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kharmas samapti  : इस दिन से खरमास होगा समाप्त, जानिए अप्रैल माह में मांगलिक कार्यों के शुभ मुहूर्त

kharmas samapti  : इस दिन से खरमास होगा समाप्त, जानिए अप्रैल माह में मांगलिक कार्यों के शुभ मुहूर्त

kharmas samapti : हिंदू धर्म में शुभ मुहूर्त का बहुत महत्व है। मांगलिक कार्यों के लिए ग्रह नक्षत्रों की शुभ चाल बहुत जरूरी है। हिंदू पंचांग के अनुसार,इस बार खरमास 14 मार्च, सोमवार की रात से शुरू हो कर और 14 अप्रैल तक चलेगा। सूर्य का कुंभ की राशि से

Guru Brhaspati : गुरु बृहस्पति 23 मार्च को होंगे उदय, जानिए इन राशियों को मिलेगा लाभ

Guru Brhaspati : गुरु बृहस्पति 23 मार्च को होंगे उदय, जानिए इन राशियों को मिलेगा लाभ

Guru Brhaspati : बृहस्पति देव देवताओं के गुरु है। गुरु बृहस्पति को शिक्षा, संतान, धार्मिक कार्य, शुभ कार्य, संपन्नता, वैभव और विवाह का कारक माना जाता है। हिंदू पंचांग के अनुसार,22 फरवरी को गुरु कुंभ राशि में अस्त हो गए थे, लेकिन अब 23 मार्च 2022 को गुरु उदय होने

Meen Sankranti 2022 : मीन संक्रांति के दौरान करें ये काम, सूर्य भगवान मीन राशि में गोचर करेंगे

Meen Sankranti 2022 : मीन संक्रांति के दौरान करें ये काम, सूर्य भगवान मीन राशि में गोचर करेंगे

Meen Sankranti 2022 : सूर्य भगवान अपनी चाल चलते हुए विभिन्न राशियों की यात्रा करते हुए मीन राशि में पहुंचने वाले है। इस बार सूर्य भगवान मीन राशि में 14 व 15 मार्च की मध्य रात्रि 12:15 बजे प्रवेश करेंगे, जिसे मीन संक्रांति के रूप में मनाया जाएगा। 15 मार्च

खरमास समाप्त होते ही, जानिए अगले तीन महीनों में शादियों का शुभ मुहूर्त

खरमास समाप्त होते ही, जानिए अगले तीन महीनों में शादियों का शुभ मुहूर्त

सूर्य के मकर राशि में प्रवेश करते ही खरमास या धनुरमास समाप्त हो गया है। हिंदू कैलेंडर के अनुसार खरमास का महीना 16 दिसंबर से 15 जनवरी तक था। इस माह में कोई भी शुभ कार्य करना वर्जित है। मकर संक्रांति के बाद अब रुके हुए विवाह जैसे सभी शुभ

Kharmas 2021: खरमास में नहीं होते हैं मांगलिक कार्य, इस महीने में धार्मिक कार्यों को करने से मिलती है कष्टों से मुक्ति

Kharmas 2021: खरमास में नहीं होते हैं मांगलिक कार्य, इस महीने में धार्मिक कार्यों को करने से मिलती है कष्टों से मुक्ति

Kharmas 2021: हिंदू धर्म में सभी शुभ कार्य करने से पहले सही मुहूर्त का होना जरूरी है। लेकिन खरमास में कोई भी शुभ कार्य नहीं होता है। मार्गशीर्ष और पौष का संधिकाल खरमास कहा जाता है। पंचांग के अनुसार इस बार खरमास 14 दिसंबर से शुरू हो रहा है। पूरे