नैशनल तौहीद जमात पर हो रहा श्रीलंका धमाकों का शक

नैशनल तौहीद जमात पर हो रहा श्रीलंका धमाकों का शक
नैशनल तौहीद जमात पर हो रहा श्रीलंका धमाकों का शक

कोलंबो। श्रीलंका में हुए सिलसिलेवार आठ धमाकों में अभी तक 290 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि मरने वालों में 35 विदेशी भी शामिल हैं। वहीं इस घटना में 350 से ज्यादा लोग घायल हैं। इस घटना के बाद वहां के लोगों में दहशत फैली हुई है। पुलिस ने इस सिलसिले में अब तक 13 लोगों को गिरफ्तार किया है। हालांकि किसी संगठन ने भी तक इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन श्रीलंका की पुलिस को इस हमले के शक की सुई वहां के चरमपंथी इस्लामिक संगठन नैशनल तौहीद जमात (एनटीजे) पर टिकी हुई है। जाने एनटीजे के बारे में…..

Terror Accused Thawheed Jamaat In Srilanka :

क्या है नैशनल तौहीद जमात

एनटीजी (नैशनल तौहीद जमात) श्रीलंका का एक चरमपंथी इस्लामिक संगठन है। जिसे तौहीद-ए-जमात के नाम से भी जाना जाता है। इस संगठन पर श्रीलंका में वहाबी विचारधारा को बढ़ाने का आरोप है। इस संगठन का प्रभाव श्रीलंका के पूर्वी प्रांत में ज्यादा देखा गया है। यह संगठन देश के कई हिस्सों में महिलाओं के लिए बुर्का और मस्जिदों के निर्माण के साथ शरीया कानून को आगे बढ़ाने में लगा है।

खबरों के मुताबिक संगठन का नाम पहली बार 2013 में सामने आया था। उस दौरान खुफिया एजेंसियों ने इस संगठन के आईएसआईएस से तार जुड़े होने की बात कही थी। आईएसआईएस से प्रभावित लोगों के इस संगठन से जुड़े होने की बात भी सामने आई थी। इन हमलों में इस संगठन पर सबसे ज्यादा शक होने का भी यही कारण है।

कोलंबो। श्रीलंका में हुए सिलसिलेवार आठ धमाकों में अभी तक 290 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि मरने वालों में 35 विदेशी भी शामिल हैं। वहीं इस घटना में 350 से ज्यादा लोग घायल हैं। इस घटना के बाद वहां के लोगों में दहशत फैली हुई है। पुलिस ने इस सिलसिले में अब तक 13 लोगों को गिरफ्तार किया है। हालांकि किसी संगठन ने भी तक इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन श्रीलंका की पुलिस को इस हमले के शक की सुई वहां के चरमपंथी इस्लामिक संगठन नैशनल तौहीद जमात (एनटीजे) पर टिकी हुई है। जाने एनटीजे के बारे में..... क्या है नैशनल तौहीद जमात एनटीजी (नैशनल तौहीद जमात) श्रीलंका का एक चरमपंथी इस्लामिक संगठन है। जिसे तौहीद-ए-जमात के नाम से भी जाना जाता है। इस संगठन पर श्रीलंका में वहाबी विचारधारा को बढ़ाने का आरोप है। इस संगठन का प्रभाव श्रीलंका के पूर्वी प्रांत में ज्यादा देखा गया है। यह संगठन देश के कई हिस्सों में महिलाओं के लिए बुर्का और मस्जिदों के निर्माण के साथ शरीया कानून को आगे बढ़ाने में लगा है। खबरों के मुताबिक संगठन का नाम पहली बार 2013 में सामने आया था। उस दौरान खुफिया एजेंसियों ने इस संगठन के आईएसआईएस से तार जुड़े होने की बात कही थी। आईएसआईएस से प्रभावित लोगों के इस संगठन से जुड़े होने की बात भी सामने आई थी। इन हमलों में इस संगठन पर सबसे ज्यादा शक होने का भी यही कारण है।