‘आतंकियों को सजा दिलाने को बने एंटी टेररिस्ट मिलिट्री कोर्ट’

भोपाल| ऑल इंडिया एंटी टेररिस्ट फ्रंट के चेयरमैन मनिंदर जीत सिंह बिट्टा ने आतंकवादियों को जल्दी सजा दिलाने के लिए केंद्र सरकार से ‘एंटी टेररिस्ट मिल्रिटी कोर्ट’ बनाने की मांग की है। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से फरार हुए प्रतिबंधित संगठन स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (सिमी) के आठ विचाराधीन कैदियों के पुलिस मुठभेड़ में मारे जाने की कार्रवाई को जायज ठहराते हुए बिट्टा ने कहा कि अगर ये आतंकवादी भाग जाते तो सरकार और पुलिस पर सवाल उठते और अब जब मारे गए हैं तो भी सवाल उठ रहे हैं। ये आतंकी कितनों का कल्तेआम कर सकते थे, इसका अंदाजा किसी को नहीं है।




उन्होंने आगे कहा, “आतंकवादियों को जेल से भागने का मौका ही न मिले इसके लिए जरूरी है कि उन्हें जल्दी से जल्दी सजा दी जाए। इसलिए केंद्र सरकार को ‘एंटी टेरेरिस्ट मिल्रिटी कोर्ट’ बनाना चाहिए। यह कोर्ट छह माह के भीतर सजा सुनाए।” बिट्टा ने मुठभेड़ को लेकर सवाल उठाने वाले खासकर कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव दिग्विजय सिंह पर करारा हमला बोला। उन्होंने कहा, “ये वे लोग हैं, जो आतंकवादियों के समर्थन में खड़े हो जाते हैं। बाटला हाउस मुठभेड़ में पुलिस का अफसर शहीद हो गया था, तब भी ऐसा ही हुआ था। भोपाल में भी जो जवान शहीद हुआ है, वह भी किसी का पति, भाई और पिता है।”

सिमी कार्यकर्ताओं द्वारा गाल रेतकर मारे गए प्रहरी रमाशंकर यादव के घर जाकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान व अन्य मंत्रियों ने शोक जताया। इस पर बिट्टा ने कहा, “क्या जेल में शहीद हुआ जवान भाजपा का था। आरएसएस का था। वह पाकिस्तान का नहीं था, वह हिंदुस्तान की पुलिस का एक जवान था, उसके घर किसी और दल का नेता क्यों नहीं गया?” बिट्टा ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा जेल से फरार होने और मुठभेड़ की जांच की बात पर असहमति जताई। उनका कहना है कि जांच सिर्फ जेल तोड़ने की होनी चाहिए, मुठभेड़ की नहीं।