महकमा मेहरबान तो सरकारी भवन बना प्राइवेट ‘गोदाम’

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महकमा मेहरबान तो सरकारी भवन बना प्राइवेट 'गोदाम'

अमेठी। उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले मे एक कहावत बड़ी सटीक बैठ रही है कि अंधेर नगरी चौपट राजा। इस जिले का प्रशासन पता नहीं किस धुन में मगन है, जिसे न तो सरकारी जमीनों पर हो रहे अतिक्रमण नजर आते हैं और न ही सरकारी इमारतों पर स्थानीय लोगों के कब्जे। गांवों के चारागाह से लेकर शहर और कस्बे की सड़कें तक मुट्ठी भर दबंगों ने कब्जा कर रखीं हैं। सड़कें बिल्डिंग मटीरियल बेंचने वालों के लिए डंपिंग यार्ड बनी हुईं हैं, तो गांव के प्राइमरी स्कूल की बिल्डिंग में किसी दबंग ने अपना खलिहान बना लिया है।

Tent House Owner Using Governments Building As Godown Amethi News :

ऊपर नजर आ रही तस्वीर अमेठी जिले के शुकुलबाजार ब्लॉक के ठाकुरगंज (तिवारीपुर) की है। जहां बने सुल्तानपुर दुग्ध उत्पादक सहकारी समिति की बिल्डिंग को एक टेंट कारोबारी ने अपनी गोदाम में तब्दील कर दिया है। यह बिल्डिंग 2007-08 में बन कर तैयार हुई थी, जिसका लोकार्पण तत्कालीन जिलाधिकारी संजय कुमार ने किया था।

साहब को जाता है किराया —

पर्दाफाश के सूत्रों का माने तो इस सरकारी इमारत को टेंट हाउस का गोदाम बनाने में सहकारी समिति से जुड़े एक सरकारी अधिकारी का बड़ा हाथ है। स्थानीय लोगों ने कई बार इस पर आपत्ति जताई, लेकिन बाद में पता चला कि टेंट हाउस के मालिक बिल्डिंग के प्रयोग के बदले सहाब को किराया पहुंचाता है।

व्यवस्था को मुंह चिढ़ा रही ये इमारत-

स्थानीय लोगों की माने तो इस भवन के निर्माण के समय स्थानीय पशु पालकों में उम्मीद जागी थी कि अब वे इस जगह से अपने दूध को सही कीमत पर बेंच सकेंगे। बिल्डिंग बनकर तैयार हुई लेकिन व्यवस्था जस की तस ही रही। पशु पालकों को अपना दूध स्थानीय बल्टाहारों के हाथों औने पौने दामों पर बेंचना पड़ रहा है।

ये है जनपेक्षा-

जिले के सम्वेदनशील डीएम योगेश कुमार से जनपेक्षा है की यथाशीघ्र ही इस बिल्डिंग को अवैध कब्जे से मुक्त करवाया जाय ।

रिपोर्ट@राम मिश्रा/अखिलेश ।

अमेठी। उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले मे एक कहावत बड़ी सटीक बैठ रही है कि अंधेर नगरी चौपट राजा। इस जिले का प्रशासन पता नहीं किस धुन में मगन है, जिसे न तो सरकारी जमीनों पर हो रहे अतिक्रमण नजर आते हैं और न ही सरकारी इमारतों पर स्थानीय लोगों के कब्जे। गांवों के चारागाह से लेकर शहर और कस्बे की सड़कें तक मुट्ठी भर दबंगों ने कब्जा कर रखीं हैं। सड़कें बिल्डिंग मटीरियल बेंचने वालों के लिए डंपिंग यार्ड बनी हुईं हैं, तो गांव के प्राइमरी स्कूल की बिल्डिंग में किसी दबंग ने अपना खलिहान बना लिया है।ऊपर नजर आ रही तस्वीर अमेठी जिले के शुकुलबाजार ब्लॉक के ठाकुरगंज (तिवारीपुर) की है। जहां बने सुल्तानपुर दुग्ध उत्पादक सहकारी समिति की बिल्डिंग को एक टेंट कारोबारी ने अपनी गोदाम में तब्दील कर दिया है। यह बिल्डिंग 2007-08 में बन कर तैयार हुई थी, जिसका लोकार्पण तत्कालीन जिलाधिकारी संजय कुमार ने किया था।साहब को जाता है किराया —पर्दाफाश के सूत्रों का माने तो इस सरकारी इमारत को टेंट हाउस का गोदाम बनाने में सहकारी समिति से जुड़े एक सरकारी अधिकारी का बड़ा हाथ है। स्थानीय लोगों ने कई बार इस पर आपत्ति जताई, लेकिन बाद में पता चला कि टेंट हाउस के मालिक बिल्डिंग के प्रयोग के बदले सहाब को किराया पहुंचाता है।व्यवस्था को मुंह चिढ़ा रही ये इमारत-स्थानीय लोगों की माने तो इस भवन के निर्माण के समय स्थानीय पशु पालकों में उम्मीद जागी थी कि अब वे इस जगह से अपने दूध को सही कीमत पर बेंच सकेंगे। बिल्डिंग बनकर तैयार हुई लेकिन व्यवस्था जस की तस ही रही। पशु पालकों को अपना दूध स्थानीय बल्टाहारों के हाथों औने पौने दामों पर बेंचना पड़ रहा है।ये है जनपेक्षा-जिले के सम्वेदनशील डीएम योगेश कुमार से जनपेक्षा है की यथाशीघ्र ही इस बिल्डिंग को अवैध कब्जे से मुक्त करवाया जाय ।रिपोर्ट@राम मिश्रा/अखिलेश ।