ताजमहल में अब सिर्फ 3 घंटे ही समय बिता सकेंगे पर्यटक, जानिए क्या है वजह

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ताजमहल में अब सिर्फ 3 घंटे ही समय बता सकेंगे पर्यटक, जानिए क्या है वजह

आगरा। 1 अप्रैल से पर्यटकों को ताजमहल का दीदार करने के लिए सिर्फ तीन घंटे का ही समय दिया जाएगा। ताजमहल पर पर्यटकों के बोझ को कम करने के लिए यह नया आदेश लाया गया है जो कि रविवार यानि 1 अप्रैल से लागू कर दिया जाएगा। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) द्वारा जारी नोटिस के मुताबिक 17वीं शताब्दी के स्मारक पर ‘मानव भार’ को कम करने के लिए यह फैसला किया गया है।

Taj Mahal Entry Restricted To Three Hours From 1 April :

3 घंटे से अधिक समय बिताने के लिए देना होगा अतिरिक्त चार्ज
नए नियम के मुताबिक ताजमहल के टिकट की वैद्यता अब सिर्फ तीन घंटे के लिए कर दी जाएगी। अगर कोई तीन घंटे से ज्यादा ताजमहल में समय बिताना चाहता है तो उसे उसके लिए अतिरिक्त चार्ज यानी ज्यादा पैसे चुकाने होंगे। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण सूत्रों ने कहा कि इसके लिए रूपरेखा तैयार की जा रही है, क्योंकि टिकटों की जांच के लिए और नए समय के निर्देशों को लागू करने के लिए अतिरिक्त कर्मचारियों की आवश्यकता होगी।

ताजमहल के दीदार के लिए लगातार बढ़ती भीड़ को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। छुट्टियों में ताजमहल देखने के लिए भारी संख्या में लोग पहुंचते हैं। सफेद संगमरमर की इस इमारत के दीदार के लिए पहुंची भारी भीड़ प्रबंधन केंद्रीय औद्योगिकी सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के लिए एक बड़ी चुनौती बन चुका है। छुट्टियों या किसी खास अवसर पर यहां पर्यटकों की संख्या पचास हजार से ऊपर तक पहुंच जाती है।

केन्द्र सरकार में संस्कृति मंत्री डॉ महेश शर्मा ने ताजमहल देखने की बढ़ी हुई फीस का ऐलान किया। जहां ताजमहल का दीदार करने के लिए पहले 40 रुपये का टिकट लगता था वहीं अब उसके लिए 50 रूपये एंट्री टिकट लेना होगा। यह बढ़ाई गई फीस एक अप्रैल से लागू हो जाएगी। वहीं अब एक टिकट केवल 3 घण्टे के लिए ही वैध माना जाएगा। जबकि पहले एक टिकट पर आप दिन भर ताजमहल परिसर में रह सकते थे। ताजमहल में मौजूद मकबरे को देखने के लिए प्रति व्यक्ति को अलग से 200 रुपये देने होंगे। पहले एंट्री फीस से ही मकबरे का भी दर्शन हो जाता था। हालांकी पहले की तरह ही 15 साल तक के बच्चों का प्रवेश निशुल्क रखा गया है।

आगरा। 1 अप्रैल से पर्यटकों को ताजमहल का दीदार करने के लिए सिर्फ तीन घंटे का ही समय दिया जाएगा। ताजमहल पर पर्यटकों के बोझ को कम करने के लिए यह नया आदेश लाया गया है जो कि रविवार यानि 1 अप्रैल से लागू कर दिया जाएगा। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) द्वारा जारी नोटिस के मुताबिक 17वीं शताब्दी के स्मारक पर 'मानव भार' को कम करने के लिए यह फैसला किया गया है।3 घंटे से अधिक समय बिताने के लिए देना होगा अतिरिक्त चार्ज नए नियम के मुताबिक ताजमहल के टिकट की वैद्यता अब सिर्फ तीन घंटे के लिए कर दी जाएगी। अगर कोई तीन घंटे से ज्यादा ताजमहल में समय बिताना चाहता है तो उसे उसके लिए अतिरिक्त चार्ज यानी ज्यादा पैसे चुकाने होंगे। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण सूत्रों ने कहा कि इसके लिए रूपरेखा तैयार की जा रही है, क्योंकि टिकटों की जांच के लिए और नए समय के निर्देशों को लागू करने के लिए अतिरिक्त कर्मचारियों की आवश्यकता होगी।ताजमहल के दीदार के लिए लगातार बढ़ती भीड़ को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। छुट्टियों में ताजमहल देखने के लिए भारी संख्या में लोग पहुंचते हैं। सफेद संगमरमर की इस इमारत के दीदार के लिए पहुंची भारी भीड़ प्रबंधन केंद्रीय औद्योगिकी सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के लिए एक बड़ी चुनौती बन चुका है। छुट्टियों या किसी खास अवसर पर यहां पर्यटकों की संख्या पचास हजार से ऊपर तक पहुंच जाती है।केन्द्र सरकार में संस्कृति मंत्री डॉ महेश शर्मा ने ताजमहल देखने की बढ़ी हुई फीस का ऐलान किया। जहां ताजमहल का दीदार करने के लिए पहले 40 रुपये का टिकट लगता था वहीं अब उसके लिए 50 रूपये एंट्री टिकट लेना होगा। यह बढ़ाई गई फीस एक अप्रैल से लागू हो जाएगी। वहीं अब एक टिकट केवल 3 घण्टे के लिए ही वैध माना जाएगा। जबकि पहले एक टिकट पर आप दिन भर ताजमहल परिसर में रह सकते थे। ताजमहल में मौजूद मकबरे को देखने के लिए प्रति व्यक्ति को अलग से 200 रुपये देने होंगे। पहले एंट्री फीस से ही मकबरे का भी दर्शन हो जाता था। हालांकी पहले की तरह ही 15 साल तक के बच्चों का प्रवेश निशुल्क रखा गया है।