तेजस्वी यादव का नीतीश कुमार पर हमला- बिहार सीएम की नियत पर उठाये सवाल

Tejashwi Yadav, CM Nitish Kumar
तेजस्वी यादव का नीतीश कुमार पर हमला- बिहार सीएम की नियत पर उठाये सवाल

पटना। बिहार में लगातार नागरिकता कानून, एनसीआर और एनपीआर को लेकर लालू यादव की आरजेडी और नितीश की जेडीयू पार्टी के नेताओं के बीच घमासान जारी है। दोनो पार्टियों के नेता अक्सर एक दूसरे पर आरोप लगाते रहते हैं। वहीं अब लालू यादव के बेटे व पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने बिहार के सीएम नितीश कुमार पर हमला किया है। इस बार उन्होने नितीश कुमार की नियत पर ही सवाल उठा दिये और बोले कि नितीश लगातार बिहार के लोगों को झूंठा आश्वासन दे रहे हैं।

Tejashwi Yadav Attacked Nitish Kumar Questions Raised On Bihar Cms Destiny :

बिहार में इस समय नितीश कुमार के नेत्रत्व में जेडीयू और बीजेपी की मिलकर सरकार चल रही है वहीं आरजेडी विपक्ष की भूमिका निभा रही है। विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने सीएम नीतीश कुमार पर बिहार की जनता को धोखा देने का आरोप लगाया है। उन्होने नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर मुख्यमंत्री की नियत साफ है तो NPR की अधिसूचना जारी क्यों की? अगर वो सच में जनता का भला सोंच रहे हैं तो एनपीआर की अधिसूचना रद्द कर दें।

तेजस्वी यादव ने शुक्रवार को ट्वीट किया, ‘नीतीश जी का NRC नहीं लागू करने का झूठा आश्वासन ठीक वैसे ही है जैसे सर्जन सर्जरी करने के पहले बेहोशी की सुई देकर मरीज को दर्द नहीं होने का आश्वासन देता है। नीतीश जी, अगर नियत साफ है तो NPR की अधिसूचना जारी क्यों की? अगर मंशा ठीक है तो तत्काल प्रभाव से NPR की अधिसूचना रद्द कीजिए।’

आपको बता दें कि मोदी सरकार के विपक्षी दल पूरे देश में सीएए, एनसीआर और एनपीआर का विरोध कर रहे हैं। वहीं बिहार के उप-मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने हाल ही में कहा था कि राज्य में 15 मई से NPR की प्रक्रिया शुरू होगी और यह 28 मई तक चलेगी। उन्होने यह भी कहा था कि एनपीआर के लिए कोई नया रजिस्टर तैयार नहीं किया जा रहा है।

सुशील मोदी ने यह भी साफ किया था कि यह जनगणना का हिस्सा है और इसका एनआरसी से कोई संबंध नहीं है। उन्होन बताया ​था कि एनपीआर के लिए लोगों को किसी तरह का कोई दस्तावेज नहीं देना है। सुशील मोदी ने कहा था कि राज्य एनपीआर लागू करने के लिए बाध्य हैं। नागरिकता से संबंधित सारे कानून बनाने का अधिकार सिर्फ केंद्र सरकार को है।

पटना। बिहार में लगातार नागरिकता कानून, एनसीआर और एनपीआर को लेकर लालू यादव की आरजेडी और नितीश की जेडीयू पार्टी के नेताओं के बीच घमासान जारी है। दोनो पार्टियों के नेता अक्सर एक दूसरे पर आरोप लगाते रहते हैं। वहीं अब लालू यादव के बेटे व पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने बिहार के सीएम नितीश कुमार पर हमला किया है। इस बार उन्होने नितीश कुमार की नियत पर ही सवाल उठा दिये और बोले कि नितीश लगातार बिहार के लोगों को झूंठा आश्वासन दे रहे हैं। बिहार में इस समय नितीश कुमार के नेत्रत्व में जेडीयू और बीजेपी की मिलकर सरकार चल रही है वहीं आरजेडी विपक्ष की भूमिका निभा रही है। विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने सीएम नीतीश कुमार पर बिहार की जनता को धोखा देने का आरोप लगाया है। उन्होने नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर मुख्यमंत्री की नियत साफ है तो NPR की अधिसूचना जारी क्यों की? अगर वो सच में जनता का भला सोंच रहे हैं तो एनपीआर की अधिसूचना रद्द कर दें। तेजस्वी यादव ने शुक्रवार को ट्वीट किया, 'नीतीश जी का NRC नहीं लागू करने का झूठा आश्वासन ठीक वैसे ही है जैसे सर्जन सर्जरी करने के पहले बेहोशी की सुई देकर मरीज को दर्द नहीं होने का आश्वासन देता है। नीतीश जी, अगर नियत साफ है तो NPR की अधिसूचना जारी क्यों की? अगर मंशा ठीक है तो तत्काल प्रभाव से NPR की अधिसूचना रद्द कीजिए।' आपको बता दें कि मोदी सरकार के विपक्षी दल पूरे देश में सीएए, एनसीआर और एनपीआर का विरोध कर रहे हैं। वहीं बिहार के उप-मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने हाल ही में कहा था कि राज्य में 15 मई से NPR की प्रक्रिया शुरू होगी और यह 28 मई तक चलेगी। उन्होने यह भी कहा था कि एनपीआर के लिए कोई नया रजिस्टर तैयार नहीं किया जा रहा है। सुशील मोदी ने यह भी साफ किया था कि यह जनगणना का हिस्सा है और इसका एनआरसी से कोई संबंध नहीं है। उन्होन बताया ​था कि एनपीआर के लिए लोगों को किसी तरह का कोई दस्तावेज नहीं देना है। सुशील मोदी ने कहा था कि राज्य एनपीआर लागू करने के लिए बाध्य हैं। नागरिकता से संबंधित सारे कानून बनाने का अधिकार सिर्फ केंद्र सरकार को है।