मुलायम-अखिलेश के बीच हुआ विचार मंथन, निष्कासित युवा नेताओं की सपा में हो सकती है वापसी

लखनऊ: समाजवादी पार्टी से बीते दिनों अखिलेश की टीम के युवा नेताओं और पार्टी के वरिष्ठ नेता प्रो. रामगोपाल यादव के भांजे समेत अन्य नेताओं का हुआ निष्कासन रद्द हो सकता है। इसको लेकर सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव और मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के बीच विचार-मंथन हुआ है। इस मंथन में अहम भूमिका सपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रो. रामगोपाल यादव ने भी निभाई है।दो मंत्रियों की बर्खास्तगी और मुख्य सचिव दीपक सिंघल को पदच्युत करने के साथ ही सपा प्रदेश अध्यक्ष पद से मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को हटाने की घटना ने बीते दिनों समाजवादी परिवार में तूफान खड़ा कर दिया।




इसको लेकर कई दिनों तक चले घटनाक्रम के दौरान ही सपा प्रदेश अध्यक्ष बने शिवपाल सिंह यादव ने टीम अखिलेश के युवा नेताओं आनंद भदौरिया, सुनील साजन, संजय लाठर (तीनों एमएलसी) और युवा फ्रंटल संगठनों के चार प्रमुखों को पार्टी से निष्कासित किया। करीब 140 अन्य युवाओं के इस्तीफे स्वीकार किए। इसके पहले प्रो. रामगोपाल यादव के सगे भांजे एमएलसी अरविन्द कुमार सिंह यादव व कुछ अन्य नेताओं का निष्कासन भी शिवपाल ने किया।समाजवादी परिवार में सुलह- समझौते के दौर में ही मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने दो बर्खास्त मंत्रियों में से एक गायत्री प्रसाद प्रजापति की वापसी तो कर दी। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने सार्वजनिक तौर पर अपनी टीम के नेताओं को लेकर कहा कि पार्टी के वरिष्ठ नेता अनुभवी हैं। उन्हें निष्कासित नेताओं की वापसी करनी चाहिए। इसके साथ ही समाजवादी परिवार में निष्कासित नेताओं की वापसी को लेकर प्रक्रिया शुरू हो रही है।

सूत्रों के मुताबिक मुलायम सिंह यादव के निर्देश पर ही 3 अक्टूबर को प्रो. रामगोपाल यादव लखनऊ आये। यहां उनकी मुलायम से मुलाकात हुई। इस दौरान मुख्यमंत्री भी मौजूद थे। सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री और प्रो. रामगोपाल यादव की बात को सुनने के बाद मुलायम निष्कासित नेताओं की वापसी को तैयार हो गये हैं मगर अभी इसको लेकर शिवपाल सिंह यादव से बात होनी बाकी है। सपा सुप्रीमो चाहते हैं कि नेताओं की वापसी हो मगर इसके लिए कोई दूसरा तरीका अपनाया जाये।