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लद्दाख सीमा पर तनाव जारी, ड्रोन से दोनों देश कर रहे LAC की निगरानी

Tension Continues On Ladakh Border Both Countries Monitoring Lac With Drones

By टीम पर्दाफाश 
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नई दिल्ली: लद्दाख सीमा पर भारत और चीन के बीच गतिरोध जारी है. लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (एलएसी) पर माहौल तनावपूर्ण बना हुआ और दोनों देशों की ओर से जवानों की तैनाती बढ़ा दी गई है. इस बीच चीन के ड्रोन कई बार भारतीय क्षेत्र में देखे गए हैं. सूत्रों का कहना है कि चीनी ड्रोन पिछले कुछ हफ्तों में कम से कम चार भारतीय पोजिशन पर देखे गए थे.

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दोनों देशों के बीच एक महीने से अधिक समय से जारी गतिरोध के कारण सेनाएं एक दूसरे पर नजर रखने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल कर रही हैं. भारतीय सेना की 14 कोर ने एलएसी पर नजर रखने के लिए हेरॉन मीडियम एल्टीट्यूड लॉन्ग एंड्यूरेंस (MALE) ड्रोन तैनात किए हैं. यह ड्रोन लगातार 24 घंटे तक 10 किलोमीटर ऊंची उड़ान भर सकता है.

जमीन पर सैनिकों को मैन-पोर्टेबल ड्रोन से लैस किया गया है. खास तौर पर ‘स्पाईलाइट’ मिनी यूएवी सिस्टम से लद्दाख सीमा की निगरानी की जा रही है. यह ड्रोन साइरन सॉल्यूशंस एंड सिस्टम्स और इजराइली फर्म ब्लूबर्ड एयरो सिस्टम्स के संयुक्त उद्यम से 2018 में ऊंचाई वाली जगहों पर निगरानी के लिए लिया गया था.

ये ड्रोन प्रतिकूल मौसम की स्थिति में भी काम करता है. इसमें 10,000 मीटर या 30,000 फीट की ऊंचाई पर सभी मौसम की स्थिति में रिअल टाइम वीडियो फुटेज देने की क्षमता है. पिछले महीने, चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के मुखपत्र ग्लोबल टाइम्स ने घोषणा की कि उसके नए मानव रहित हेलीकाप्टर ड्रोन को एलएसी के साथ तैनात किया जा सकता है.

रिपोर्ट में कहा गया है कि AR500C को 5,000 मीटर की ऊंचाई पर उड़ान भराया जा सकता है और इसमें 6,700 सीलिंग है. चीन का यह ड्रोन पांच घंटे तक उड़ान भर सकता है. इसके अधिकतम स्पीड 170 किलोमीटर है और यह अधिकतम 500 किलोग्राम वजन उठा सकता है.

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