DMK में विरासत की जंग शुरू, अलागिरी बोले – मेरे साथ हैं पार्टी कार्यकर्ता

DMK में विरासत की जंग शुरू, अलागिरी का बोले - मेरे साथ हैं पार्टी कार्यकर्ता
DMK में विरासत की जंग शुरू, अलागिरी का बोले - मेरे साथ हैं पार्टी कार्यकर्ता

नई दिल्ली। डीएमके चीफ एम. करुणानिधि के निधन के कुछ दिन बाद ही परिवार में भाई-भाई के बीच सत्ता संघर्ष शुरू हो गया है। सोमवार को करुणानिधि के समाधि स्थल जाकर उनके बड़े बेटे अलागिरी ने डीएमके पर अपना दावा ठोका है। अलागिरी ने कहा ‘मेरे पिता के सच्चे सहयोगी मेरे पक्ष में हैं। तमिलनाडु में सभी कार्यकर्ता भी मेरे साथ हैं और वे मुझे प्रोत्साहित कर रहे हैं। मैं बस इतना कहना चाहता हूं कि अब सिर्फ समय ही जवाब देगा। एक साल पहले ही उनके छोटे भाई और करुणानिधि के दूसरे बेटे स्टालिन को पार्टी का कार्यकारी अध्यक्ष भी बना दिया गया था।

Tamilnadu Dmk Alagiri Claims Support Of Karunanidhi Followers Mk Stalin :

DMK में विरासत की जंग, अलागिरी का दावा- मेरे साथ हैं पार्टी कार्यकर्ता
DMK में विरासत की जंग, अलागिरी का दावा- मेरे साथ हैं पार्टी कार्यकर्ता

बता दें कि डीएमके की राजनीतिक विरासत को लेकर दोनों भाइयों के बीच पुराना विवाद रहा है। दरअसल, करुणानिधि ने 2016 में ही छोटे बेटे एमके स्टालिन को अपना सियासी वारिस घोषित कर दिया था। इससे पहले ही 2014 में पार्टी विरोधी गतिविधियों के लिए एमके अलागिरी को निष्कासित कर दिया गया था। अलागिरी पर पार्टी लाइन के खिलाफ काम करने के आरोप थे। साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि स्टालिन तीन महीने के अंदर मर जाएंगे।

ऐसे में अब जबकि 2019 का लोकसभा चुनाव करीब है और पहले ही AIADMK चीफ जयललिता की मौत के बाद तमिलनाडु की सियासत में उतार-चढ़ाव देखने को मिले हैं, करुणानिधि का जाना डीएमके के लिए संकट की स्थिति पैदा कर सकता है। यही वजह है कि एमके अलागिरी का यह बयान काफी अहम माना जा रहा है।

करुणानिधि का 7 अगस्त को निधन हो गया था। तमिलनाडु की राजनीति के सबसे करिश्माई नेताओं में गिने जाने वाले करुणानिधि पांच बार मुख्यमंत्री रहे। उनके परिवार में उनकी दो पत्नियां और छह बच्चे हैं। द्रमुक के कार्यकारी अध्यक्ष एमके स्टालिन उनके बेटे हैं। उनकी बेटी कनीमोरी राज्यसभा की सदस्य हैं।

नई दिल्ली। डीएमके चीफ एम. करुणानिधि के निधन के कुछ दिन बाद ही परिवार में भाई-भाई के बीच सत्ता संघर्ष शुरू हो गया है। सोमवार को करुणानिधि के समाधि स्थल जाकर उनके बड़े बेटे अलागिरी ने डीएमके पर अपना दावा ठोका है। अलागिरी ने कहा 'मेरे पिता के सच्चे सहयोगी मेरे पक्ष में हैं। तमिलनाडु में सभी कार्यकर्ता भी मेरे साथ हैं और वे मुझे प्रोत्साहित कर रहे हैं। मैं बस इतना कहना चाहता हूं कि अब सिर्फ समय ही जवाब देगा। एक साल पहले ही उनके छोटे भाई और करुणानिधि के दूसरे बेटे स्टालिन को पार्टी का कार्यकारी अध्यक्ष भी बना दिया गया था।[caption id="attachment_298626" align="aligncenter" width="667"]DMK में विरासत की जंग, अलागिरी का दावा- मेरे साथ हैं पार्टी कार्यकर्ता DMK में विरासत की जंग, अलागिरी का दावा- मेरे साथ हैं पार्टी कार्यकर्ता[/caption]बता दें कि डीएमके की राजनीतिक विरासत को लेकर दोनों भाइयों के बीच पुराना विवाद रहा है। दरअसल, करुणानिधि ने 2016 में ही छोटे बेटे एमके स्टालिन को अपना सियासी वारिस घोषित कर दिया था। इससे पहले ही 2014 में पार्टी विरोधी गतिविधियों के लिए एमके अलागिरी को निष्कासित कर दिया गया था। अलागिरी पर पार्टी लाइन के खिलाफ काम करने के आरोप थे। साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि स्टालिन तीन महीने के अंदर मर जाएंगे।ऐसे में अब जबकि 2019 का लोकसभा चुनाव करीब है और पहले ही AIADMK चीफ जयललिता की मौत के बाद तमिलनाडु की सियासत में उतार-चढ़ाव देखने को मिले हैं, करुणानिधि का जाना डीएमके के लिए संकट की स्थिति पैदा कर सकता है। यही वजह है कि एमके अलागिरी का यह बयान काफी अहम माना जा रहा है।करुणानिधि का 7 अगस्त को निधन हो गया था। तमिलनाडु की राजनीति के सबसे करिश्माई नेताओं में गिने जाने वाले करुणानिधि पांच बार मुख्यमंत्री रहे। उनके परिवार में उनकी दो पत्नियां और छह बच्चे हैं। द्रमुक के कार्यकारी अध्यक्ष एमके स्टालिन उनके बेटे हैं। उनकी बेटी कनीमोरी राज्यसभा की सदस्य हैं।