समाजवादी पार्टी

उपचुनावों में चला योगी का जादू, भाजपा जीत सकती है 5-6 सीट, कांग्रेस को हाथरस का साथ नहीं मिल रहा: सूत्र

उपचुनावों में चला योगी का जादू, भाजपा जीत सकती है 5-6 सीट, कांग्रेस को हाथरस का साथ नहीं मिल रहा: सूत्र

लखनऊ: उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) की सात विधानसभा सीटों हुए उप चुनाव (BY-Poll Election) का एक्ज़िट पोल आ गया है. जिसके अनुसार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Aditynath) का जादू चलते दिखाई दे रहा है. शनिवार को आजतक-माय एक्सिस इंडिया के अनुसार भारतीय जनता पार्टी (Bhartiya Janta Party) पांच से छह

यूपी उपचुनाव: प्रचार अंतिम चरण में, प्रचार से नदारद विपक्षी दिग्गज, सीएम योगी सुपरएक्टिव

यूपी उपचुनाव: प्रचार अंतिम चरण में, प्रचार से नदारद विपक्षी दिग्गज, सीएम योगी सुपरएक्टिव

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की सात विधानसभा सीटों पर हो रहे उपचुनाव के लिए प्रचार अंतिम चरण में है. ये उपचुनाव सूबे के 2022 विधानसभा चुनावों का लिटमस टेस्ट माना जा रहा है. सत्तापक्ष और विपक्ष एड़ी चोटी का जोर लगाए हैं. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पार्टी प्रत्याशियों को जिताने के लिए

भाजपा की गलत नीतियों से किसान बेहाल, जमाखोर मालामाल: अखिलेश यादव

भाजपा की गलत नीतियों से किसान बेहाल, जमाखोर मालामाल: अखिलेश यादव

लखनऊ। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश में भाजपा की गलत नीतियों के चलते किसान बेहाल है। जमाखोर मालामाल हो रहे हैं। बिचौलियों और बड़े व्यापारियों के सरकारी तंत्र से मिलीभगत की वजह से किसान अपनी फसल उन्हें औने पौने दाम पर बेचने को मजबूर

काम न आया अखिलेश का दांव, बसपा में सेंधमारी के बावजूद सपा समर्थित प्रत्याशी का पर्चा निरस्त

काम न आया अखिलेश का दांव, बसपा में सेंधमारी के बावजूद सपा समर्थित प्रत्याशी का पर्चा निरस्त

लखनऊ: बहुजन समाज पार्टी में सेंधमारी कर राज्यसभा चुनाव में उसे पटखनी देने का समाजवादी पार्टी का दांव उलटा पड़ गया। अखिलेश यादव की रणनीति जल्दबाजी में फेल हो गई। बहुजन समाज पार्टी में सेंधमारी के बावजूद समाजवादी पार्टी समर्थित उम्मीदवार प्रकाश बजाज का पर्चा जांच में निरस्त हो गया,

पांच साल की संविदा देने वाली भाजपा खुद चंद महीनों के लिए संविदा पर है: अखिलेश

पांच साल की संविदा देने वाली भाजपा खुद चंद महीनों के लिए संविदा पर है: अखिलेश

लखनऊ। युवाओं को कड़ी परीक्षा पास करने के बावजूद पांच साल की संविदा देने वाले सत्ताधीश खुद चंद महीनों की संविदा पर कार्यरत है। भाजपा सरकार के साढ़े तीन साल के प्रदर्शन ने जनता को बता दिया है कि वह 5 साल तो क्या 5 दिन भी सरकार चलाने के