लीबिया में 500 भारतीय फंसे, सुषमा ने कहा जल्द नहीं लौटे तो बचाना मुश्किल

sushma swaraj
लीबिया में 500 भारतीय फंसे, सुषमा ने कहा जल्द नहीं लौटे तो बचाना मुश्किल

नई दिल्ली। लीबिया की राजधानी त्रिपोली में जारी हिंसा के बीच विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने वहां फंसे भारतीयों से तत्काल लीबिया छोड़कर किसी अन्य देश में निकलने की अपील की है।

Sushma Urges 500 Indians Stranded In Tripoli Immediately Urged To Leave Libya :

सुषमा ने कहा कि फिलहाल फ्लाइट्स चल रही है। कृपया अपने रिश्तेदारों और दोस्तों से कहिए कि जल्द से जल्द त्रिपोली को छोड़ दें। हालात बिगड़ने के बाद हम आपको वहां से निकाल पाने में असमर्थ रहेंगे।

2011 के बाद फिर लीबिया में गृह युद्ध के हालात

विश्व स्वास्थ्य संगठन के द्वारा गुरुवार को एक रिपोर्ट जारी की गई। इसमें बताया गया कि बीते दो सप्ताह से लीबिया के त्रिपोली में जारी जंग के दौरान 205 लोगों की मौत हुई, जिनमें 18 आम नागरिक हैं।

अब तक 913 लोग गंभीर रूप से घायल हो चुके हैं। दरअसल यह लड़ाई खलीफा हफ्तार के द्वारा लीबिया की राजधानी को कब्जे में करने के लिए 4 अप्रैल को शुरू की गई थी। एक बार फिर 2011 की तरह गृह युद्ध के आसार हैं।

दूतावास ने जारी किया था हेल्पलाइन नंबर

भारतीय दूतावास की ओर से वहां रह रहे भारतीयों को हर संभव मदद देने की बात कही गई। साथ ही सभी को सावधानी बरतने की सलाह भी दी गई। दूतावास की ओर से एक हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया गया था।

नई दिल्ली। लीबिया की राजधानी त्रिपोली में जारी हिंसा के बीच विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने वहां फंसे भारतीयों से तत्काल लीबिया छोड़कर किसी अन्य देश में निकलने की अपील की है। सुषमा ने कहा कि फिलहाल फ्लाइट्स चल रही है। कृपया अपने रिश्तेदारों और दोस्तों से कहिए कि जल्द से जल्द त्रिपोली को छोड़ दें। हालात बिगड़ने के बाद हम आपको वहां से निकाल पाने में असमर्थ रहेंगे। 2011 के बाद फिर लीबिया में गृह युद्ध के हालात विश्व स्वास्थ्य संगठन के द्वारा गुरुवार को एक रिपोर्ट जारी की गई। इसमें बताया गया कि बीते दो सप्ताह से लीबिया के त्रिपोली में जारी जंग के दौरान 205 लोगों की मौत हुई, जिनमें 18 आम नागरिक हैं। अब तक 913 लोग गंभीर रूप से घायल हो चुके हैं। दरअसल यह लड़ाई खलीफा हफ्तार के द्वारा लीबिया की राजधानी को कब्जे में करने के लिए 4 अप्रैल को शुरू की गई थी। एक बार फिर 2011 की तरह गृह युद्ध के आसार हैं। दूतावास ने जारी किया था हेल्पलाइन नंबर भारतीय दूतावास की ओर से वहां रह रहे भारतीयों को हर संभव मदद देने की बात कही गई। साथ ही सभी को सावधानी बरतने की सलाह भी दी गई। दूतावास की ओर से एक हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया गया था।