तंत्र-मंत्र के नाम पर ऐसे होता है इलाज, बाबा जंजीरों में बांधकर भगाते हैं भूत

लखनऊ। तंत्र-मंत्र और जादू टोने के नाम पर समाज में फैले अंधविश्वास का फायदा अक्सर धर्म के नाम पर तथाकथित बाबाओं ने उठाया है। इस बात की बानगी देती हुई यह तस्वीर किसी मानसिक रोगी की नहीं बल्कि एक ऐसी लड़की की है, जिसे किसी भूत-प्रेत के साये के शक में जंजीरों से जकड़ा गया है। बताया जाता है कि यहां पर अक्सर ऐसे नजारे देखने को मिल जाते हैं, जिनका इलाज तथाकथित बाबा तंत्र-मंत्र से करते हैं। मामला यूपी के रायबरेली जिले का है। मामला प्रशासन के संज्ञान में होने के बावजूद कोई कार्रवाई करने की पहल नहीं कर सका।




रायबरेली जिले के महराजगंज थाना क्षेत्र में बरियार गांव है। यहां पर छत्रपाल भुइहारे बाबा मंदिर है। स्थानीय लोगो का कहना है कि यहां पर बाबा मानसिक रूप से पीड़ित लोगों का इलाज तंत्र-मंत्र से करते हैं। हालांकि इलाज करने के तरीके से इस बात का साफ अंदाजा लगाया जा सकता है कि बीमार व्यक्ति को इन तरीकों से कितना फायदा होगा।


जंजीरों-पेड़ में बांधकर होता है इलाज—

लोगों का कहना है कि बीते कई दिनों से यहां पर इलाज के लिये आये लोगों का जमावड़ा लगा रहता है। रोगियों को पेड़ से बांधकर बेरहमी से जंजीरों से जकड़ दिया जाता है और फिर बाबा बीमार व्यक्ति का झाड-फूंक कर इलाज शुरू करते हैं। हालांकि जब इस बारे में जब मंदिर के बाबा से बातचीत की गयी तो उन्होने खुद को सिद्धी प्राप्त होने की बात कही और इस जंजीरों में जकड़ने के तरीके को इलाज का एक हिस्सा बताया।


बच्ची को जकड़ा जंजीरों में—

यहां मंदिर में बाबा के पास बाराबंकी के रहने वाले अयोध्या प्रसाद पहुंचे हुए थे। उनके मुताबिक बेटी रक्षा को फाइलेर‍िया की श‍िकायत है, डाक्टरों से इलाज कराने के बाद भी कोई फायदा नहीं हुआ। कुछ लोगों ने इस मंद‍िर के बारे में जानकारी दी और वो यहां पहुंच गए। यहां आने पर उसे जंजीर से बांध द‍िया गया। एक सप्ताह हो गया, लेक‍िन अभी ठीक नहीं हुई है।

डीएम ने की कार्रवाई की बात—

इस बारे में जब रायबरेली के जिलाधिकारी अनुज कुमार झा से बात की गयी, तो उन्होने कहा क‍ि मामला संज्ञान में आया है, बच्च‍ियों-मह‍िलाओं को जंजीर में जकड़कर इलाज करना अमानवीय है। वहीं ग्रामीणों ने बताया कि पीड़ित बच्ची को प्रशासन ने छुड़ाया, लेकिन मंदिर के ट्रस्टियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गयी।