डाक्टरों ने की 13 घंटे 20 मिनट में 53 लोगों का मोटापा घटाने की सर्जरी, बनाया रिकार्ड

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इंदौर। डॉक्टरों के विशेषज्ञ दल ने मध्य प्रदेश के इंदौर में महज 13 घंटे 20 मिनट में 53 लोगों का मोटापा घटाने की सर्जरी करने का दावा किया हैए इन 53 लोगों में 182 किलोग्राम के बेहद भारी वजन वाला मरीज भी शामिल है।

Team Of Doctors Did 53 Surgeries In 13 Hours Gets Name In Record Book Of London :

इस कारनामे को वल्र्ड बुक ऑफ रेकॉड्र्स लंदन ने कीर्तिमान के रूप में मान्यता देते हुए दल के मुखिया सर्जन के नाम प्रमाणपत्र जारी किया है। सर्जन मोहित भंडारी ने गुरुवार को बताया कि उनकी अगुवाई वाले 11 सदस्यीय दल ने 1 मई को सुबह 6 बजे से अलग- अलग बेरियाट्रिक सर्जरी यानि मोटापा घटाने के ऑपरेशन का सिलसिला शुरू किया जो शाम सात बजकर 20 मिनट तक चला।

इस दौरान 35 महिलाओं समेत कुल 53 लोगों का मोटापा घटाने के सिलसिलेवार ऑपरेशन किए गए। उन्होंने बताया कि बेरियाट्रिक सर्जरी से गुजरने वाले इन 53 लोगों में बांग्लादेश और केन्या का एक-एक मरीज शामिल है। इन मरीजों की उम्र 23 से 68 वर्ष के बीच है। भंडारी ने बताया 100 किलोग्राम से लेकर 182 किलोग्राम तक के वजन वाले ये मरीज मोटापे के कारण मधुमेह, हाइपरटेंशन, स्लीप एपनिया और कुछ अन्य गंभीर बीमारियों से जूझ रहे थे।

इनमें से कुछ मरीज तो ऐसे थे कि जिनकी जिंदगी अत्यधिक वजन के कारण अपने घर में सिमट कर रह गई थी। उन्होंने बताया कि बेरियाट्रिक सर्जरी के बाद सभी 53 मरीजों की हालत पर नजर रखे जाने के बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।

इंदौर। डॉक्टरों के विशेषज्ञ दल ने मध्य प्रदेश के इंदौर में महज 13 घंटे 20 मिनट में 53 लोगों का मोटापा घटाने की सर्जरी करने का दावा किया हैए इन 53 लोगों में 182 किलोग्राम के बेहद भारी वजन वाला मरीज भी शामिल है। इस कारनामे को वल्र्ड बुक ऑफ रेकॉड्र्स लंदन ने कीर्तिमान के रूप में मान्यता देते हुए दल के मुखिया सर्जन के नाम प्रमाणपत्र जारी किया है। सर्जन मोहित भंडारी ने गुरुवार को बताया कि उनकी अगुवाई वाले 11 सदस्यीय दल ने 1 मई को सुबह 6 बजे से अलग- अलग बेरियाट्रिक सर्जरी यानि मोटापा घटाने के ऑपरेशन का सिलसिला शुरू किया जो शाम सात बजकर 20 मिनट तक चला। इस दौरान 35 महिलाओं समेत कुल 53 लोगों का मोटापा घटाने के सिलसिलेवार ऑपरेशन किए गए। उन्होंने बताया कि बेरियाट्रिक सर्जरी से गुजरने वाले इन 53 लोगों में बांग्लादेश और केन्या का एक-एक मरीज शामिल है। इन मरीजों की उम्र 23 से 68 वर्ष के बीच है। भंडारी ने बताया 100 किलोग्राम से लेकर 182 किलोग्राम तक के वजन वाले ये मरीज मोटापे के कारण मधुमेह, हाइपरटेंशन, स्लीप एपनिया और कुछ अन्य गंभीर बीमारियों से जूझ रहे थे। इनमें से कुछ मरीज तो ऐसे थे कि जिनकी जिंदगी अत्यधिक वजन के कारण अपने घर में सिमट कर रह गई थी। उन्होंने बताया कि बेरियाट्रिक सर्जरी के बाद सभी 53 मरीजों की हालत पर नजर रखे जाने के बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।