धारा 370 को लेकर दायर याचिकाओं पर आज सुप्रीम कोर्ट में होगी सुनवाई

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नई दिल्ली। जम्मू कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 हटाने के केंद्र सरकार के फैसले के खिलाफ कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद और अन्य की ओर से दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट आज सुनवाई करेगा। इसके अलावा अनुच्छेद 370 हटाने के बाद लगी पाबंदियों के खिलाफ दायर याचिकाओं पर भी सुनवाई होगी।

Supreme Court To Hear Pleas Against Centres Move To Abrogate Article 370 Restrictions In Jammu And Kashmir Today :

इससे पहले अनुच्छेद 370 हटाने के खिलाफ दायर याचिकाओं को सुप्रीम कोर्ट ने संविधान पीठ के पास भेज दिया था। कोर्ट ने कहा था कि अक्टूबर में संविधान पीठ इस मामले की सुनवाई करेगी। पिछली सुनवाई में कश्मीर टाइम्स की संपादक की शिकायत थी कि श्रीनगर से उनका अखबार प्रकाशित नहीं हो रहा है।

सरकार ने कहा था कि बाकी अखबार छप रहे हैं और ये जानबूझकर नहीं छाप रहे। कश्मीर के हालात पर अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि एक एक कर पाबंदिया हटाई जा रही हैं। 80 फीसदी लैंडलाइन चालू किए जा चुके हैं। इलाज में दिक्कत की शिकायत झूठी है। इस दौरान 4 हज़ार से ज़्यादा लोगों की बड़ी सर्जरी हुई है 40 हज़ार से ज़्यादा छोटी सर्जरी हुई।

आपको बता दें कि राष्ट्रपति ने आदेश जारी कर जम्मू कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाला प्रावधान अनुच्छेद 370 समाप्त कर दिया था। इतना ही नहीं जम्मू कश्मीर और लद्दाख को दो केन्द्र शासित प्रदेशों में बांट दिया गया है।

अनुच्छेद 370 खत्म करने का प्रस्ताव संसद के दोनों सदनों से भारी बहुमत से पास हुआ था और उसके बाद राष्ट्रपति ने आदेश जारी किया था। जम्मू कश्मीर में अनुच्छेद 370 समाप्त होने के बाद सुरक्षा के लिहाज से एहतियात के तौर पर कुछ कदम उठाए गए थे।

नई दिल्ली। जम्मू कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 हटाने के केंद्र सरकार के फैसले के खिलाफ कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद और अन्य की ओर से दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट आज सुनवाई करेगा। इसके अलावा अनुच्छेद 370 हटाने के बाद लगी पाबंदियों के खिलाफ दायर याचिकाओं पर भी सुनवाई होगी। इससे पहले अनुच्छेद 370 हटाने के खिलाफ दायर याचिकाओं को सुप्रीम कोर्ट ने संविधान पीठ के पास भेज दिया था। कोर्ट ने कहा था कि अक्टूबर में संविधान पीठ इस मामले की सुनवाई करेगी। पिछली सुनवाई में कश्मीर टाइम्स की संपादक की शिकायत थी कि श्रीनगर से उनका अखबार प्रकाशित नहीं हो रहा है। सरकार ने कहा था कि बाकी अखबार छप रहे हैं और ये जानबूझकर नहीं छाप रहे। कश्मीर के हालात पर अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि एक एक कर पाबंदिया हटाई जा रही हैं। 80 फीसदी लैंडलाइन चालू किए जा चुके हैं। इलाज में दिक्कत की शिकायत झूठी है। इस दौरान 4 हज़ार से ज़्यादा लोगों की बड़ी सर्जरी हुई है 40 हज़ार से ज़्यादा छोटी सर्जरी हुई। आपको बता दें कि राष्ट्रपति ने आदेश जारी कर जम्मू कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाला प्रावधान अनुच्छेद 370 समाप्त कर दिया था। इतना ही नहीं जम्मू कश्मीर और लद्दाख को दो केन्द्र शासित प्रदेशों में बांट दिया गया है। अनुच्छेद 370 खत्म करने का प्रस्ताव संसद के दोनों सदनों से भारी बहुमत से पास हुआ था और उसके बाद राष्ट्रपति ने आदेश जारी किया था। जम्मू कश्मीर में अनुच्छेद 370 समाप्त होने के बाद सुरक्षा के लिहाज से एहतियात के तौर पर कुछ कदम उठाए गए थे।