शिक्षक भर्ती फर्जीवाड़ा: खुद को बीजेपी नेता बताने वाले का नाम घोटाले में आया, कैबिनेट मंत्री का बताता था करीबी

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शिक्षक भर्ती फर्जीवाड़ा: इस बीजेपी नेता का घोटाले में आया नाम, खुद को बताता था कैबिनेट मंत्री का करीबी

प्रयागराज। उत्तर प्रदेश सहायक शिक्षक में हुए फर्जीवाड़े में हर दिन नया खुलासा हो रहा है। अब इस घोटाले में एक बीजेपी नेता का नाम भी सामने आ रहा है। वहीं, मामले की जांच कर रही एसटीएफ ने आरोपी बीजेपी नेता को वांटेड घोषित कर दिया है। दरअसल,यूपी शिक्षक भर्ती में अनामिका शुक्ला प्रकरण के बाद से लगातार हर रोज नए खुलासे और घोटाले सामने आ रहें हैं। जिसकी जांच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पेशल टास्क फोर्स को सौंपी है।

Teacher Recruitment Fakewara This Bjp Leaders Name In The Scam Used To Tell Himself Close To Cabinet Minister :

जांच में लगी एसटीएफ ने शिक्षक भर्ती घोटाले में एक रसूखदार भाजपा नेता को भी वांछित घोषित किया है। बताया जा रहा है कि प्रयागराज के काफी नामी भाजपा नेता चंद्रमा सिंह विद्यलाय के संचालक हैं। सूत्रों के मुताबिक़, भाजपा नेता चंद्रमा यादव के कॉलेज से ही शिक्षक भर्ती का पेपर लीक हुआ था।

मामले में एसटीएफ ने गिरोह के सरगना डा. के एल पटेल हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसके बयानों के आधार पर एसटीएफ का रुख भाजपा नेता की ओर गया। जो फिलहाल अंडरग्राउंड हैं और एसटीएफ ने उसे वांटेड घोषित कर दिया है। गौरतलब है कि, भाजपा नेता चंद्रमा सिंह खुद को एक कैबिनेट मंत्री का प्रतिनिध बताता था। वह मंत्री के प्रतिनिधि के तौर पर कई सरकारी बैठकों व आयोजनों में शामिल होते रहते हैं। इसके अलावा चंद्रमा सिंह पार्टी के किसान मोर्चे में प्रदेश की कार्यसमिति के सदस्य भी है। प्रयागराज बीजेपी की महानगर इकाई में उपाध्यक्ष पद पर भी रखे।

टीईटी का पेपर लीक मामले में गया था जेल
गौरतलब है कि इसी साल 8 जनवरी को टीईटी का पेपर लीक होने के बाद मामले में भाजपा नेता चंद्रमा समेत गिरोह को गिरफ्तार किया गया था। उनके पास से 180 मोबाइल फोन और 220 प्री एक्टिवेटेड सिम बरामद हुए। हाल ही में चंद्रमा जमानत पर जेल से रिहा हुआ है। वहीं शिक्षक भर्ती फर्जीवाड़ा फिर सुर्खियों में आने के बाद से वह फरार है। खास बात ये है कि पिछले हफ्ते ही चंद्रमा जमानत पर जेल से छूटा है। शिक्षक भर्ती में नाम उछलने के बाद से ही वह फरार चल रहा है। दो दिन पहले यूपी सरकार के प्रवक्ता सिद्धार्थनाथ सिंह ने कहा था कि आरोपी बीजेपी से जुड़े हों फिर भी शिक्षक भर्ती मामले में सभी दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी। एसटीएफ ने चन्द्रमा के मोबाइल नम्बर्स को भी सर्विलांस पर लगाया है।

प्रयागराज। उत्तर प्रदेश सहायक शिक्षक में हुए फर्जीवाड़े में हर दिन नया खुलासा हो रहा है। अब इस घोटाले में एक बीजेपी नेता का नाम भी सामने आ रहा है। वहीं, मामले की जांच कर रही एसटीएफ ने आरोपी बीजेपी नेता को वांटेड घोषित कर दिया है। दरअसल,यूपी शिक्षक भर्ती में अनामिका शुक्ला प्रकरण के बाद से लगातार हर रोज नए खुलासे और घोटाले सामने आ रहें हैं। जिसकी जांच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पेशल टास्क फोर्स को सौंपी है। जांच में लगी एसटीएफ ने शिक्षक भर्ती घोटाले में एक रसूखदार भाजपा नेता को भी वांछित घोषित किया है। बताया जा रहा है कि प्रयागराज के काफी नामी भाजपा नेता चंद्रमा सिंह विद्यलाय के संचालक हैं। सूत्रों के मुताबिक़, भाजपा नेता चंद्रमा यादव के कॉलेज से ही शिक्षक भर्ती का पेपर लीक हुआ था। मामले में एसटीएफ ने गिरोह के सरगना डा. के एल पटेल हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसके बयानों के आधार पर एसटीएफ का रुख भाजपा नेता की ओर गया। जो फिलहाल अंडरग्राउंड हैं और एसटीएफ ने उसे वांटेड घोषित कर दिया है। गौरतलब है कि, भाजपा नेता चंद्रमा सिंह खुद को एक कैबिनेट मंत्री का प्रतिनिध बताता था। वह मंत्री के प्रतिनिधि के तौर पर कई सरकारी बैठकों व आयोजनों में शामिल होते रहते हैं। इसके अलावा चंद्रमा सिंह पार्टी के किसान मोर्चे में प्रदेश की कार्यसमिति के सदस्य भी है। प्रयागराज बीजेपी की महानगर इकाई में उपाध्यक्ष पद पर भी रखे। टीईटी का पेपर लीक मामले में गया था जेल गौरतलब है कि इसी साल 8 जनवरी को टीईटी का पेपर लीक होने के बाद मामले में भाजपा नेता चंद्रमा समेत गिरोह को गिरफ्तार किया गया था। उनके पास से 180 मोबाइल फोन और 220 प्री एक्टिवेटेड सिम बरामद हुए। हाल ही में चंद्रमा जमानत पर जेल से रिहा हुआ है। वहीं शिक्षक भर्ती फर्जीवाड़ा फिर सुर्खियों में आने के बाद से वह फरार है। खास बात ये है कि पिछले हफ्ते ही चंद्रमा जमानत पर जेल से छूटा है। शिक्षक भर्ती में नाम उछलने के बाद से ही वह फरार चल रहा है। दो दिन पहले यूपी सरकार के प्रवक्ता सिद्धार्थनाथ सिंह ने कहा था कि आरोपी बीजेपी से जुड़े हों फिर भी शिक्षक भर्ती मामले में सभी दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी। एसटीएफ ने चन्द्रमा के मोबाइल नम्बर्स को भी सर्विलांस पर लगाया है।