कोरोना वायरस से संक्रमित हुआ तालिबान का टॉप लीडर सिराजुद्दीन हक्कानी, अस्पताल में भर्ती

hakkani
कोरोना वायरस से संक्रमित हुआ तालिबान का टॉप लीडर सिराजुद्दीन हक्कानी, अस्पताल में भर्ती

तालिबान का उप नेता और हक्कानी नेटवर्क के प्रमुख सिराजुद्दीन हक्कानी (Sirajuddin Haqqani) कोरोना पॉजिटिव (Corona positive) पाया गया है और उसे रावलपिंडी में पाकिस्तान मिल्ट्री अस्पताल में भर्ती कराया गया है. सूत्रों ने इस बात की पुष्टि की है कि सिराजुद्दीन हक्कानी हाल ही में कई तालिबानी कमांडरों से मिला है और माना जा रहा है कि वायरस से और भी तालिबानी नेता संक्रमित हो सकते हैं.

Talibans Top Leader Sirajuddin Haqqani Infected With Corona Virus Admitted In Hospital :

एक फारसी न्यूज चैनल के वरिष्ठ संपादक हारुन नजफीजादा ने ट्वीट करके कहा- ‘हक्कानी नेटवर्क के प्रमुख और तालिबान के उप-नेता सिराजुद्दीन हक्कानी कोरोना संक्रमित पाया गया है. उसने हाल ही में कई तालिबान कमांडरों के साथ मुलाकात की थी. सूत्रों के मुताबिक पाकिस्तानी सेना के सीएमएच अस्पताल में पिछले शनिवार हक्कानी का टेस्ट पॉजिटिव आया था.’

ये रिपोर्ट उस समय आई जब अमेरिका के रक्षा विभाग ने अमेरिकी कांग्रेस को त्रैमासिक रिपोर्ट दी कि पाकिस्तान देश में तालिबान और उससे संबद्ध आतंकवादी समूहों, जैसे हक्कानी नेटवर्क को बढ़ावा दे रहा है, जो अफगान हितों के खिलाफ हमले करने की क्षमता रखते हैं.

अफ्गानिस्तान से अमेरिकी सैनिकों को क्रमवार हटाने के लिए 29 फरवारी को अमेरिका और तालिबान में एक समझौता हुआ, ये रिपोर्ट इस समझौते के बाद आई. ये वो समय है जब अफगानिस्तान से सुलह के लिए अमेरिका के विशेष प्रतिनिधि ज़ल्माय खलीलज़ाद ने भारत से तालिबान के साथ सीधी बातचीत करने का अनुरोध किया था.

पेंटगॉन की एक नई रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान ने अफगानिस्तान में भारतीय प्रभाव के विरुद्ध खड़े रहने पर ही ध्यान केंद्रित किया है, और हक्कानी नेटवर्क जैसे समूह जो अफगान धरती आतंक फैलाने की क्षमता रखते हैं, उनका सहयोग कर रहा है.

अफगानिस्तान की सुरक्षा एजेंसियों ने 12 मई को राजधानी काबुल और पूर्वी प्रांत नांगरहार में दोहरे धमाके की जांच में इस हमले के पीछे हक्कानी नेटवर्क की भूमिका पर संदेह जताया था. पुलिसवालों के भेस में कई बंदूकधारियों ने काबुल के एक अस्पताल पर हमला किया जहां दो नवजात शिशुओं सहित 16 लोगों की मौत हो गई. इस अस्पताल का एक हिस्सा अंतरराष्ट्रीय मानवीय संगठन डॉक्टर्स विदाउट बॉर्डर्स द्वारा चलाया जाता है. अफगानिस्तान में दो आतंकी हमलों में 40 से अधिक लोग मारे गए थे.

अफगानिस्तान के पूर्व उप रक्षा मंत्री, तमीम आसी ने कहा कि जो कोई भी अफगान सुरक्षा-इंटेल के बारे में जानता है, उसे ये पता है कि काबुल जैसे सबसे संरक्षित शहर में हमले करने की ताकत केवल हक्कानी के पास ही. भारतीय और अफगान अधिकारी लंबे समय से तालिबान, खासकर इसकी शाखा हक्कानी नेटवर्क पर पाकिस्तानी सैन्य नेतृत्व के साथ घनिष्ठ संबंध होने के आरोप लगा रहे हैं.

हालांकि तालिबान के अन्य नेताओं ने इस बात से इनकार किया है कि उनका उप नेता कोरोना पॉजिटिव है. तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह ने कहा कि अफगानिस्तान के इस्लामी अमीरात के नेता पूरी तरह से स्वस्थ्य हैं. उन्होंने ट्वीट करके कहा- ‘कई जगहों पर इस तरह की झूठी खबरें चल रही हैं कि तालिबानी नेता सिराजुद्दीन हक्कानी समेत अन्य कोरोनावायरस पॉजिटिव पाए गए हैं. यह उन दुर्भावनापूर्ण हलकों का काम है जो डर को दूर करने की कोशिश करते हैं.’

तालिबान का उप नेता और हक्कानी नेटवर्क के प्रमुख सिराजुद्दीन हक्कानी (Sirajuddin Haqqani) कोरोना पॉजिटिव (Corona positive) पाया गया है और उसे रावलपिंडी में पाकिस्तान मिल्ट्री अस्पताल में भर्ती कराया गया है. सूत्रों ने इस बात की पुष्टि की है कि सिराजुद्दीन हक्कानी हाल ही में कई तालिबानी कमांडरों से मिला है और माना जा रहा है कि वायरस से और भी तालिबानी नेता संक्रमित हो सकते हैं. एक फारसी न्यूज चैनल के वरिष्ठ संपादक हारुन नजफीजादा ने ट्वीट करके कहा- 'हक्कानी नेटवर्क के प्रमुख और तालिबान के उप-नेता सिराजुद्दीन हक्कानी कोरोना संक्रमित पाया गया है. उसने हाल ही में कई तालिबान कमांडरों के साथ मुलाकात की थी. सूत्रों के मुताबिक पाकिस्तानी सेना के सीएमएच अस्पताल में पिछले शनिवार हक्कानी का टेस्ट पॉजिटिव आया था.' ये रिपोर्ट उस समय आई जब अमेरिका के रक्षा विभाग ने अमेरिकी कांग्रेस को त्रैमासिक रिपोर्ट दी कि पाकिस्तान देश में तालिबान और उससे संबद्ध आतंकवादी समूहों, जैसे हक्कानी नेटवर्क को बढ़ावा दे रहा है, जो अफगान हितों के खिलाफ हमले करने की क्षमता रखते हैं. अफ्गानिस्तान से अमेरिकी सैनिकों को क्रमवार हटाने के लिए 29 फरवारी को अमेरिका और तालिबान में एक समझौता हुआ, ये रिपोर्ट इस समझौते के बाद आई. ये वो समय है जब अफगानिस्तान से सुलह के लिए अमेरिका के विशेष प्रतिनिधि ज़ल्माय खलीलज़ाद ने भारत से तालिबान के साथ सीधी बातचीत करने का अनुरोध किया था. पेंटगॉन की एक नई रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान ने अफगानिस्तान में भारतीय प्रभाव के विरुद्ध खड़े रहने पर ही ध्यान केंद्रित किया है, और हक्कानी नेटवर्क जैसे समूह जो अफगान धरती आतंक फैलाने की क्षमता रखते हैं, उनका सहयोग कर रहा है. अफगानिस्तान की सुरक्षा एजेंसियों ने 12 मई को राजधानी काबुल और पूर्वी प्रांत नांगरहार में दोहरे धमाके की जांच में इस हमले के पीछे हक्कानी नेटवर्क की भूमिका पर संदेह जताया था. पुलिसवालों के भेस में कई बंदूकधारियों ने काबुल के एक अस्पताल पर हमला किया जहां दो नवजात शिशुओं सहित 16 लोगों की मौत हो गई. इस अस्पताल का एक हिस्सा अंतरराष्ट्रीय मानवीय संगठन डॉक्टर्स विदाउट बॉर्डर्स द्वारा चलाया जाता है. अफगानिस्तान में दो आतंकी हमलों में 40 से अधिक लोग मारे गए थे. अफगानिस्तान के पूर्व उप रक्षा मंत्री, तमीम आसी ने कहा कि जो कोई भी अफगान सुरक्षा-इंटेल के बारे में जानता है, उसे ये पता है कि काबुल जैसे सबसे संरक्षित शहर में हमले करने की ताकत केवल हक्कानी के पास ही. भारतीय और अफगान अधिकारी लंबे समय से तालिबान, खासकर इसकी शाखा हक्कानी नेटवर्क पर पाकिस्तानी सैन्य नेतृत्व के साथ घनिष्ठ संबंध होने के आरोप लगा रहे हैं. हालांकि तालिबान के अन्य नेताओं ने इस बात से इनकार किया है कि उनका उप नेता कोरोना पॉजिटिव है. तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह ने कहा कि अफगानिस्तान के इस्लामी अमीरात के नेता पूरी तरह से स्वस्थ्य हैं. उन्होंने ट्वीट करके कहा- 'कई जगहों पर इस तरह की झूठी खबरें चल रही हैं कि तालिबानी नेता सिराजुद्दीन हक्कानी समेत अन्य कोरोनावायरस पॉजिटिव पाए गए हैं. यह उन दुर्भावनापूर्ण हलकों का काम है जो डर को दूर करने की कोशिश करते हैं.'