महिला कर्मचारियों की संख्या बढ़ाएगी टाटा स्टील

Tata Steel
महिला कर्मचारियों की संख्या बढ़ाएगी टाटा स्टील

मुंबई। टाटा स्टील ने अपने कर्मचारियों में महिलाओं की संख्या बढ़ाने की योजना बनाई है। जिसके लिए कंपनी ने 2020 तक अपने कुल कर्मचारियों में महिला कर्मचारियों की संख्या बढ़ाकर 20 प्रतिशत करने की फैसला किया है। फिलहाल कंपनी के महिला कर्मचारियों का प्रतिशत 11 है।

Tata Steel Working On Workforce Gender Diversity :

कंपनी के चीफ डायवर्सिटी ऑफिसर और टाटा समूह के ग्रुप एचआर अत्रेयी एस सान्याल ने की इस योजना का खुलासा करते हुए कहा, ‘जेंडर डायवर्सिटी किसी भी बिजनेस के लिए जरूरी है। इसकी कमी आपके बिजनेस के लिए नुकसानदायक साबित हो सकती है। अगर आपके पास अलग अलग सोच के लोग हैं तो कारोबार में आने वाली अलग अलग चुनौतियों का सामना करने के लिए अपके पास कई विकल्प होते हैं। जिससे चुनौतियों को आसानी से हल किया जा सकता है, जो कि मुनाफा और कारोबार बढ़ाने के मौके पैदा करता है।’

उन्होंने कहा, ‘हम आगामी सालों में बड़ी संख्या में महिलाओं को नौकरी देने का की तैयारी कर रहे है। टाटा स्टील मानती है कि महिला किसी भी काम में एक पुरुष से कम नहीं है। हम महिला को भरपूर अवसर देने में भरोसा करते हैं।’

उनके मुताबिक महिलाएं माइनिंग, उत्पादन और इंजीनियरिंग के क्षेत्र में तेजी से आगे आ रहीं हैं। इंजीनियरिंग के शीर्ष संस्थानों को समझना चाहिए कि जब वे महिला इंजीनियर तैयार करेंगे तभी उनकी डिमांड बढ़ेगी। टाटा समूह शुरूआती दिनों से ऐसे इंजीनियरिंग संस्थानों के संपर्क में रहा है जहां से प्रतिभावान महिला इंजीनियर उसे मिले हैं। जिन्होंने अपनी क्षमता से प्रभावित किया है।

इस मौके पर उन्होंने मैटर्निटी पॉलिसी में सुधार का भी जिक्र किया, वर्तमान पॉलिसी मैटर्निटी को नौकरी करने वाली महिलाओं के लिए चुनौती पूर्ण विषय बना देती है।

मुंबई। टाटा स्टील ने अपने कर्मचारियों में महिलाओं की संख्या बढ़ाने की योजना बनाई है। जिसके लिए कंपनी ने 2020 तक अपने कुल कर्मचारियों में महिला कर्मचारियों की संख्या बढ़ाकर 20 प्रतिशत करने की फैसला किया है। फिलहाल कंपनी के महिला कर्मचारियों का प्रतिशत 11 है।कंपनी के चीफ डायवर्सिटी ऑफिसर और टाटा समूह के ग्रुप एचआर अत्रेयी एस सान्याल ने की इस योजना का खुलासा करते हुए कहा, ‘जेंडर डायवर्सिटी किसी भी बिजनेस के लिए जरूरी है। इसकी कमी आपके बिजनेस के लिए नुकसानदायक साबित हो सकती है। अगर आपके पास अलग अलग सोच के लोग हैं तो कारोबार में आने वाली अलग अलग चुनौतियों का सामना करने के लिए अपके पास कई विकल्प होते हैं। जिससे चुनौतियों को आसानी से हल किया जा सकता है, जो कि मुनाफा और कारोबार बढ़ाने के मौके पैदा करता है।’उन्होंने कहा, ‘हम आगामी सालों में बड़ी संख्या में महिलाओं को नौकरी देने का की तैयारी कर रहे है। टाटा स्टील मानती है कि महिला किसी भी काम में एक पुरुष से कम नहीं है। हम महिला को भरपूर अवसर देने में भरोसा करते हैं।’उनके मुताबिक महिलाएं माइनिंग, उत्पादन और इंजीनियरिंग के क्षेत्र में तेजी से आगे आ रहीं हैं। इंजीनियरिंग के शीर्ष संस्थानों को समझना चाहिए कि जब वे महिला इंजीनियर तैयार करेंगे तभी उनकी डिमांड बढ़ेगी। टाटा समूह शुरूआती दिनों से ऐसे इंजीनियरिंग संस्थानों के संपर्क में रहा है जहां से प्रतिभावान महिला इंजीनियर उसे मिले हैं। जिन्होंने अपनी क्षमता से प्रभावित किया है।इस मौके पर उन्होंने मैटर्निटी पॉलिसी में सुधार का भी जिक्र किया, वर्तमान पॉलिसी मैटर्निटी को नौकरी करने वाली महिलाओं के लिए चुनौती पूर्ण विषय बना देती है।