महाभारत खबरें

तीन गोल्ड मेडल जीतने वाली दीपिका का अर्जून की तरह है अचूक निशाना

तीन गोल्ड मेडल जीतने वाली दीपिका का अर्जून की तरह है अचूक निशाना

नई दिल्ली। हमने महाभारत के कहानियों में अर्जून जैसे धनुर्धर का नाम बहुत सुना है। जिनका निशाना अचूक माना जाता था। अर्जून जब छोटे थे और उनके गुरु द्रोण ने जब उन्हें चिड़िया की आंख पर निशाना लगाने का निर्देश देते हुए पूछा कि, अर्जून तुम्हे क्या दिख रहा है

सऊदी अरब के अब बच्चे पढ़ेंगे रामायण व महाभारत, नए पाठ्यक्रम में जुड़ा

सऊदी अरब के अब बच्चे पढ़ेंगे रामायण व महाभारत, नए पाठ्यक्रम में जुड़ा

नई दिल्ली। सऊदी अरब के छात्र अब हिंदू महाकाव्यों के बारे में जानेंगे। नए पाठ्यक्रम के तहत रामायण और महाभारत पढ़ाया जाएगा। सऊदी अरब में शिक्षा क्षेत्र के लिए प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के नई विजन 2030 के भाग के रूप में, अन्य देशों के इतिहास, विभिन्न संस्कृतियों के बारे

दुखद: कोरोना के चलते महाभारत के इंद्रदेव का हुआ निधन, 74 साल में ली एक्टर ने ली अंतिम सांस

दुखद: कोरोना के चलते महाभारत के इंद्रदेव का हुआ निधन, 74 साल में ली एक्टर ने ली अंतिम सांस

नई दिल्ली: मशहूर टीवी सीरियल महाभारत में इंद्रदेव की भूमिका निभाने वाले एक्टर सतीश कौल  का आज 10 अप्रैल की सुबह निधन हो गया है। सतीश कौल कोरोना के चपेट में आ गए थे। वो 74 साल के थे। कैप्टन अमरिंदर सिंह ने अभिनेता को ट्वीट कर श्रद्धांजलि दी है, उन्होंने

अज्ञात वास के दौरान भोलेनाथ की आराधना के लिए पांडवों ने इस शहर में बनाया था मंदिर, आज भी 8 महीने रहता है जलमग्न

अज्ञात वास के दौरान भोलेनाथ की आराधना के लिए पांडवों ने इस शहर में बनाया था मंदिर, आज भी 8 महीने रहता है जलमग्न

नई दिल्ली: भारत में बहुत से मंदिर और देवस्थान है और हर जगह से कोई न कोई अनोखी और दिलचस्प कहानी जुड़ी हुई है। एक ऐसा ही मंदिर है लुधियाना शहर के तलवाड़ा से करीब 34 किमी की दूरी पर। पौंग डेम झील के बीच यह अद्भुत मंदिर है, जिसे

हर वक्त पांडवों के साथ रहने वाले श्री कृष्ण उस वक्त कहां थे जब पांडव खेल रहे थे जुआ

हर वक्त पांडवों के साथ रहने वाले श्री कृष्ण उस वक्त कहां थे जब पांडव खेल रहे थे जुआ

नई दिल्ली: जब भी पांडव मुश्किल में फंसे तो भगवान श्रीकृष्ण ने ही उन्हें मुश्किलों से पार किया, ऐसे में ये सवाल उठना लाजमी है कि हर पल पांडवों का साथ देने वाले कृष्ण उस वक़्त कहां थे जब पांडव जुआ खेल रहे थे और शकुनी की हर चाल में फंसते

महाभारत में इस धनुधारी को उर्वशी ने दिया था नपुंसक होने का श्राप, पौराणिक कथा ने उड़ाए होश

महाभारत में इस धनुधारी को उर्वशी ने दिया था नपुंसक होने का श्राप, पौराणिक कथा ने उड़ाए होश

नई दिल्ली:  महाभारत युद्ध में अपने ही भाईयों का वध करने का दुख पांडवों के मन को हमेशा कचोटता रहता था और इस युद्ध में उन्‍हें अपने स्‍वयं के सभी पुत्रों की भी बलि देनी पड़ी थी। इसी तरह पांडु पुत्र अर्जुन के जीवन का भी एक ऐसा सत्‍य है जिसके

महाभारत में इस मां ने दी थी अपने पुत्र को बिना शादी पुत्र प्राप्ति की सलाह, भीष्म से निराश सत्यवती ने किया था ये काम

महाभारत में इस मां ने दी थी अपने पुत्र को बिना शादी पुत्र प्राप्ति की सलाह, भीष्म से निराश सत्यवती ने किया था ये काम

 नई दिल्ली: महाभारत एक ऐसा महा काव्य है जिसके बारे मे सभी ने पढ़ा है, लेकिन आज हम एक ऐसी घटने के बारे में बता रहें हैं जीके बारे में जान आपको हैरानी ही नहीं होगी बल्कि आप दंग रह रह जाएंगे। आपको बता दें,सत्यवती महाभारत की एक महत्वपूर्ण पात्र

महाभारत के युद्ध में ये एक मात्र कौरव जीवित बचा था, धृतराष्ट्र के अवैधसंबंध से जन्म था पुत्र

महाभारत के युद्ध में ये एक मात्र कौरव जीवित बचा था, धृतराष्ट्र के अवैधसंबंध से जन्म था पुत्र

नई दिल्ली: महाभारत काल में कौरव-पांडव युद्ध के पहले से ही धृतराष्ट्र और पांडू के बीच सिहांसन के लिए शीतयुद्ध चलता रहता था।  दोनों भाइयों की यही ख्वाहिश थी कि उनका पुत्र ही हस्तिनापुर का उतराधिकारी बने लेकिन सिहांसन पर बैठने की यह शर्त इस बात पर निर्भर करती थी

महाभारत के युद्ध के लिए आखिर क्यों कुरुक्षेत्र ही चुना गया, पौराणिक कथा ने उड़ाए सबके होश

महाभारत के युद्ध के लिए आखिर क्यों कुरुक्षेत्र ही चुना गया, पौराणिक कथा ने उड़ाए सबके होश

नई दिल्ली: महाभारत का युद्ध कुरुक्षेत्र में लड़ा गया था, ये बात हर किसी को पता है। लेकिन शायद ही कोई ये बात जनता होगा कि ये युद्धकुरुक्षेत्र में ही क्यों लड़ा गया था। दरअसल, यहां पर युद्ध लड़े जाने का फैसला श्रीकृष्ण का था। लेकिन उन्होंने आखिर कुरुक्षेत्र को

अर्जुन से पहले इन दो पुरुषों पर आया था द्रौपदी का दिल, जान हैरान रह जाएंगे आप

अर्जुन से पहले इन दो पुरुषों पर आया था द्रौपदी का दिल, जान हैरान रह जाएंगे आप

नई दिल्ली: द्रौपदी कृष्ण की सखी थी यह तो सब जानते हैं पर द्रौपदी के लिए कृष्ण एक सखा से बढ़कर थे। कृष्ण वह पहले पुरुष थे जिनके लिए द्रौपदी यानी कृष्णा के मन में प्रेम अंकुर फूटा था, लेकिन कृष्ण ने द्रौपदी को ‘सखी’ भर ही माना और उनका