Surya Grahan 2018 समय और तारीख: साल का पहला सूर्य ग्रहण आज, जानिए क्या करें और क्या न करें

Surya Grahan 2018 समय और तारीख: साल का पहला सूर्य ग्रहण आज, जानिए क्या करें और क्या न करें
Surya Grahan 2018 समय और तारीख: साल का पहला सूर्य ग्रहण आज, जानिए क्या करें और क्या न करें
नई दिल्ली। वर्ष 2018 का पहला सूर्य ग्रहण आज यानि गुरुवार को देखने को मिलेगा। साल 2018 में कुल तीन सूर्य ग्रहण घटित होंगे। ये तीनों आंशिक सूर्य ग्रहण होंगे भारत में ये तीनों ग्रहण दिखाई नहीं देंगे लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि आप पर इस ग्रहण का प्रभाव नहीं पड़ेगा। ये तीनों सूर्य ग्रहण दक्षिण अमेरिका, अटलांटिक और अंटार्कटिका के क्षेत्रों में दिखाई देंगे। भारत में सूर्य ग्रहण की तिथियों और उसके होने के वक्त को लेकर…

नई दिल्ली। वर्ष 2018 का पहला सूर्य ग्रहण आज यानि गुरुवार को देखने को मिलेगा। साल 2018 में कुल तीन सूर्य ग्रहण घटित होंगे। ये तीनों आंशिक सूर्य ग्रहण होंगे भारत में ये तीनों ग्रहण दिखाई नहीं देंगे लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि आप पर इस ग्रहण का प्रभाव नहीं पड़ेगा। ये तीनों सूर्य ग्रहण दक्षिण अमेरिका, अटलांटिक और अंटार्कटिका के क्षेत्रों में दिखाई देंगे। भारत में सूर्य ग्रहण की तिथियों और उसके होने के वक्त को लेकर ज्योतिष और आम लोगों में काफी उत्सुकता बनी हुई है। यह कोई पहला मौका नहीं है जब भारत में सूर्य ग्रहण नही देखने को मिलेगा बल्कि इससे पहले भी कई बार सूर्य ग्रहण को भारत में नहीं देखा गया है।

सूर्य ग्रहण काल की अवधि-

{ यह भी पढ़ें:- 21 अगस्त को साल का सबसे बड़ा सूर्यग्रहण, जानें कहां-कहां होगा असर और किन बातों का रखें ख्‍याल }

  • ग्रहण आरम्भ- 15 फरवरी गुरुवार मध्यरात्रि 0 0 :25 मिनट
  • परम ग्रास 16 फरवरी सुबह -0 2 :24 मिनट
  • ग्रहण समाप्ति 16 फरवरी सुबह- 04 :17 मिनट

सूर्य ग्रहण के दौरान भूलकर भी ना करें ये काम

  • सूर्य ग्रहण के दौरान पृथ्वी के उत्तरी एवं दक्षिणी ध्रुव प्रभावित होते हैं। इसलिए यह अवधि ऋणात्मक मानी जाती है। सूर्य से अल्ट्रावॉयलेट किरणें निकलती हैं, जो एंजाइम सिस्टम को प्रभावित करती हैं, इसलिए सूर्यग्रहण के दौरान सावधानी बरतने की जरूरत है।
  • सूर्य ग्रहण को कभी भी नंगी आंखों से नहीं देखना चाहिए। इसको देखने के लिए वैज्ञानिक प्रमाणित टेलिस्‍टकोप का ही इस्ते माल करना चाहिए। सूर्य ग्रहण को देखने के लिए वैसे चश्मेंि का भी इस्तेपमाल किया जा सकता है, जिनमें अल्ट्रारवॉयलेट किरणों को रोकने की क्षमता हो।

सूर्य ग्रहण काल में क्या करें?

  • सूतक समय के बाद स्वयं भी स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें, तथा देवमूर्तियोम को स्नान करा कर, गंगाजल छिडक कर, नवीन वस्त्र पहनाकर, देवों का श्रंगार करना चाहिए।
  • सूर्य ग्रहण काल शुरू होने से समाप्ति के मध्य की अवधि में मंत्र ग्रहण, मंत्रदीक्षा, जप, उपासना, पाठ, हवन, मानसिक जाप, चिन्तन करना कल्याणकारी होता है।
  • सूर्य ग्रहण के बाद इन तुलसी और शमी पर भी गंगाजल छिड़क इन्हें शुद्ध किया जाता है।
  • सूर्य ग्रहण में अपने इष्ट देव, मंत्र, गुरु मंत्र, गायत्री मंत्र आदि का जप दीपक जला कर करना चाहिए।
  • मंत्रों की सिद्धि के लिये यह समय सर्वथा शुभ होता है।

Loading...