली ग्रुप ‘डर्टी गेम’ खेल रहा

इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय के सचिव और एनबीसीसी के अध्यक्ष को भी समन भेजा कि वो गुरुवार को खुद अदालत में हाजिर हों और बताएं की आम्रपाली के प्रोजेक्ट को समय पर पूरा करने के लिए वो क्या कदम उठा रहे हैं। दरअसल इस साल 17 मई को सुप्रीमकोर्ट ने कहा था कि आम्रपाली ग्रुप ने 2765 करोड़ रुपये दूसरे कामों में ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद कोर्ट ने आम्रपाली को आदेश दिया कि वो 250 करोड़ रुपये कोर्ट में जमा करे। ऐसा नहीं करने पर कोर्ट ने कहा कि जिन प्रोजेक्ट्स में लोग रह रहे हैं, वहां बेसिक सुविधाएं पूरी करें। आम्रपाली ने ऐसा कुछ नहीं किया।

नोएडा में होम प्रोजेक्ट्स में सैकड़ों लोगों ने वर्षों से बुकिंग करा रखी है, लेकिन उन्हें अपना मकान नहीं मिला। अब कहा जा रहा है कि कोर्ट आम्रपाली के इन प्रोजेक्ट्स को एनबीसीसी को सौंप सकता है, ताकि वो इन्हें पूरा करके होम बायर्स को अपना मकान सौंप सके। यदि ऐसा होता है तो होम बायर्स के लिए बहुत बड़ी राहत की खबर होगी।

नई दिल्ली। देश की सर्वोच्च अदालत ने आम्रपाली ग्रुप के सभी बैंक खाते और चल संपत्ति को जब्त करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा कि आम्रपाली ग्रुप कोर्ट को भ्रमित कर 'डर्टी गेम' खेल रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने कोर्ट ने शहरी आवास मंत्रालय के सचिव और एनबीसीसी कंपनी के चेयरमैन को गुरुवार को पेश होने का आदेश दिया है। यह याचिका सुप्रीम कोर्ट में उन लोगों ने दाखिल की थी जिन्होंने ग्रुप में अपने लिए फ्लैट बुक किया था।

गुरुवार को फिर होगी सुनवाई

आदेश को अमल में लाने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने आम्रपाली ग्रुप के चैयरमैन अनिल शर्मा को आदेश दिया कि वो ग्रुप के सभी डायरेक्टर्स के पैन कार्ड और बैंक डिटेल गुरुवार तक उपलब्ध कराएं। इस मामले की गुरुवार को फिर सुनवाई होगी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आम्रपाली ग्रुप ने गुमराह किया है। और आदेशों का पालन नहीं किया। कोर्ट ने आम्रपाली ग्रुप के सभी 40 कंपनियों के खातों को देखने वाले चार्टेड एकाउंटेंट की लिस्ट भी मांगी है।

कोर्ट ने कहा आम्रपाली ग्रुप 'डर्टी गेम' खेल रहा

इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय के सचिव और एनबीसीसी के अध्यक्ष को भी समन भेजा कि वो गुरुवार को खुद अदालत में हाजिर हों और बताएं की आम्रपाली के प्रोजेक्ट को समय पर पूरा करने के लिए वो क्या कदम उठा रहे हैं। दरअसल इस साल 17 मई को सुप्रीमकोर्ट ने कहा था कि आम्रपाली ग्रुप ने 2765 करोड़ रुपये दूसरे कामों में ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद कोर्ट ने आम्रपाली को आदेश दिया कि वो 250 करोड़ रुपये कोर्ट में जमा करे। ऐसा नहीं करने पर कोर्ट ने कहा कि जिन प्रोजेक्ट्स में लोग रह रहे हैं, वहां बेसिक सुविधाएं पूरी करें। आम्रपाली ने ऐसा कुछ नहीं किया।नोएडा में होम प्रोजेक्ट्स में सैकड़ों लोगों ने वर्षों से बुकिंग करा रखी है, लेकिन उन्हें अपना मकान नहीं मिला। अब कहा जा रहा है कि कोर्ट आम्रपाली के इन प्रोजेक्ट्स को एनबीसीसी को सौंप सकता है, ताकि वो इन्हें पूरा करके होम बायर्स को अपना मकान सौंप सके। यदि ऐसा होता है तो होम बायर्स के लिए बहुत बड़ी राहत की खबर होगी।