तहसील दिवस में डीएम का ब्यान, कमजोरों को उनका अधिकार दिलाना जिला प्रशासन की जिम्मेदारी

बिजनौर। जिला अधिकारी जगतराज ने तहसील दिवस में एक विधवा द्वारा लेखपाल से हमसाज़ हो कर दबंगों द्वारा कब्जाई गयी ज़मीन को मुक्त कराने के लिए गुहार लगाई और कहा कि उनके द्वारा पूर्व में कई बार जिला, तहसील और थाना स्तर पर लिखित रूप से फरियाद की जा चुकी है, परन्तु उन्हें कोई राहत प्राप्त नहीं हुयी। जिलाधिकारी ने उक्त शिकायत को गंभीरता से लेते हुए बढ़ापुर थानाध्यक्ष को निर्देश दिये कि तत्काल शिकातकर्ता विधवा महिला एवं क़ानूनगो तथा लेखपाल के साथ मौके़ पर पहुंच कर नियमानुसार कार्यवाही सुनिश्चित करायें और विरासत भी मौक़े पर दर्ज कर उन्हें सूचित करें। उन्होनंे कहा कि किसी भी स्तर पर दबंगई बर्दाशत नहीं की जाएगी और कमजोरों को उनका अधिकार दिलाना जिला प्रशासन की जिम्मेदारी है अतः कोई भी व्यक्ति किसी के भी अधिकारों का हनन करने का प्रयास न करे।



जिलाधिकारी जगतराज प्रातः 10 बजे नगीना तहसील सभागार में आयोजित तहसील दिवस की अध्यक्षता करते हुए बोल रहे थे। तहसील दिवस के दौरान ग्राम नूरपुर अरब की एक विधवा महिला मुन्नी पत्नी नौबहार सिंह ने अपना शिकायती पत्र जिलाधिकारी के सम्मुख प्रस्तुत करते हुए कहा कि उनके पति ने विगत 10 फरवरी,12 को इसी ग्राम के गोपाल पुत्र ननुवा सिंह से 0.210 है0 आराजी का बैनामा कराया था, जिसके आधार पर उन्होंने अपने पति की मृत्यू जो कि 14 सितम्बर,15 को हुयी थी, के बाद उक्त आराजी को अपने व बच्चों के नाम करने के लिए हल्क़ा लेखपाल से लिखित आवेदन किया, परन्तु हल्क़ा लेखपाल ने गोपाल सिंह से हमसाज हो कर अभी तक विरासत में उनका या उनके बच्चों का नाम दर्ज नहीं किया और उक्त आराजी में खड़ी फसल गोपाल सिंह को कटवाने पर आमादा है।

उक्त प्रकरण को गम्भीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने तत्काल लेखपाल वीरेन्द्र सिंह को सम्मुख प्रस्तुत किया और बढ़ापुर थाने के थाना प्रभारी को निर्देश दिये कि तत्काल शिकायतकर्ता के साथ लेखपाल और कानूनगो को लेकर मौके पर जायें और नियमानुसार शिकायतकर्ता श्रीमती मुन्नी को बैनामे के आधार पर कब्ज़ा दिलाना सुनिश्चित करें। उन्होनंे उप जिलाधिकारी को निर्देश दिये कि बैनामे के आधार पर पात्रों का नाम विरासत में दर्ज करा कर उन्हें सुचित करें। उन्होंने सभी उप जिलाधिकारियों को निर्देश दिये कि नियत दिवस को कोर्ट में निश्चित रूप से बैठ कर न्याययिक कार्य करना सुनिश्चित करें और अपने अधीनस्त तहसीलदार सहित सहित सभी न्याययिक अधिकारियों को निर्देश दें कि अपने-अपने नियत दिवसों पर कोर्ट में बैठक कर मुकदमों की सुनवाई करें और यथासंभव गुणवत्तापूर्वक वादों का शीघ्र निस्तारण करें ताकि वादियों का त्वरित न्याय का लाभ प्राप्त हो सके और अनावश्यक रूप से विलम्ब पड़े मुकदमों के निस्तारण को अपेक्षित गति प्राप्त हो सके।




उन्होंने यह भी निर्देश दिये कि समत अधिकारी अपने विभागीय कार्याे को गुणवत्ता और मानक के अनुरूप अंजाम दें और अनावश्यक रूप से दफतरों में बैठ कर चाय पीने और पिलाने की प्रथा बन्द कर समय का दुरूपयोंग न करें। उन्होने निर्देश दिये कि सभी अधिकारी प्राप्त शिकायतों को पूर्ण गुणवत्ता और मानक के साथ निस्तारित करना सुनिश्चित करें और शिकायतकर्ता की संतुष्टि भी निश्चित रूप, से प्राप्त कर लें, शिकायतकर्ता को संतुष्ट किये बिना शिकायत का निस्तारण स्वीकार्य नहीं होगा। उन्हेाने यह भी निर्देश दिये कि यदि किसी शिकायत का निस्तारण किया जाना सम्भव नहीं है तो उसका स्पष्ट कारण लिखते हुए शिकायतकर्ता को अवगत कराया जाए ताकि वे अपनी शिकायत को पुनः प्रेषित न कर सके। इस अवसर पर अपर पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह, मुख्य विकास अधिकारी डा0 इन्द्रमणि त्रिपाठी, मुख्य चिकित्साधिकारी डा0 सुखवीर सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी ए के गौस्वामी, उप जिलाधिकारी विजय पाल सिंह के अलावा सभी जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।

बिजनौर से शहजाद अंसारी की रिपोर्ट