दहेज प्रताड़ना मामले में SC का अहम फैसला, अब हो सकेगी पति की तुरंत गिरफ्तारी

दहेज प्रताड़ना मामले में SC का अहम फैसला, अब हो सकेगी पति की तुरंत गिरफ्तारी
दहेज प्रताड़ना मामले में SC का अहम फैसला, अब हो सकेगी पति की तुरंत गिरफ्तारी

Supreme Court Verdict On Dowry Harassment Cases Under Section 498a Of Ipc

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने दहेज उत्पीड़न मामले (498 A) में तुरंत गिरफ्तारी पर रोक के खिलाफ दायर याचिकाओं पर शुक्रवार को अहम फैसला सुनाया है। सुप्रीम कोर्ट ने ऐसे मामलों में गिरफ्तारी हो या नहीं ये तय करने का अधिकार पुलिस को वापस दे दिया है।

मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा, जस्टिस ए.एम.खानविलकर और जस्टिस डी.वाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली तीन जजों की पीठ ने अपने पुराने फैसले में संशोधन करते हुए कहा है कि शिकायतों के निपटारे के लिए परिवार कल्याण कमेटी की जरूरत नहीं है। पुलिस को आवश्यक लगे तो वह आरोपी को तुरंत गिरफ्तार कर सकती है।

मामले में आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी पर लगी रोक हटाते हुए कोर्ट ने कहा कि पीड़ित की सुरक्षा के लिए ऐसा करना जरूरी है। कोर्ट ने आगे कहा कि आरोपी के पास अग्रिम जमानत का विकल्प खुला है। बता दें कि इसी साल अप्रैल माह में सुप्रीम कोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।

गौरतलब है कि पिछले साल 28 जुलाई को राजेश शर्मा बनाम उत्तर प्रदेश मामले में दो सदस्यीय पीठ ने कई दिशानिर्देश जारी किए थे। इनमें दहेज उत्पीड़न मामले में बिना जांच-पड़ताल के पति और ससुरालियों की गिरफ्तारी पर रोक की बात कही गई थी। साथ ही पीठ ने हर जिले में कम से एक परिवार कल्याण समिति के गठन का निर्देश दिया था।

शीर्ष अदालत ने कहा था कि 498ए की हर शिकायत को समिति के पास भेजा जाए और समिति की रिपोर्ट आने तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होनी चाहिए। साथ ही इस काम के लिए सिविल सोसाइटी को भी शामिल करने का निर्देश दिया गया था।

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने दहेज उत्पीड़न मामले (498 A) में तुरंत गिरफ्तारी पर रोक के खिलाफ दायर याचिकाओं पर शुक्रवार को अहम फैसला सुनाया है। सुप्रीम कोर्ट ने ऐसे मामलों में गिरफ्तारी हो या नहीं ये तय करने का अधिकार पुलिस को वापस दे दिया है। मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा, जस्टिस ए.एम.खानविलकर और जस्टिस डी.वाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली तीन जजों की पीठ ने अपने पुराने फैसले में संशोधन करते हुए कहा है कि शिकायतों के निपटारे के लिए…