दिग्विजय की हार के बाद समाधि लेने वाले मिर्ची बाबा को अखाड़े ने दिखाया बाहर का रास्‍ता

mirchi baba
दिग्विजय की हार के बाद समाधि लेने वाले मिर्ची बाबा को अखाड़े ने दिखाया बाहर का रास्‍ता

भोपाल। मध्यप्रदेश के भोपाल से कांग्रेस उम्मीदवार दिग्विजय सिंह की जीत के लिए हवन करने वाले महामंडलेश्वर स्वामी वैराग्यानंद बाबा को निरंजना अखाड़े से बर्खास्त कर दिया गया है। वैराग्यानंद ने कहा था- दिग्विजय के लिए पांच क्विंटल लाल मिर्च से दिग्विजय यज्ञ किया जाएगा। उनकी जीत पर मुझे कोई संशय नहीं है। अगर वे नहीं जीते तो उसी जगह उसी कुंड में जिंदा समाधि ले लूंगा।

Swami Vairagyanand Sacked By Niranjani Akhara After He Had Organized Yajna For Digvijay :

दरअसल, उन्होंने बीजेपी प्रत्याशी साध्वी प्रज्ञा सिंह को हराने के लिए हवन किया था। उन पर राजनीतिक बयानबाजी करने का भी आरोप लगा था। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेन्द्र गिरी ने कहा कि स्वामी वैराग्यानंद का कार्य गलत था। उनका आचरण साधु-संतों की मर्यादा के खिलाफ था।

उन्होंने बताया कि अखाड़े के पंच परमेश्वर की बैठक के बाद उन्हें निष्कासित करने का निर्णय लिया गया। महंत नरेंद्र गिरी ने बताया कि किसी के अहित के लिए पूजा कराना गलत है। संत के तौर पर उन्होंने राजनीतिक विद्वेष से ग्रसित होकर दिग्विजय सिंह की जीत और साध्वी प्रज्ञा की हार के लिए पूजा अनुष्ठान किया।

चुनाव परिणाम आने के बाद दिग्विजय सिंह को भोपाल करारी हार मिली है। लोकसभा चुनाव का नतीजा आने के बाद लोग लगातार उनकी तलाश कर रहे हैं, लेकिन, बाबा से किसी का संपर्क नहीं हो पा रहा है। कई लोगों ने महामंडलेश्वर वैराग्यानंद का मोबाइल नंबर तक ढूंढ लिया है और लोग उन्हें फोन कर रहे हैं, साथ ही पूछ रहे हैं कि बाबाजी अब समाधि कब लेंगे।

वहीं हरिद्वार के निरंजनी अखाड़े के सचिव रविंद्र पूरी के मुताबिक निरंजनी अखाड़े के महामंडलेश्वर वैराज्ञानंद गिरी को बदनामी उनके अखाड़े ने बाहर का रास्ता दिखा दिया है।

भोपाल। मध्यप्रदेश के भोपाल से कांग्रेस उम्मीदवार दिग्विजय सिंह की जीत के लिए हवन करने वाले महामंडलेश्वर स्वामी वैराग्यानंद बाबा को निरंजना अखाड़े से बर्खास्त कर दिया गया है। वैराग्यानंद ने कहा था- दिग्विजय के लिए पांच क्विंटल लाल मिर्च से दिग्विजय यज्ञ किया जाएगा। उनकी जीत पर मुझे कोई संशय नहीं है। अगर वे नहीं जीते तो उसी जगह उसी कुंड में जिंदा समाधि ले लूंगा। दरअसल, उन्होंने बीजेपी प्रत्याशी साध्वी प्रज्ञा सिंह को हराने के लिए हवन किया था। उन पर राजनीतिक बयानबाजी करने का भी आरोप लगा था। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेन्द्र गिरी ने कहा कि स्वामी वैराग्यानंद का कार्य गलत था। उनका आचरण साधु-संतों की मर्यादा के खिलाफ था। उन्होंने बताया कि अखाड़े के पंच परमेश्वर की बैठक के बाद उन्हें निष्कासित करने का निर्णय लिया गया। महंत नरेंद्र गिरी ने बताया कि किसी के अहित के लिए पूजा कराना गलत है। संत के तौर पर उन्होंने राजनीतिक विद्वेष से ग्रसित होकर दिग्विजय सिंह की जीत और साध्वी प्रज्ञा की हार के लिए पूजा अनुष्ठान किया। चुनाव परिणाम आने के बाद दिग्विजय सिंह को भोपाल करारी हार मिली है। लोकसभा चुनाव का नतीजा आने के बाद लोग लगातार उनकी तलाश कर रहे हैं, लेकिन, बाबा से किसी का संपर्क नहीं हो पा रहा है। कई लोगों ने महामंडलेश्वर वैराग्यानंद का मोबाइल नंबर तक ढूंढ लिया है और लोग उन्हें फोन कर रहे हैं, साथ ही पूछ रहे हैं कि बाबाजी अब समाधि कब लेंगे। वहीं हरिद्वार के निरंजनी अखाड़े के सचिव रविंद्र पूरी के मुताबिक निरंजनी अखाड़े के महामंडलेश्वर वैराज्ञानंद गिरी को बदनामी उनके अखाड़े ने बाहर का रास्ता दिखा दिया है।