1. हिन्दी समाचार
  2. तबलीगी जमात मामला: दिल्ली पुलिस ने हाईकोर्ट में दायर की ​स्टेटस रिपोर्ट, बढ़ सकती हैं मौलाना साद की मुश्किलें

तबलीगी जमात मामला: दिल्ली पुलिस ने हाईकोर्ट में दायर की ​स्टेटस रिपोर्ट, बढ़ सकती हैं मौलाना साद की मुश्किलें

Tabligi Jamaat Case Delhi Polices Status Report Filed In High Court May Increase Maulana Saads Problems

नई दिल्ली। भारत में कोरोन संक्रमण के बढ़ने की शुरूवात दिल्ली की निजामुद्दीन मरकज से हुई थी, जहां तबलीगी जमातियों पर आरोप लगा था कि उन्होने लापरवाही करते हुए पूरे देश में कोरोना फैला दिया है। इस मामले में तभी से निजामुद्दीन मरकज के मौलाना साद फरार हैं। अब इस मामले में दिल्ली पुलिस ने हाईकोर्ट में जांच की स्टेटस रिपोर्ट दायर किया है। स्टेटस रिपोर्ट में दिल्ली पुलिस ने कहा है कि 23 मार्च को वाट्सएप्प पर मौलाना साद की वायरल हुई ऑडियो रिकॉडिंग वायरल मिली, जिसमें साद अपने समर्थकों को लॉकडाउन, सोशल सोशल डिस्टन्सिंगकी परवाह न करते हुए मरकज़ में शामिल होने के लिए कह रहा था। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि 1300 से ज़्यादा देश के विभिन्न राज्यों और विदेशों से आये लोग बिना सोशल सोशल डिस्टन्सिंगका पालन किये वहां परिसर में रह रहे थे। उनमे से कोई भी फेस मास्क, सेनेटाइजर का इस्तेमाल नहीं कर रहा था।

पढ़ें :- मुरादाबाद:जिला पंचायत चुनाव के लिए प्रचार शुरू,वार्ड 13 में आयोजित कराई गई दौड़ प्रतियोगिता

दिल्ली पुलिस ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि मौलाना साद और तबलीगी ज़मात के प्रबंधन से जुड़े लोगो ने जानबूझकर, लापरवाही को अंजाम दिया। निजामुद्दीन मरकज परिसर के अंदर इतनी बड़ी सँख्या में लोगों को इकट्ठे होने दिया जिसके चलते तब्लीगी ज़मात के लोग तो कोरोना के शिकार हुए ही, बाकी देशवासियों में कोरोना संक्रमण का खतरा बढ़ा। रिपोर्ट में कहा गया है कि गृह मंत्रालय ने टूरिस्ट वीजा पर आए, अब तक 960 विदेशियों को ब्लैक लिस्ट किया है, जो ज़मात में शामिल हुए थे। अभी तक ज़मात से जुड़े 900 विदेशियों जांच में शामिल हुए है । जांच लगातार जारी है। अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है, और ना ही पुलिस ने किसी को हिरासत में लिया है। अभी जांच जारी है।

आपको बता दें कि निजामुद्दीन मरकज मार्च के मध्य में उस वक्त सुर्खियों में आया जब यहां आयोजित धार्मिक कार्यक्रम में शामिल तब्लीगी जमात के सदस्य कोविड-19 से संक्रमित पाए जाने लगे। बताया जाता है कि मरकज में आयोजित कार्यक्रम में जमात के विदेशी सदस्य सहित करीब 1500 लोग शामिल हुए। कार्यक्रम में शामिल होने के बाद जब ये लोग अपने राज्यों में पहुंचे तो वहां भी कोविड-19 के केस तेजी से बढ़े।

कई राज्यों का मानना है कि तब्लीगी जमात के इस धार्मिक कार्यक्रम की वजह से उनके यहां कोरोना के मामलों में तेजी आई। मरकज में आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम के बारे में दिल्ली पुलिस जांच कर रही है। इसके अलावा मरकज के वित्तीय नेटवर्क की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) भी कर रहा है। यह मामला सामने आने के बाद से ही मरकज के प्रमुख मौलाना साद पुलिस के सामने नहीं आए हैं। मामले की शुरुआत में साद के वकील ने कहा कि मौलाना ने डॉक्टरों की सलाह पर खुद को क्वरंटाइन में रखा है।

पढ़ें :- गणतंत्र दिवस के मद्देनजर सोनौली सीमा पर अलर्ट,पुलिस और एसएसबी ने किया फ्लैग मार्च

Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करे...