दिल्ली की ये मशहूर मार्केट नकली सामान बेचने में है माहिर, US ने की शिकायत

दिल्ली की ये मशहूर मार्केट नकली सामान बेचने में है माहिर, US ने की शिकायत
दिल्ली की ये मशहूर मार्केट नकली सामान बेचने में है माहिर, US ने की शिकायत

नई दिल्ली। देश विदेश से आए तमाम लोग अगर दिल्ली जाते हैं तो बिना खरीददारी किए नहीं आते हैं। दिल्ली की तमाम ऐसी मार्केट हैं जो देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी काफी मशहूर हैं वहीं अमेरिका ने दिल्ली के करोलबाग इलाके में स्थित टैंक रोड को नकली सामान बनाने और बेचने के मामले में दुनियाभर के सबसे कुख्यात बाजारों की लिस्ट में शामिल कर दिया है। यही नहीं अमेरिका ने भारत से इसके लिए जल्द से जल्द समाधान निकालने की गुजारिश भी की है।

Tank Road Market Number One Fake Products Market In Delhi :

टैंक रोड बाजार नकली समान बेचने में नंबर 1

बता दें कि ‘यूएस नोटोरियस मार्केट्स लिस्ट’ यानी कुख्यात बाजारों की सूची में अमेरिका ने 33 ऑनलाइन और 25 ऑफलाइन बाजारों को शामिल किया है। जिसमें टैंक रोड बाजार दिल्ली की पुरानी मार्केट में से एक है। यहां जींस, टीशर्ट व अन्य परिधानों की बिक्री होती है और सिलाई भी होती है। इस बाजार में नौवें दशक की शुरुआत में परिधानों खासकर जींस की बिक्री और उसके निर्माण का काम शुरू हुआ था। तब भारत में आयातित एक जींस 2000 रुपये से अधिक में मिलती थी।

विदेशी ब्राड का लेबल लगाकर बेचते हैं नकली समान

भारत में ही बनी जींस पर विदेशी ब्राड का लेबल लगाकर थोक में 300-400 रुपये में उपलब्ध कराना शुरू किया। बाजार के जानकारों से पता चला कि यहां के परिधानों में जिन ब्रांडों के नकली लेबल लगते हैं वे चीन से आयात किए जाते हैं। चार हजार से अधिक दुकानें हैं कारोबारी बताते हैं कि टैंक रोड बाजार इससे पहले भी कई बार अमेरिकी एजेंसियों के निशाने पर रहा है। मौजूदा समय में यहां चार हजार से अधिक दुकानें हैं।

टैंक रोड रेडीमेड गारमेंट्स एंड क्लॉथ डीलर्स वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष सतवंत सिंह कहते हैं कि कुछ लोगों की कारस्तानी का खामियाजा पूरे बाजार को भुगतना पड़ रहा है, जबकि यह बाजार खुद के उत्पादों से अपनी पहचान बना रहा है।

नई दिल्ली। देश विदेश से आए तमाम लोग अगर दिल्ली जाते हैं तो बिना खरीददारी किए नहीं आते हैं। दिल्ली की तमाम ऐसी मार्केट हैं जो देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी काफी मशहूर हैं वहीं अमेरिका ने दिल्ली के करोलबाग इलाके में स्थित टैंक रोड को नकली सामान बनाने और बेचने के मामले में दुनियाभर के सबसे कुख्यात बाजारों की लिस्ट में शामिल कर दिया है। यही नहीं अमेरिका ने भारत से इसके लिए जल्द से जल्द समाधान निकालने की गुजारिश भी की है। टैंक रोड बाजार नकली समान बेचने में नंबर 1 बता दें कि 'यूएस नोटोरियस मार्केट्स लिस्ट' यानी कुख्यात बाजारों की सूची में अमेरिका ने 33 ऑनलाइन और 25 ऑफलाइन बाजारों को शामिल किया है। जिसमें टैंक रोड बाजार दिल्ली की पुरानी मार्केट में से एक है। यहां जींस, टीशर्ट व अन्य परिधानों की बिक्री होती है और सिलाई भी होती है। इस बाजार में नौवें दशक की शुरुआत में परिधानों खासकर जींस की बिक्री और उसके निर्माण का काम शुरू हुआ था। तब भारत में आयातित एक जींस 2000 रुपये से अधिक में मिलती थी। विदेशी ब्राड का लेबल लगाकर बेचते हैं नकली समान भारत में ही बनी जींस पर विदेशी ब्राड का लेबल लगाकर थोक में 300-400 रुपये में उपलब्ध कराना शुरू किया। बाजार के जानकारों से पता चला कि यहां के परिधानों में जिन ब्रांडों के नकली लेबल लगते हैं वे चीन से आयात किए जाते हैं। चार हजार से अधिक दुकानें हैं कारोबारी बताते हैं कि टैंक रोड बाजार इससे पहले भी कई बार अमेरिकी एजेंसियों के निशाने पर रहा है। मौजूदा समय में यहां चार हजार से अधिक दुकानें हैं। टैंक रोड रेडीमेड गारमेंट्स एंड क्लॉथ डीलर्स वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष सतवंत सिंह कहते हैं कि कुछ लोगों की कारस्तानी का खामियाजा पूरे बाजार को भुगतना पड़ रहा है, जबकि यह बाजार खुद के उत्पादों से अपनी पहचान बना रहा है।