सुशांत सिंह के परिवार ने की माफी की मांग, संजय राउत बोले इस पर करेंगे विचार

sanjay-raut-1200-2

नई दिल्ली: बॉलीवुड एक्टर सुशांत सिंह राजपूत की मौत का रहस्य रोज हो रहे नए खुलासे के बाद जहां और गहरा गया है तो वहीं दूसरी तरफ इस पर बयानबाजी भी खूब हो रही है। शिवसेना प्रवक्ता संजय राउत की तरफ से सुशांत के पिता पर दिए बयान के बाद एक नया बवाल शुरू हो गया है। सुशांत के परिवार की तरफ से संजय राउत के बयान पर माफी की मांग के बाद शिवसेना प्रवक्ता ने कहा कि वह इसके ऊपर विचार करेंगे।

Sushant Singhs Family Demands Apology Sanjay Raut Said He Will Consider It :

संजय राउत ने मीडिया से बात करते हुए कहा- उनकी तरफ से इस बारे में अगर कोई गलती हुई हो तो वे इस पर विचार करेंगे। राउत ने आगे कहा, लेकिन हमें इसको देखना पड़ेगा। जो कुछ भी मैंने कहा उसको लेकर हमारे पास जानकारी थी और सुशांत के परिवार ने जो कुछ भी कहा उस बारे में उनके पास जानकारी थी। इधर, सुशांत सिंह राजपूत सुसाइड केस में सुशांत के चचेरे भाई भाजपा विधायक नीरज कुमार बबलू के वकील ने महाराष्ट्र के राज्यसभा सांसद संजय राउत को वकालतन नोटिस भेजा है। अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत के पिता केके सिंह पर की गई टिप्पणी से आहत होकर विधायक ने उन्हें ये नोटिस भेजा है।

शिवसेना नेता संजय राउत ने रविवार को दावा किया कि सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में ‘दबाव की तरकीब का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके अलावा उन्होंने सुशांत और उनके पिता केके सिंह के रिश्ते पर भी बड़ा बयान दिया है। दरअसल, संजय ने शिवसेना के मुखपत्र ‘सामना’ में दावा किया कि सुशांत के अपने पिता से मधुर संबंध नहीं थे। उन्होंने लिखा, ‘सुशांत को पिता की दूसरी शादी स्वीकार्य नहीं थी। बीजेपी ने महाराष्ट्र मंत्रिमंडल के एक युवा मंत्री को इससे जोड़ कर घटना को सनसनीखेज बना दिया। दो अंग्रेजी न्यूज चैनलों ने मुख्यमंत्री को चुनौती देनी शुरू की और पुलिस को भ्रमित कर दिया।

संजय ने लिखा कि सुशांत की मौत से पहले अभिनेता डिनो मोरिया के घर पर कथित तौर पर हुई एक पार्टी को इस मामले से जोड़ा जा रहा। मोरिया और अन्य लोग आदित्य ठाकरे के मित्र हैं और यदि इस दोस्ती की वजह से ठाकरे को निशाना बनाया जा रहा, तो यह गलत है। संजय ने आगे लिखा, ‘यदि कोई व्यक्ति राजनीतिकरण और दबाव की तरकीब का इस्तेमाल करना चाहता है, तो हमारे देश में कुछ भी हो सकता है। ऐसा प्रतीत होता है कि सुशांत प्रकरण की पटकथा पहले से लिखी गई थी। परदे के पीछे जो कुछ हुआ है, वह महाराष्ट्र के खिलाफ साजिश है।

नई दिल्ली: बॉलीवुड एक्टर सुशांत सिंह राजपूत की मौत का रहस्य रोज हो रहे नए खुलासे के बाद जहां और गहरा गया है तो वहीं दूसरी तरफ इस पर बयानबाजी भी खूब हो रही है। शिवसेना प्रवक्ता संजय राउत की तरफ से सुशांत के पिता पर दिए बयान के बाद एक नया बवाल शुरू हो गया है। सुशांत के परिवार की तरफ से संजय राउत के बयान पर माफी की मांग के बाद शिवसेना प्रवक्ता ने कहा कि वह इसके ऊपर विचार करेंगे।

संजय राउत ने मीडिया से बात करते हुए कहा- उनकी तरफ से इस बारे में अगर कोई गलती हुई हो तो वे इस पर विचार करेंगे। राउत ने आगे कहा, लेकिन हमें इसको देखना पड़ेगा। जो कुछ भी मैंने कहा उसको लेकर हमारे पास जानकारी थी और सुशांत के परिवार ने जो कुछ भी कहा उस बारे में उनके पास जानकारी थी। इधर, सुशांत सिंह राजपूत सुसाइड केस में सुशांत के चचेरे भाई भाजपा विधायक नीरज कुमार बबलू के वकील ने महाराष्ट्र के राज्यसभा सांसद संजय राउत को वकालतन नोटिस भेजा है। अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत के पिता केके सिंह पर की गई टिप्पणी से आहत होकर विधायक ने उन्हें ये नोटिस भेजा है।

शिवसेना नेता संजय राउत ने रविवार को दावा किया कि सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में 'दबाव की तरकीब का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके अलावा उन्होंने सुशांत और उनके पिता केके सिंह के रिश्ते पर भी बड़ा बयान दिया है। दरअसल, संजय ने शिवसेना के मुखपत्र 'सामना' में दावा किया कि सुशांत के अपने पिता से मधुर संबंध नहीं थे। उन्होंने लिखा, 'सुशांत को पिता की दूसरी शादी स्वीकार्य नहीं थी। बीजेपी ने महाराष्ट्र मंत्रिमंडल के एक युवा मंत्री को इससे जोड़ कर घटना को सनसनीखेज बना दिया। दो अंग्रेजी न्यूज चैनलों ने मुख्यमंत्री को चुनौती देनी शुरू की और पुलिस को भ्रमित कर दिया।

संजय ने लिखा कि सुशांत की मौत से पहले अभिनेता डिनो मोरिया के घर पर कथित तौर पर हुई एक पार्टी को इस मामले से जोड़ा जा रहा। मोरिया और अन्य लोग आदित्य ठाकरे के मित्र हैं और यदि इस दोस्ती की वजह से ठाकरे को निशाना बनाया जा रहा, तो यह गलत है। संजय ने आगे लिखा, 'यदि कोई व्यक्ति राजनीतिकरण और दबाव की तरकीब का इस्तेमाल करना चाहता है, तो हमारे देश में कुछ भी हो सकता है। ऐसा प्रतीत होता है कि सुशांत प्रकरण की पटकथा पहले से लिखी गई थी। परदे के पीछे जो कुछ हुआ है, वह महाराष्ट्र के खिलाफ साजिश है।