सुषमा ने उपराष्ट्रपति और कमर मोहसिन शेख ने पीएम मोदी को बांधी राखी

sushma swaraj rakhi
रक्षाबंधन: सुषमा ने उपराष्ट्रपति और कमर मोहसिन शेख ने मोदी को बांधी राखी

नई दिल्ली। आज पूरे देश में रक्षाबंधन का त्योहार भी बड़ी धूमधाम से मनाया जा रहा है। गरीब से लेकर अमीर तक सभी रक्षासूत्र के बदले बहनों उनकी सुरक्षा का भरोसा दिला रहे है। इसी क्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बहन कमर मोहसिन शेख ने उन्हें राखी बांधी, जबकि विदेश मंत्री सुषमा स्वराज भी उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू को राखी बांधने के लिए पहुंचीं। वहीं, राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने बच्चियों से राखी बंधवाई।

Sushma Swaraj Teid Rakhi To Vaiyaa Naidu On Raksha Bandhan :

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात कार्यक्रम में कहा कि इस त्योहार से सामाजिक सद्भाव को भी बढ़ावा मिलता है। इतिहास में इसके कई उदाहरण हैं। दूसरी ओर जोधपुर की बहनों ने एक अनोखी पहल की। उन लोगों ने भाईयों को राखी बांधने के बाद उनसे चेक लिए और उन्हे केरल में बाढ़ पीड़ितों को भेज दिया।

उधर पटना में एक बहन का इंतजार 19 साल बाद पूरा हो गया। उसका भाई रवीश कुमार 1999 में रक्षाबंधन से 10 दिन पहले लापता हो गया था। उन्हें खोजने के लिए बहन प्रेमा देवी ने 19 साल तक संघर्ष किया। पूरे परिवार के साथ ही पुलिस भी रवीश को मृत मान लिया था। लेकिन प्रेमा देवी को यकीन था कि भाई जिंदा है। वह शहर में और बाहर जाने वाले लोगों को लगातार भाई का पता लगाने के लिए कहती रही।

प्रेमा देवी को 2001 में खबर मिली थी कि रवीश सूरत में है। उनकी जिद पर पिता उमेश कुमार 2012 तक तीन बार सूरत गए और तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। बेटे को खोजते—खोजते उमेश का भी निधन हो गया। संयोग से पिछले दिनों फिर रवीश के सूरत में होने का पता चला। परिवार के दो सदस्यों ने सूरत पहुंचकर रवीश को पहचाना और घर ले आए। रवीश और प्रेमा देवी को मिलाने में पटना के रोहित ने अहम भूमिका निभाई। वह रवीश के साथ फैक्ट्री में काम करता था।

नई दिल्ली। आज पूरे देश में रक्षाबंधन का त्योहार भी बड़ी धूमधाम से मनाया जा रहा है। गरीब से लेकर अमीर तक सभी रक्षासूत्र के बदले बहनों उनकी सुरक्षा का भरोसा दिला रहे है। इसी क्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बहन कमर मोहसिन शेख ने उन्हें राखी बांधी, जबकि विदेश मंत्री सुषमा स्वराज भी उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू को राखी बांधने के लिए पहुंचीं। वहीं, राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने बच्चियों से राखी बंधवाई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात कार्यक्रम में कहा कि इस त्योहार से सामाजिक सद्भाव को भी बढ़ावा मिलता है। इतिहास में इसके कई उदाहरण हैं। दूसरी ओर जोधपुर की बहनों ने एक अनोखी पहल की। उन लोगों ने भाईयों को राखी बांधने के बाद उनसे चेक लिए और उन्हे केरल में बाढ़ पीड़ितों को भेज दिया। उधर पटना में एक बहन का इंतजार 19 साल बाद पूरा हो गया। उसका भाई रवीश कुमार 1999 में रक्षाबंधन से 10 दिन पहले लापता हो गया था। उन्हें खोजने के लिए बहन प्रेमा देवी ने 19 साल तक संघर्ष किया। पूरे परिवार के साथ ही पुलिस भी रवीश को मृत मान लिया था। लेकिन प्रेमा देवी को यकीन था कि भाई जिंदा है। वह शहर में और बाहर जाने वाले लोगों को लगातार भाई का पता लगाने के लिए कहती रही। प्रेमा देवी को 2001 में खबर मिली थी कि रवीश सूरत में है। उनकी जिद पर पिता उमेश कुमार 2012 तक तीन बार सूरत गए और तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। बेटे को खोजते—खोजते उमेश का भी निधन हो गया। संयोग से पिछले दिनों फिर रवीश के सूरत में होने का पता चला। परिवार के दो सदस्यों ने सूरत पहुंचकर रवीश को पहचाना और घर ले आए। रवीश और प्रेमा देवी को मिलाने में पटना के रोहित ने अहम भूमिका निभाई। वह रवीश के साथ फैक्ट्री में काम करता था।