आखिरकार पीएम मोदी से हारा देश का असली चौकीदार, वाराणसी से तेजबहादुर का नामांकन रद्द

tej bahadur yadav
आखिरकार पीएम मोदी से हारा देश का असली चौकीदार, वाराणसी से तेजबहादुर का नामांकन रद्द

नई दिल्ली। वाराणसी से पीएम मोदी के खिलाफ सपा—बसपा गठबंधन की तरफ से दावेदारी करने वाला देश का असली चौकीदार आखिरकार हार गया। निर्वाचन अधिकारी द्वारा जारी किए गए दो नोटिसों का जवाब देने बुधवार दोपहर 11 बजे तेज बहादुर यादव अपने वकील के साथ आरओ से मिलने पहुंचे, जहां अधिकारी ने उनके नामांकन को खारिज कर दिया। बताया जा रहा है कि यहां से शालिनी यादव सपा की तरफ से चुनावी मैदान में मोदी को टक्कर देंगी।

Tej Bahadur Yadav Nomination From Varanasi Get Dismissed On Wednesday :

बता दें कि नामांकन पत्र के नोटिस के जवाब देने के दौरान तेज बहादुर के समर्थकों और पुलिस के बीच जमकर नोकझोंक हुई, जिसके बाद पुलिस ने समर्थकों को कचहरी परिसर से बाहर कर दिया। गौरतलब हो कि नामांकन पत्रों की जांच में बीएसएफ से बर्खास्त किए जाने के संबंध में दो नामांकन पत्रों में अलग-अलग जानकारी सामने आने के बाद उन्हें नोटिस दिया गया था।

जांच के दौरान जिला निर्वाचन अधिकारी सुरेंद्र सिंह द्वारा यादव को बीएसएफ से बर्खास्तगी के संबंध में दो नामांकन पत्रों में अलग-अलग जानकारी देने पर नोटिस देकर 24 घंटे में बीएसएफ से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेकर प्रस्तुत करने को कहा गया था।

जिला निर्वाचन अधिकारी की ओर से तेज प्रताप को कहा गया था कि कि वो बीएसएफ से प्रमाणपत्र लेकर आएं जिसमें साफ—साफ लिखा हो कि उन्हे नौकरी से किस वजह से बर्खास्त किया गया है। इसके लिए उन्हे बुधवार दोपहर 11 बजे तक का समय दिया गया था।

नई दिल्ली। वाराणसी से पीएम मोदी के खिलाफ सपा—बसपा गठबंधन की तरफ से दावेदारी करने वाला देश का असली चौकीदार आखिरकार हार गया। निर्वाचन अधिकारी द्वारा जारी किए गए दो नोटिसों का जवाब देने बुधवार दोपहर 11 बजे तेज बहादुर यादव अपने वकील के साथ आरओ से मिलने पहुंचे, जहां अधिकारी ने उनके नामांकन को खारिज कर दिया। बताया जा रहा है कि यहां से शालिनी यादव सपा की तरफ से चुनावी मैदान में मोदी को टक्कर देंगी। बता दें कि नामांकन पत्र के नोटिस के जवाब देने के दौरान तेज बहादुर के समर्थकों और पुलिस के बीच जमकर नोकझोंक हुई, जिसके बाद पुलिस ने समर्थकों को कचहरी परिसर से बाहर कर दिया। गौरतलब हो कि नामांकन पत्रों की जांच में बीएसएफ से बर्खास्त किए जाने के संबंध में दो नामांकन पत्रों में अलग-अलग जानकारी सामने आने के बाद उन्हें नोटिस दिया गया था। जांच के दौरान जिला निर्वाचन अधिकारी सुरेंद्र सिंह द्वारा यादव को बीएसएफ से बर्खास्तगी के संबंध में दो नामांकन पत्रों में अलग-अलग जानकारी देने पर नोटिस देकर 24 घंटे में बीएसएफ से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेकर प्रस्तुत करने को कहा गया था। जिला निर्वाचन अधिकारी की ओर से तेज प्रताप को कहा गया था कि कि वो बीएसएफ से प्रमाणपत्र लेकर आएं जिसमें साफ—साफ लिखा हो कि उन्हे नौकरी से किस वजह से बर्खास्त किया गया है। इसके लिए उन्हे बुधवार दोपहर 11 बजे तक का समय दिया गया था।