SAARC सम्मलेन पर बोली सुषमा स्वराज, कहा – आतंक और बातचीत साथ-साथ नहीं

SAARC सम्मलेन पर बोली सुषमा स्वराज, कहा - आतंक और बातचीत साथ-साथ नहीं
SAARC सम्मलेन पर बोली सुषमा स्वराज, कहा - आतंक और बातचीत साथ-साथ नहीं

नई दिल्ली। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने बुधवार को साफ कर दिया है कि भारत इस साल सार्क सम्मेलन में शामिल नहीं होगा। सुषमा स्वराज ने बुधवार को कहा कि जब तक पाकिस्तान भारत में आतंकी गतिविधियों पर रोक नहीं लगाएगा, तब तक कोई दि्वपक्षीय बातचीत नहीं होगी। सुषमा स्वराज ने कहा, ‘हम लोग पाकिस्तान की ओर से सार्क सम्मेलन के लिए भेजे गए न्योते पर सकारात्मक जवाब नहीं दे रहे हैं।

Sushma Swaraj Says No Talk With Pakistan Untill They Stop Terrorism Invited To Attend Saarc :

सुषमा ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी सार्क सम्मेलन में हिस्सा लेने पाकिस्तान नहीं जाएंगे। बता दें कि मंगलवार को पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने सार्क सम्मेलन के लिए भारत को न्योता देने की बात कही थी। जब से पाकिस्तान के पास सार्क अध्यक्ष का पद गया है, इस संगठन की कोई बैठक नहीं हो पाई है। सुषमा ने बुधवार को भोपाल में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि पड़ोसी से बातचीत कैसे हो सकती है। उन्होंने कहा,’ हमें पठानकोट और उड़ी हमले को भी देखना होगा। बात और आतंक साथ-साथ नहीं चल सकते हैं।’

सार्क समिट के लिए पीएम मोदी को पाक के न्योते पर सुषमा ने कहा, ‘सार्क सम्मेलन के लिए तिथि सभी सदस्यों की सहमति के आधार पर तय की जाती है। यह एक सामान्य परंपरा है। तारीख तय होने के बाद ही सदस्य राष्ट्रों को औपचारिक निमंत्रण भेजा जाता है।’ वहीं, एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने बताया, ‘भारत सार्क सम्मेलन में कोई विशिष्ट अतिथि नहीं है, जिसके लिए पाकिस्तान खास निमंत्रण भेजेगा। सार्क का भारत अभिन्न हिस्सा रहा है। सभी सदस्यों की सहमति के आधार पर ही सार्क सम्मेलन की तारीख तय की जाती है। हालांकि, यह अफसोसजनक है कि इस बार ऐसा नहीं हुआ।’

सुषमा स्वराज ने कहा, ‘दि्वपक्षीय बातचीत और करतारपुर कॉरिडोर दोनों अलग-अलग हैं। भारत सरकार पिछले 20 साल से इस कॉरिडोर को लेकर पाकिस्तान से बातचीत कर रही थी। पाकिस्तान ने पहली बार सकारात्मक जवाब दिया है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि दि्वपक्षीय बातचीत शुरू हो जाएगी। हम हमेशा कहते आ रहे है कि आतंक और बातचीत साथ नहीं चल सकतीं। पाकिस्तान को पहले आतंकी गतिविधियों को रोकना होगा, उसके बाद बातचीत शुरू होगी।’

नई दिल्ली। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने बुधवार को साफ कर दिया है कि भारत इस साल सार्क सम्मेलन में शामिल नहीं होगा। सुषमा स्वराज ने बुधवार को कहा कि जब तक पाकिस्तान भारत में आतंकी गतिविधियों पर रोक नहीं लगाएगा, तब तक कोई दि्वपक्षीय बातचीत नहीं होगी। सुषमा स्वराज ने कहा, 'हम लोग पाकिस्तान की ओर से सार्क सम्मेलन के लिए भेजे गए न्योते पर सकारात्मक जवाब नहीं दे रहे हैं। सुषमा ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी सार्क सम्मेलन में हिस्सा लेने पाकिस्तान नहीं जाएंगे। बता दें कि मंगलवार को पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने सार्क सम्मेलन के लिए भारत को न्योता देने की बात कही थी। जब से पाकिस्तान के पास सार्क अध्यक्ष का पद गया है, इस संगठन की कोई बैठक नहीं हो पाई है। सुषमा ने बुधवार को भोपाल में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि पड़ोसी से बातचीत कैसे हो सकती है। उन्होंने कहा,' हमें पठानकोट और उड़ी हमले को भी देखना होगा। बात और आतंक साथ-साथ नहीं चल सकते हैं।' सार्क समिट के लिए पीएम मोदी को पाक के न्योते पर सुषमा ने कहा, 'सार्क सम्मेलन के लिए तिथि सभी सदस्यों की सहमति के आधार पर तय की जाती है। यह एक सामान्य परंपरा है। तारीख तय होने के बाद ही सदस्य राष्ट्रों को औपचारिक निमंत्रण भेजा जाता है।' वहीं, एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने बताया, 'भारत सार्क सम्मेलन में कोई विशिष्ट अतिथि नहीं है, जिसके लिए पाकिस्तान खास निमंत्रण भेजेगा। सार्क का भारत अभिन्न हिस्सा रहा है। सभी सदस्यों की सहमति के आधार पर ही सार्क सम्मेलन की तारीख तय की जाती है। हालांकि, यह अफसोसजनक है कि इस बार ऐसा नहीं हुआ।' सुषमा स्वराज ने कहा, 'दि्वपक्षीय बातचीत और करतारपुर कॉरिडोर दोनों अलग-अलग हैं। भारत सरकार पिछले 20 साल से इस कॉरिडोर को लेकर पाकिस्तान से बातचीत कर रही थी। पाकिस्तान ने पहली बार सकारात्मक जवाब दिया है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि दि्वपक्षीय बातचीत शुरू हो जाएगी। हम हमेशा कहते आ रहे है कि आतंक और बातचीत साथ नहीं चल सकतीं। पाकिस्तान को पहले आतंकी गतिविधियों को रोकना होगा, उसके बाद बातचीत शुरू होगी।'